India Bloc March: 2.8 करोड़ मृतकों के नाम वोटर लिस्ट में रहने चाहिए थे? राहुल गांधी से बीजेपी ने पूछे 10 सवाल

India Bloc March: 2.8 करोड़ मृतकों के नाम वोटर लिस्ट में रहने चाहिए थे? राहुल गांधी से बीजेपी ने पूछे 10 सवाल


नई दिल्ली. भाजपा ने 6 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर निर्वाचन आयोग तक विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के मार्च की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा अराजकता पैदा करने और राहुल गांधी को फिर से लॉन्च करने का एक और प्रयास था. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी की आलोचना की और उन पर सुप्रीम कोर्ट को गलत तरीके से उद्धृत करके ‘भ्रम’ फैलाने और ‘अपनी राजनीति को बढ़ावा देने’ की कोशिश करने का आरोप लगाया.

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई का हवाला देते हुए पात्रा ने कहा कि अदालत ने यह नहीं कहा कि फॉर्म-छह अवैध था. इससे पहले, गांधी ने ‘एक्स’ पर दावा किया था कि अब यह संदेह से परे स्थापित हो चुका है कि सीईसी ने फॉर्म-छह को ‘अवैध रूप से और एकतरफा’ बदल दिया. मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए लोग फॉर्म-6 का इस्तेमाल करते हैं.

भाजपा सांसद ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया. उसने सिर्फ नोटिस जारी किए हैं. अभी तक सुनवाई भी नहीं हुई है. प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने कहा है कि जब सुनवाई होगी, तब मामले की जांच की जाएगी. फिर भी, राहुल गांधी देश में अराजकता, झूठ, छल और भ्रम का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि गांधी सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर ‘अपनी राजनीति को बढ़ावा देने’ की कोशिश कर रहे हैं और उसका गलत उद्धरण दे रहे हैं.

संबित पात्रा ने कहा, “मैं राहुल गांधी से 10 सवाल पूछना चाहता हूं. SIR का विरोध करते समय, कांग्रेस जवाब दे कि जो 2.8 करोड़ मृतकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाया गया है, क्या वो हटना नहीं चाहिए था? क्या राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी वोट चोरी से सांसद बने हैं? क्या कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और हिमाचल की सरकार वोट चोरी से बनी है? क्या 1952 से 2014 तक 12 SIR हुए, क्या इनके बाद जो कांग्रेस की सरकार बनी, क्या वो अवैध सरकार थी? 6.8 लाख जो विपक्षी बूथ लेवल के जो BLA थे, वो शिकायत क्यों नहीं कर रहे थे कि नाम डिलीट हो गया?”

उन्होंने कहा, “कांग्रेस बार-बार हर संभव तरीके से राहुल गांधी को लॉन्च और फिर से लॉन्च करने की कोशिश करती रही है. जब, कई प्रयासों के बावजूद, वह अपनी पकड़ बनाने में विफल रहे, तो कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगियों ने तय किया कि भले ही इसके लिए अराजकता का सहारा लेना पड़े और देश के लोकतंत्र को कमजोर करना पड़े, वे किसी भी कीमत पर राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से लॉन्च करेंगे.” पात्रा ने कहा, “इन प्रयासों के तहत, उन्होंने समय-समय पर भारतीय सेना, सुप्रीम कोर्ट, हिंदुओं और ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों) पर हमला किया। और पिछले कुछ हफ्तों से, वह निर्वाचन आयोग पर हमला कर रहे हैं.”



Source link