स्वतंत्र भारद्वाज को मिली नियमित जमानत, SC-ST एक्ट में दर्ज है मामला
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Swatantra Bhardwaj Get Bail: स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की एक अदालत ने नियममित जमानत दे दी है. स्वतंत्र पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है. इससे पहले उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी. SC/ST एक्ट से जुड़े मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली स्थित पटियाला कोर्ट से नियमित जमानत मिली है. यह उनके लिए बड़ी राहत है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज पर दलित छात्रा निशू आजाद के पिता के साथ मारपीट करने का आरोप है. इसी मामले में उनके खिलाफ SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार 6 अक्टूबर 2026 को नियमित जमानत दे दी है. (फाइल फोटो)
Swatantra Bhardwaj Get Bail: स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की एक अदालत ने नियममित जमानत दे दी है. स्वतंत्र पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है. इससे पहले उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी. SC/ST एक्ट से जुड़े मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली स्थित पटियाला कोर्ट से नियमित जमानत मिली है. यह उनके लिए बड़ी राहत है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज पर दलित छात्रा निशू आजाद के पिता के साथ मारपीट करने का आरोप है. इसी मामले में उनके खिलाफ SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने जंतर-मंतर पर हुए कथित विवाद से जुड़े एससी/एसटी एक्ट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को नियमित जमानत दे दी है. अदालत ने मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद भारद्वाज को राहत प्रदान की और नियमित जमानत मंजूर कर ली. इससे पहले पिछली सुनवाई में अदालत ने भारद्वाज को 3 सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी. इस अवधि के समाप्त होने के बाद मंगलवार को मामले की सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने नियमित जमानत देने का फैसला किया.
जानें पूरा मामला
मामला राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर 23 जून को हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित विवाद से जुड़ा है. शिकायत के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान शिकायतकर्ता और स्वतंत्र भारद्वाज के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई थी. बताया गया है कि विवाद की शुरुआत वीडियो बनाए जाने को लेकर हुई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई होने लगी. इसी दौरान स्वतंत्र भारद्वाज पर शिकायतकर्ता के सिर पर लोहे के भारी कड़े से कथित तौर पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया गया.