यूपी चुनाव 2027: बीजेपी के जमीनी नेता क्यों हो रहे नाराज, संजय त्रिपाठी के बाद दिनेश शर्मा का सोशल मीडिया पोस्ट

यूपी चुनाव 2027: बीजेपी के जमीनी नेता क्यों हो रहे नाराज, संजय त्रिपाठी के बाद दिनेश शर्मा का सोशल मीडिया पोस्ट


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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी के जमीनी नेताओं की ओर से नाराजगी जाहिर करने का सिलसिला दिख रहा है. अब गौतमबुद्ध नगर जिले के बीजेपी नेता दिनेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त किया है. कहा कि नई बीजेपी में संगठन का जिम्मा संभाल रहे नेता अब पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को कार्यक्रमों तक के बारे में नहीं बताते हैं. उनके इस पोस्ट पर बीजेपी के 10 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने कॉमेंट लिखकर आरोप लगाए हैं कि अब बीजेपी पहले वाली पार्टी नहीं रही.

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गौतमबुद्धनगर जिले के बीजेपी नेता दिनेश शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट लिखकर नाराजगी जाहिर की है

विधानसभा चुनाव 2027 में अभी वक्त है, लेकिन गौतमबुद्धनगर बीजेपी में संगठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. पार्टी के कुछ पुराने कार्यकर्ताओं की सोशल मीडिया पोस्ट ने अंदरूनी नाराजगी को सामने ला दिया है. आरोप संगठन में पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने के लगे हैं.

सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आया दर्द

बीजेपी नेता दिनेश शर्मा ने जिला संगठन को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की. उनका आरोप है कि संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे लोग पार्टी के कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी चुनिंदा लोगों तक ही सीमित रखते हैं. पुराने कार्यकर्ताओं को कई बार कार्यक्रमों की सूचना तक नहीं मिलती. दिनेश शर्मा की पोस्ट के बाद कई पुराने कार्यकर्ता भी सामने आए. 10 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी. कुछ ने संगठन में उपेक्षा का आरोप लगाया तो कुछ ने साफ शब्दों में लिखा कि ‘अब पुरानी बीजेपी नहीं रही’.

इन कॉमेंट्स से संगठन के भीतर चल रही चर्चा को सोशल मीडिया तक पहुंचा दिया है. हालांकि, लगाए गए आरोपों पर जिला संगठन की ओर से अभी कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

युवा मोर्चा के पद को लेकर भी चर्चा

गौतमबुद्धनगर बीजेपी में सिर्फ पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी ही चर्चा में नहीं है. युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद को लेकर भी अंदरखाने हलचल बताई जा रही है. संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे एक नेता की जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ा. बताया जा रहा है कि यह नेता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में खुद को मजबूत दावेदार मान रहे थे.

मुलाकात के बाद उनके सोशल मीडिया पोस्ट ने भी कई सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने सवालिया अंदाज में पूछा कि क्या जेवर विधायक बीजेपी नेता नहीं हैं? उनकी इस पोस्ट को पार्टी के भीतर बढ़ती दूरी और पद को लेकर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है.

चुनावी तैयारी के बीच संगठन की परीक्षा

गौतमबुद्धनगर बीजेपी में सामने आए ये मामले ऐसे समय में चर्चा में हैं, जब पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है. चुनाव से पहले बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना बीजेपी की प्राथमिकताओं में है. ऐसे में पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी और संगठन में पदों को लेकर उठती चर्चाएं पार्टी के लिए अहम मानी जा रही हैं. फिलहाल, सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों ने इतना जरूर संकेत दिया है कि चुनावी तैयारियों के बीच संगठन के अंदर सब कुछ शांत नहीं है.

बता दें कि पिछले दिनो गोरखपुर से एक तस्वीर सामने आई थी, जब बीजेपी के पुराने नेता संजय त्रिपाठी बिलकुल मायूसी में भावुक होते हुए अपनी गाड़ी से बीजेपी का झंडा हटाते हुए देखे गए थे. वह लंबे समय से उम्मीद लगाए हुए थे कि एमएलसी चुनाव में बीजेपी उन्हें प्रत्याशी बनाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इस बात से आहत होकर संजय त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है.



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