Last Updated:
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के टांडा मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ मामले में सुक्खू सरकार ने आरोपी लैब असिस्टेंट को सस्पेंड किया. डॉक्टरों की हड़ताल के बाद सरकार ने एक्शन लिया. एक सप्ताह के बाद एक्शन लिया गया है.
धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के टांडा मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ मामले में सुक्खू सरकार की नींद टूटी है. अब आरोपी लैब असिस्टेंड को सस्पेंड किया गया है. यहां पर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद सरकार को एक्शन लेना पड़ा, जबकि केस दर्ज करने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस ने जांच के लिए नोटिस दिया था.
जानकारी के अनुसार, बीते सप्ताह डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ कथित छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार किया गया था.
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के रोहड़ू और रामपुर के दौरे से शिमला लौटने के बाद रविवार को उन्होंने इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लिया और आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी किए. इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया पूरी की गई.
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार ने आरोपी लैब तकनीशियन के निलंबन की आधिकारिक पुष्टि की है. घटना सामने आने के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही थी.
क्या है मामला
सीनियर एवं जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर संगठन के महासचिव डॉ. आर्यन गैलेरिया के अनुसार, 28 सितंबर को प्रसूति विभाग में एक गंभीर मरीज के लिए रक्त की आवश्यकता पड़ी थी. आरोप है कि ब्लड बैंक में तैनात कर्मचारी ने रक्त उपलब्ध कराने से इनकार किया और महिला रेजिडेंट डॉक्टर को स्वयं ब्लड बैंक आने के लिए कहा. मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ब्लड बैंक पहुंचीं, जहां उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ की गई. मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.
एक सप्ताह तक नहीं हुई कार्रवाई
मामले में एक सप्ताह तक आरोपी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया. टांडा अस्पताल प्रबंधन कमेटी बनाकर मीटिंग की बात करता रहा. हालांकि, पुलिस ने भी केस दर्ज किया और जांच के बाद ही गिरफ्तारी बात कही है. इस संबंध में महिला डॉक्टर के कोर्ट में बयान भी दर्ज हो चुके हैं.