पन्ना. भाजपा नेत्री अमिता बागरी के पति अतुल उर्फ अमित जैन की रायसेन से गिरफ्तारी हुई है. अतुल पर देवेंद्रनगर में मारपीट के आरोप थे और वे फरार चल रहे थे. उनके खिलाफ 6 सितंबर को सौरभ जैन की दुकान में घुसकर मारपीट के आरोप में मामला दर्ज था. गिरफ्तारी के बाद अतुल का पन्ना में जुलूस निकाला गया और मेडिकल के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया. वहीं अमिता बागरी ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. अमित जैन के खिलाफ बीएनएस की धारा 333, 296(बी), 115(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया था. घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था.
पुलिस जब अमित जैन की तलाश में जुटी थी, तब देवेंद्रनगर पुलिस भाजपा नेत्री अमिता बागरी के घर पहुंची थी. इस दौरान थाना प्रभारी और अमिता बागरी के बीच नोकझोंक की बात सामने आई थी. इसके बाद थाना प्रभारी संतोष सिंह यादव की टीम ने आरोपी अतुल जैन को रायसेन से बीती रात गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद रविवार दोपहर आरोपी को पन्ना शहर लाया गया, जहां पुलिस ने उसका जुलूस निकाला. इसके बाद जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया और कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
वहीं, अमिता बागरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें उन्होंने कार्रवाई को राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए स्थानीय विधायक समेत कुछ नेताओं पर आरोप लगाए हैं. अमिता बागरी के पति पर पहले भी दर्जनों मामले दर्ज है.
अमिता बागरी ने कांग्रेस विधायक और पुलिस पर लगाया आरोप
अमिता बागरी ने कहा, ” रायसेन में बाड़ी थाने से अमित जैन को टोल टैक्स से उठाया गया. आपने कोर्ट की अवहेलना की, आपने नहीं माना, अच्छी बात है. उसके बाद सबसे गंभीर विषय, पन्ना पुलिस पर मुझे शर्म आती है. धिक्कार है ऐसी पुलिस अधीक्षक पर जो महिला होकर इस तरीके की हरकतें करवा रही हैं. पूरा पुलिस प्रशासन चूड़ियां पहन लें, आपको शर्म आना चाहिए. आप 333 धारा की लगाते हो, आप नॉर्मल धाराएं लगाते हो. उसके बाद आप एक महीने बाद 307 की धारा लगा रहे हो. मैं खुल कर बोल रही हैं कि आप लोग यह गुनौर विधायक राजेश वर्मा के कहने पर कर रहे हो.”
अमिता बागरी ने की सीएम मोहन यादव से मदद की अपील
अमिता बागरी ने आगे कहा, “जिस तरीके से मुझे परेशान किया जा रहा है ना, मैं मुख्यमंत्री जी से कहना चाहूंगी, मैं आपकी पार्टी की ही हूं. मैं प्रदेश अध्यक्ष जी से कहना चाहूंगी, मुझे पार्टी में 6 महीने पहले चुनाव के जॉइन कराया जाता है. मैंने 15 साल पार्टी को दिए हैं, इसलिए नहीं दिए कि कोई भी विधायक बनेगा और वो मेरे ऊपर आरोप पर आरोप लगाएगा. प्रॉपर्टी का मामला था, विवाद घर का था, आपने धाराएं लगाईं, आपने कार्यवाही की, मैंने कभी नहीं बोला.”
रिपोर्ट- गणेश विश्वकर्मा