Delhi AQI Report: राहत भरे और साफ सितंबर के गुजरते ही राजधानी दिल्ली की आबोहवा ने एक बार फिर करवट ले ली है. हवा की सुस्त रफ्तार ने जमीनी उत्सर्जन को वायुमंडल में कैद करना शुरू कर दिया है, जिसके चलते दिल्ली ने चार साल में अक्टूबर महीने की सबसे जहरीली शुरुआत दर्ज की है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 166 तक पहुंच गया. सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के विश्लेषण से साफ हुआ है कि साल 2022 (जब एक्यूआई 186 था) के बाद से दिल्ली में अक्टूबर के पहले दिन हवा का यह सबसे खराब स्तर है.
राजधानी के कुल 44 निगरानी केंद्रों में से हालात तेजी से बिगड़ते दिखे, जहां 37 स्टेशनों पर हवा ‘मध्यम’ और 5 पर खतरनाक ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज हुई, जबकि महज दो केंद्र ही ‘संतोषजनक’ हवा दर्ज कर पाए. दक्षिणी और बाहरी दिल्ली के कई इलाके गंभीर हॉटस्पॉट में तब्दील हो गए हैं, जिनमें आईआईटी दिल्ली 248 के AQI के साथ सबसे प्रदूषित इलाका रहा, जबकि जहांगीरपुरी (218), द्वारका सेक्टर-8 (214) और नरेला (205) भी ‘खराब’ वायु गुणवत्ता के दायरे में पहुंच गए हैं.
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, 3 अक्टूबर को शहर का एक्यूआई ‘मध्यम’ श्रेणी में रहा और शाम चार बजे 24 घंटे का औसत एक्यूआई 171 दर्ज किया गया, जबकि 2 अक्टूबर को इसी समय यह 174 (मध्यम) था. सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है.
हवा में मौजूद कणों (पार्टिकुलेट लेवल) की मात्रा में अचानक हुई बढ़ोतरी, पिछले महीने के आखिर की स्थिति से बिल्कुल उलट है. उस समय मॉनसून के बाद हुई व्यापक बारिश ने हवा को साफ कर दिया था और AQI को लगभग 100 तक नीचे ला दिया था. बारिश का दौर खत्म होने के बाद, बुधवार को यह इंडेक्स बढ़कर 129 हो गया और गुरुवार को और बढ़कर 166 पर पहुंच गया. हवा में मौजूद प्रदूषकों के धीरे-धीरे फैलने की समस्या, ज़मीन के पास हवा की धीमी गति और खराब वायुमंडलीय वेंटिलेशन (हवा के आवागमन) के कारण और बढ़ गई है, जिससे ये कण साफ नहीं हो पा रहे हैं.
स्मॉग (धुएं और धुंध का मिश्रण) वाली यह शुरुआत पिछले महीने की स्थिति से बिल्कुल अलग है. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आंकड़ों से पता चला है कि सितंबर 2026 में दिल्ली का औसत मासिक AQI 102 दर्ज किया गया, जो पिछले पांच वर्षों में शहर के लिए सबसे साफ सितंबर रहा. ‘एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम’ के अनुमान बताते हैं कि 4 अक्टूबर तक दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘मॉडरेट’ (मध्यम) श्रेणी में रहने की संभावना है, और उसके बाद के छह दिनों में यह ‘मॉडरेट’ और ‘सैटिस्फैक्टरी’ (संतोषजनक) श्रेणियों के बीच ऊपर-नीचे होती रहेगी.