रोज की सब्जियों से हो गए बोर? बघेलखंड की देसी पसंद बांस का करील बनाएं इस तरह, चटपटे स्वाद के दीवाने हो जाएंगे

रोज की सब्जियों से हो गए बोर? बघेलखंड की देसी पसंद बांस का करील बनाएं इस तरह, चटपटे स्वाद के दीवाने हो जाएंगे


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Bamboo Shoot Karil Sabji Recipe: रोज-रोज की सब्जियों से अगर बोर हो गए हैं, तो इस बार बघेलखंड की देसी रसोई का खास स्वाद आजमाइए. बारिश के बाद निकलने वाले बांस के कोमल हिस्से को करील कहा जाता है. इससे बनने वाली सब्जी का स्वाद और बनाने का तरीका दोनों ही खास हैं.

Bamboo Shoot Karil Sabji Recipe: अगर रोज-रोज आलू, भिंडी, लौकी और दूसरी आम सब्जियां खाकर आप भी बोर हो गए हैं तो इस बार कुछ देसी और अलग स्वाद आजमा सकते हैं. बारिश का मौसम बीतने के बाद जब बांस का नया पौधा जमीन फाड़कर बाहर निकलता है तो उसका शुरुआती हिस्सा काफी नरम और खाने लायक होता है. इसी को बघेलखंड में करील कहा जाता है. करील से स्वादिष्ट सब्जी के साथ भुजिया और चटपटा अचार भी बनाया जाता है. गांवों में इसे पारंपरिक तरीके से तैयार कर खाने का चलन रहा है. स्थानीय निवासी अंजलि चतुर्वेदी ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि ताजे और कोमल बांस के अंकुरों से बनने वाली यह सब्जी स्वाद में बाकी सब्जियों से काफी अलग होती है और इसे घर में भी आसानी से बनाया जा सकता है.

सबसे पहले ऐसे तैयार करें बांस का करील
करील की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले ताजे और कोमल बांस के अंकुर लें. इनकी बाहर की सख्त परतों को अच्छी तरह छीलकर हटा दें. इसके बाद अंदर बचे सफेद और नरम हिस्से को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. पारंपरिक तरीके से इन टुकड़ों को सिलवट्टे में अच्छी तरह कूटा जाता है ताकि आगे पकाते समय इसका स्वाद मसालों के साथ अच्छी तरह मिल सके. यहां एक जरूरी बात का ध्यान रखना चाहिए कि कच्चे बांस में प्राकृतिक रूप से कड़वाहट और कुछ ऐसे तत्व हो सकते हैं जिन्हें पकाने से पहले निकालना जरूरी है. इसलिए करील को सीधे सब्जी में डालने के बजाय पहले उसकी कड़वाहट कम करनी चाहिए.

नमक-हल्दी वाले पानी में उबालना जरूरी
कड़वाहट निकालने के लिए कूटे हुए बांस के टुकड़ों को पानी में डालें और उसमें थोड़ा नमक व हल्दी मिला दें. इसे करीब 20 से 30 मिनट तक अच्छी तरह उबालें. उबालने के बाद पानी को पूरी तरह छानकर फेंक दें. इसके बाद करील सब्जी बनाने के लिए तैयार हो जाता है. यह तरीका बांस के अंकुर की कड़वाहट कम करने में मदद करता है और सब्जी का स्वाद भी बेहतर बनता है.

सरसों के तेल और देसी मसालों से आएगा असली स्वाद
अब कढ़ाई को गैस पर रखें और उसमें सरसों का तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर जीरा और तेजपत्ता डालें. इसके बाद बारीक कटा प्याज, अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह भूनें. प्याज के सुनहरा होने तक इसे पकाते रहें. इसके बाद कटे हुए टमाटर या टमाटर की प्यूरी डालें. साथ में हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और स्वाद के अनुसार नमक डालकर मसाले को अच्छी तरह भूनें. मसाला तब तक पकाएं जब तक वह तेल छोड़ने न लगे. यही मसाला करील की सब्जी में देसी और चटपटा स्वाद लाता है.

धीमी आंच पर पकाएं, तभी नरम होगा करील
जब मसाला अच्छी तरह भुन जाए तब इसमें पहले से उबले हुए बांस के टुकड़े डाल दें. मसाले के साथ इसे करीब 4 से 5 मिनट तक अच्छी तरह चलाते हुए भूनें ताकि मसाले का स्वाद करील में अच्छी तरह मिल जाए. इसके बाद जरूरत के हिसाब से करीब एक से डेढ़ कप पानी डालें और कढ़ाई को ढक्कन से ढक दें. अब इसे धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट तक पकने दें. इस दौरान करील नरम हो जाएगा और मसाले के साथ अच्छी तरह पककर स्वादिष्ट बन जाएगा.

रोटी, पराठे या चावल के साथ करें सर्व
सब्जी तैयार होने के बाद गैस बंद कर दें और ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें. गरमा-गरम बांस के करील की सब्जी को रोटी, पराठे या उबले हुए चावल के साथ परोसा जा सकता है. बरसात के बाद जंगल और खेतों के आसपास निकलने वाले कोमल बांस के अंकुरों से बनने वाली यह पारंपरिक सब्जी बघेलखंड के देसी खान-पान की खास पहचान भी मानी जाती है. अगर आप रोज की एक जैसी सब्जियों से अलग कुछ चखना चाहते हैं तो सही तरीके से तैयार किया गया करील एक अलग और चटपटा देसी स्वाद दे सकता है.



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