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Daulat Ram College: दिल्ली के दौलत राम कॉलेज ने देश को मुख्यमंत्री, IAS, IPS और जज तक दिए हैं. 1960 में प्रमिला कॉलेज के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान बाद में दौलत राम गुप्ता के नाम पर रखा गया. यह दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में है. आइये जानते हैं इस कॉलेज के इतिहास के बारे में.
नई दिल्ली: दिल्ली में एक बहुत ही मशहूर कॉलेज है, जो कि गर्ल्स कॉलेज है. इस कॉलेज ने अब तक देश को मुख्यमंत्री से लेकर कई बड़े आईएएस आईपीएस से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जज तक दिए हैं. यही नहीं, कई कलाकार भी इस कॉलेज से पढ़कर निकले हैं. इस कॉलेज का नाम दौलत राम कॉलेज है. यहीं से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी पढ़ाई पूरी की और यहीं से उन्होंने कॉलेज में राजनीति के भी गुण सीखे. यहीं से उन्होंने अपनी पूरी पढ़ाई करने के बाद भारतीय राजनीति में अपना हाथ आजमाया.
आज यहां के हॉल ऑफ फेम दीवार पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ ही यहां से जितनी भी बड़ी हस्तियां पढ़कर निकली हैं, उन सब की फोटो लगी हुई है. आखिर क्या है दौलत राम कॉलेज का इतिहास, इसे बहुत कम ही लोग जानते हैं, तो चलिए आज आपको बताते हैं दौलत राम कॉलेज का इतिहास और इसकी खास जानकारी के बारे में.
पहले था प्रमिला कॉलेज
दिल्ली का मशहूर दौलत राम कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में स्थित महिला महाविद्यालय है. कॉलेज की स्थापना 1960 में शिक्षाविद् दौलत राम गुप्ता ने की थी. इस कॉलेज की शुरुआत 1960 में प्रमिला कॉलेज के नाम से हुई थी. बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि दौलत राम कॉलेज का नाम पहले दौलत राम कॉलेज था ही नहीं. जहां शुरुआत में यह कॉलेज काफी छोटा था. इसमें लगभग 350 छात्राएं, 13 शिक्षक 2 गैर शिक्षण कर्मचारी थे.
आपको बता दें कि कॉलेज का उद्देश्य महिलाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था. कॉलेज 1964 में नॉर्थ दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस में स्थानांतरित हुआ और उसी समय इसका नाम दौलत राम कॉलेज रखा गया. यानी कह सकते हैं कि 1960 में प्रमिला कॉलेज के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में स्थानांतरित हुआ और दौलत राम कॉलेज के नाम से जाना गया.
इस वजह से नाम है दौलत राम कॉलेज
दिल्ली के कुछ इतिहासकारों से पूछने पर पता चला कि कॉलेज का नाम इसके संस्थापक दौलत राम गुप्ता के नाम पर रखा गया है. कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट उन्हें संस्थापक के रूप में दर्ज करती है. उनका उद्देश्य महिलाओं को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराना था. जो केवल डिग्री तक सीमित न हो, बल्कि उनके बौद्धिक और सामाजिक विकास में भी मदद करे. आज यहां पर 4000 से ज्यादा छात्राएं पढ़ रही हैं. 200 के करीब टीचर हैं. आज यहां हर विषय की पढ़ाई होती है. यहां पर प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कैंटीन और कई बड़े ब्रांड के रेस्टोरेंट के साथ ही छात्रावास है. तमाम हाईटेक सुविधाएं हैं और यह कैंपस आज दिल्ली का बेहद खूबसूरत कैंपस भी कहलाता है.