गोल्डी बराड़ का जिक्र आते ही मीडिया की खबरें आंखों के सामने तैर जाती हैं, जिसमें कनाडा में बैठे गैंगस्टर की तरफ से कहीं शूटिंग तो कहीं धमकी देने की बातें सामने आती हैं. पंजाब से लेकर अमेरिका तक क्राइम सिंडिकेट तैयार करने वाला गोल्डी बराड़ कौन है? एक पुलिसवाले का बेटा आखिर इतनी सीढ़ियां कैसे चढ़ गया कि भारत की तरफ से आतंकवादी लिस्ट में डाले जाने के साथ ही अब एफबीआई ने भी टॉप-10 मोस्ट वान्टेड में शामिल करते हुए एक मिलियन डॉलर का इनाम रखा है. ये गोल्डी बराड़ है कौन जो लॉरेंस बिश्नोई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वारदात को अंजाम दे रहा है. वह मर्डर से लेकर हथियारों और ड्रग्स की तस्करी तक में शामिल है. गोल्डी के तार खलिस्तान तक से जुड़े हैं. उसने क्या किया है और भारत में उस पर कौन से आरोप हैं?
लड़कपन से ही मारपीट और गुंडागर्दी की वारदात में शामिल रहे गोल्डी बराड़ का असली नाम सतिंदरजीत सिंह बराड़ है. वह शुरू से ही मनबढ़ किस्म का था और बाद में अपने एक रिश्तेदार की हत्या का बदला लेने की सनक ने उसे जुर्म की दुनिया में पहुंचा दिया, जहां से वापस लौटना मुमकिन ही नहीं. वह लॉरेंस गैंग से जुड़ गया. देश और दुनिया में वह तब हाइलाइट हुआ जब फेमस पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए उसने पोस्ट डाला. मुश्किल से 32-33 साल का यह युवक आज भारत के गृह मंत्रालय की UAPA के तहत घोषित आतंकियों की लिस्ट में शामिल है.
कहां का है गोल्डी? क्या फैमिली बैकग्राउंड
सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ का जन्म 11 मार्च 1994 को पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में हुआ था. बाद में उसका परिवार फरीदकोट जिले के कोट कपूरा चला गया. गोल्डी के पिता शमशेर सिंह पंजाब पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर थे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बेटे की करतूत की वजह से उन्हें बाद में अनिवार्य रिटायरमेंट दे दिया गया. 2017 में गोल्डी बराड़ स्टूडेंट वीजा पर कनाडा चला गया.
यंग ऐज से ही अपराध की वारदात
हालांकि कनाडा निकलने से पहले भी उसके खाते में कुछ छोटे-मोटे कांड शामिल हैं. साल 2012 में मोगा में रेलवे क्रॉसिंग के पास गोल्डी ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर फायरिंग की थी. अपनी कार से जिम जा रहे एक शख्स पर गोलियां दागकर फरार हो गए. अपराध साबित नहीं होने पर 3 साल बाद गोल्डी को बरी कर दिया गया. 2013 में अबोहर के एक युवक ने आरोप लगाया कि गोल्डी और अन्य लोगों ने कार में किडनैप करके मारपीट किया. बाद में इस मामले से भी वो बरी हो गया. कनाडा जाने और फिर लॉरेंस से सांठगांठ के बाद वह खूंखार हो गया.
कनाडा और लॉरेंस के साथ से खूंखार
अक्टूबर 2020 चंडीगढ़ में गोल्डी के रिश्ते में चचेरे भाई लगने वाले छात्र नेता गुरलाल बराड़ की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन SOPU का नेता गुरलाल असल में लॉरेंस बिश्नोई का करीबी था. इस हत्या ने गोल्डी को झकझोर दिया और बदले के चक्कर में उसने लॉरेंस के साथ हाथ मिला लिया. गोल्डी बराड़ ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कमान संभाली और विदेशी जमीन से ही ऑपरेट करना शुरू किया. फरवरी 2021 में गुरलाल बराड़ की हत्या के जवाब में, फरीदकोट के यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या कर दी गई. इस मर्डर में सीधे तौर पर गोल्डी बराड़ का नाम मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया.
सिद्धू मूसेवाला कांड से दहला देश
इसके बाद आई 29 मई 2022 की तारीख, जिसने पूरे देश को हिला डाला. पंजाब के मानसा में मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी. वह अपने घर से निकलकर अपनी थार से कहीं जा रहे थे कि रास्ते में घेरकर उन्हें मार डाला गया. इस वारदात के कुछ ही घंटे बाद सोशल मीडिया पर गोल्डी बराड़ ने जिम्मेदारी लेते हुए लिखा- हां, मूसेवाला को हमने मारा है. यह मर्डर चंडीगढ़ में विक्की मिड्डुखेड़ा की हत्या का बदला लेने के लिए लॉरेंस के साथ मिलकर की गई थी.
गोल्डी बराड़ पर भारत में क्या-क्या गंभीर आरोप हैं?
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों जैसे NIA, पंजाब पुलिस, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की फाइल के मुताबिक, गोल्डी बराड़ एक संगठित क्राइम सिंडिकेट चलाता है. उस पर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड होने का आरोप है. पंजाब के मशहूर सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की पूरी प्लानिंग, शार्प शूटर्स का इंतजाम, आधुनिक हथियार मुहैया कराने के साथ ही फंडिंग का जिम्मा कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ का ही था.
गोल्डी बराड़ पर टारगेट किलिंग्स और रंगदारी के साथ ही पाकिस्तान से हथियारों और ड्रग्स की तस्करी तक का आरोप है. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में व्यापारी, नेता और विरोधी गैंग के गुर्गों को गोलियों से भूनने का आरोप है. भारतीय व्यापारियों, गायकों और बिल्डरों को इंटरनेट कॉलिंग के जरिए जान से मारने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलना भी शामिल है.
पाकिस्तान और खालिस्तान ग्रुप का सपोर्ट
वह पाकिस्तान से हथियारों और ड्रग्स की तस्करी भी करता है. NIA के मुताबिक, गोल्डी बराड़ के संबंध सीमा पार पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी संगठन जैसे बब्बर खालसा इंटरनेशनल से हैं. वह ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार और ड्रग्स मंगवाकर भारत में सप्लाई करता है.
गैंग चलाने का मॉडस ऑपरेंडी क्या है?
कनाडा या अमेरिका में छिपकर बैठकर भारत में क्राइम नेटवर्क चलाना गोल्डी की सबसे बड़ी ताकत रहा है. वह मॉड्यूलर क्राइम सिस्टम ऑपरेट करता है. मतलब गोल्डी भारत में ऐसे युवाओं को चुनता है जो पैसे या गैंग के डर से अपराध करने को तैयार हों. पंजाब के गैंगवार में गोल्डी की दुश्मनी बंबीहा गैंग के साथ है.
अक्सर शूटर एक-दूसरे को नहीं जानते हैं. सिग्नल, टेलीग्राम और सेशन जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स मैसेजिंग के जरिए भारत में शार्प शूर्ट्स को निर्देश और टारगेट की लोकेशन दी जाती है. वह जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के साथ सिंडिकेट पार्टनरशिप चलाता है. दोनों मिलकर कांड करते हैं.
होम मिनिस्ट्री ने जनवरी 2024 में UAPA के तहत गोल्डी बराड़ को आतंकवादी घोषित किया गया. इंटरपोल भारत के अनुरोध पर जून 2022 में गोल्डी बराड़ के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया. वह कनाडा के मोस्ट वांटेड अपराधियों की लिस्ट में तो था ही लेकिन अब अमेरिकी एजेंसी एफबीआई की लिस्ट में भी आ गया. गोल्डी बराड़ भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में टॉप पर बना हुआ है. फिलहाल एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण के लिए लगातार कोशिश कर रही है.