Jyeshtha Maitrei IPS Story: सिलबट्टे पर चटनी पीसती SP का वीडियो देखा आपने? DSP से IPS बनीं थीं ज्येष्ठा मैत्रेयी

Jyeshtha Maitrei IPS Story: सिलबट्टे पर चटनी पीसती SP का वीडियो देखा आपने? DSP से IPS बनीं थीं ज्येष्ठा मैत्रेयी


SP viral video IPS Jyeshtha Maitrei: राजस्थान की IPS अधिकारी ज्येष्ठा मैत्रेयी एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वजह कोई पुलिस कार्रवाई या प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि उनका एक बिल्कुल अलग अंदाज है सवाई माधोपुर की पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी ने अपने स्टाफ के साथ उन्‍होंने खुद सिलबट्टे पर धनिया, टमाटर और हरी मिर्च की चटनी बनाई हालांकि ज्येष्ठा मैत्रेयी का नाम इससे पहले भी राजस्थान पुलिस में काफी चर्चा में रहा है. साल 2024 में जब वह भिवाड़ी की SP थीं तब उनके ही साइबर सेल के पुलिसकर्मियों पर उनकी मोबाइल लोकेशन कथित तौर पर ट्रैक करने का मामला सामने आया था.

इस मामले में सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था बाद की जांच में भी इस मामले को लेकर कई अहम बातें सामने आईं.आइए जानते हैं कि आखिर कौन हैं ज्येष्ठा मैत्रेयी, कहां की रहने वाली हैं, उन्होंने कितनी पढ़ाई की, कब UPSC पास किया और राजस्थान पुलिस में अब तक किन-किन पदों पर काम किया?

मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं ज्येष्ठा मैत्रेयी

ज्येष्ठा मैत्रेयी मूल रूप से मध्य प्रदेश के गुना की रहने वाली हैं. उनका जन्म और पालन-पोषण गुना जैसे छोटे शहर में हुआ. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 2013 में एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से B.Tech की डिग्री पूरी की. उन्‍होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन से बीटेक किया है यानी जिस क्षेत्र में उन्होंने पढ़ाई की उनका आगे का करियर उससे अलग दिशा में गया. इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी का रास्ता चुना.

पहले MPPSC पास किया, फिर UPSC

ज्येष्ठा मैत्रेयी ने सिर्फ UPSC की तैयारी नहीं की,बल्कि इससे पहले MPPSC परीक्षा भी पास की थी.उनका सेलेक्‍शन MPPSC के लिए हुआ और वह मध्य प्रदेश पुलिस में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP)के पद पर रहीं.मुरैना में DSP के तौर पर काम करने के दौरान भी उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि पुलिस सेवा में रहते हुए उनकी ट्रेनिंग सुबह करीब साढ़े चार बजे से शुरू हो जाती थी.इसके बावजूद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी नहीं छोड़ी.यहीं से उनके करियर में एक और बड़ा मोड़ आया.

2017 में UPSC में हासिल की AIR 156

ज्येष्ठा मैत्रेयी ने UPSC सिविल सर्विसेज एग्‍जामिनेशन 2017 पास की.UPSC रिजल्ट रिकॉर्ड के अनुसार उन्‍होंने ऑल इंडिया रैंक 156 हासिल की.उन्हें भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS आवंटित हुई.उनका UPSC रोल नंबर 641260 था और अंतिम परिणाम में उन्होंने 1041 अंक हासिल किए थे. UPSC रिकॉर्ड के अनुसार उनका सेलेक्‍शन जनरल श्रेणी में हुआ था.इसके बाद वह 2018 बैच की राजस्थान कैडर की IPS अधिकारी बनीं. उन्होंने 27 अगस्त 2018 को IPS जॉइन किया.

राजस्थान कैडर में ASP 

UPSC पास करने और ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ज्येष्ठा मैत्रेयी की राजस्थान कैडर में पोस्टिंग हुई. राजस्थान में उनकी शुरुआती तैनाती उदयपुर के गिरवा सर्कल में ASP के तौर पर हुई थी.इसके बाद वह राजस्थान के अलग-अलग जिलों में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहीं. उन्होंने फील्ड पोस्टिंग के साथ-साथ क्राइम ब्रांच में भी जिम्मेदारी संभाली.

भीलवाड़ा से सवाई माधोपुर तक 

ज्येष्ठा मैत्रेयी की पोस्टिंग के कई पड़ाव दर्ज हैं. 2022 में वह भीलवाड़ा में ASP रहीं. इसके बाद 2023 में सवाई माधोपुर नहीं, बल्कि सिरोही में SP की जिम्मेदारी संभाली. सेवा रिकॉर्ड में 2023 और 2024 के दौरान भीलवाड़ा और सिरोही से जुड़ी उनकी पोस्टिंग दर्ज हैं.इसके बाद 2024 में वह भिवाड़ी की SP बनीं. 2025 में भी वह भिवाड़ी SP के पद पर रहीं. बाद में उनका तबादला सवाई माधोपुर किया गया और 30 जुलाई 2025 से सवाई माधोपुर की एसपी के पद पर हैं.

भिवाड़ी SP रहते हुए क्यों आई थीं सुर्खियों में?

ज्येष्ठा मैत्रेयी का नाम साल 2024 में एक बेहद अलग मामले की वजह से चर्चा में आया था. उस समय वह भिवाड़ी की SP थीं. आरोप सामने आया कि भिवाड़ी साइबर सेल के कुछ पुलिसकर्मी उनकी मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर रहे थे.रिपोर्टों के मुताबिक ज्येष्ठा मैत्रेयी को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने मामले की जांच कराई प्रारंभिक जांच में साइबर सेल से जुड़े पुलिसकर्मियों द्वारा उनकी लोकेशन ट्रेस किए जाने की बात सामने आई. इसके बाद सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था. इनमें साइबर सेल के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर श्रवण जोशी, हेड कॉन्स्टेबल अवनेश कुमार और कांस्टेबल राहुल, सतीश, दीपक, भीम और रोहतास शामिल थे.मामले में यह भी सामने आया था कि उनकी लोकेशन करीब 15 बार ट्रेस किए जाने का आरोप था. जांच में यह बात भी सामने आई कि लोकेशन ट्रेस करने के लिए भेजे गए मैसेज से जुड़ी चैट डिलीट कर दी गई थी.

साइबर सेल के प्रभारी पर भी लगा था आरोप

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा सब-इंस्पेक्टर श्रवण जोशी की हुई थी. वह भिवाड़ी साइबर सेल के प्रभारी थे और सीधे SP को रिपोर्ट करते थे. रिपोर्टों के मुताबिक उन पर ही ज्येष्ठा मैत्रेयी की लोकेशन ट्रैक करने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप लगा था हालांकि बाद की कार्रवाई में मामले की स्थिति में बदलाव भी हुआ. नवंबर 2024 की रिपोर्ट के अनुसार सात में से छह पुलिसकर्मियों को बाद में बहाल कर दिया गया था, जबकि साइबर सेल के प्रभारी SI श्रवण जोशी निलंबित रहे और उनके खिलाफ अलग विभागीय चार्जशीट की कार्रवाई जारी थी.

अब सवाई माधोपुर में चटनी बनाते हुए दिखी 

अब सितंबर 2026 में ज्येष्ठा मैत्रेयी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार उनका अंदाज बिल्कुल अलग है. सवाई माधोपुर के पालीघाट स्थित वन विभाग के रेस्ट हाउस में पुलिस स्टाफ के लिए गेट-टू-गेदर कार्यक्रम आयोजित किया गया.इस कार्यक्रम में ज्येष्ठा मैत्रेयी ने अपने स्टाफ के साथ समय बिताया और खुद सिलबट्टे पर चटनी बनाने बैठ गईं. उन्होंने धनिया, टमाटर और हरी मिर्च से चटनी तैयार की.आमतौर पर वर्दी में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने वाली SP को इस तरह रसोई संभालते देखकर वहां का माहौल भी काफी सहज हो गया.

सिलबट्टे पर चटनी और जमकर हुई हंसी-मजाक

चटनी बनाते समय ऊंचाई को लेकर भी मजेदार बातचीत हुई. क्राइम ब्रांच प्रभारी कुसुम लता मीणा ने मोबाइल की टॉर्च से रोशनी दिखाते हुए ज्येष्ठा मैत्रेयी को ऊंचे स्थान पर बैठने का सुझाव दिया. इस पर SP ने मुस्कुराते हुए कहा-‘लो ऊंचाई पर आ गए, अब देख लो भैया चटनी बनेगी!’ इसके बाद CI कुसुमलता ने मजाक में कहा कि मैडम को चटनी बांटने के काम में लगा दिया गया है. इस पर ज्येष्ठा मैत्रेयी ने भी हंसते हुए कहा-‘भैया,मुझमें इतना दम नहीं है,मैं समझती हूं’ कार्यक्रम में ASP राकेश राजोरा ने भी मजाक करते हुए कहा कि उन्होंने तो कहा था कि स्टाफ में से कोई चटनी बनाए, मैडम सिर्फ सांकेतिक रूप से बता सकती हैं. इस पर SP ने माना कि उन्हें यह काम आसान लगता था. ASP ने जवाब दिया कि यह आसान ही है. पूरे दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हंसी-मजाक का माहौल बना रहा.



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