काली चींटियों से लेकर काम पूरा होने तक…पितृपक्ष में ये 5 संकेत न करें इग्नोर
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Pitru Paksha Remedies : पितृपक्ष शुरू हो चुका है. यह समय पितरों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा जताने को समर्पित है. क्या पितरों का आशीर्वाद आपके परिवार पर बना हुआ है, इन दिनों पांच संकेतों से पता कर सकते हैं. लोकल 18 से ऋषिकेश के ज्योतिषी अखिलेश पांडेय बताते हैं कि ये कुछ ऐसे संकेत हैं, जिन्हें पितरों की कृपा से जोड़कर देखा जाता है. पितृपक्ष में सपनों को लेकर भी कई तरह की मान्यताएं हैं. कई जगहों पर कौए को पितरों से जोड़कर देखा जाता है. पितृपक्ष के दौरान घर में अचानक काली चींटियां दिखाई देना भी शुभ संकेत माना जाता रहा है.
ऋषिकेश. पितृपक्ष को हिंदू धर्म में पितरों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा जताने का समर्पित समय माना जाता है. इस दौरान लोग अपने पूर्वजों के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे धार्मिक कार्य करते हैं. मान्यता है कि पितृपक्ष के दिनों में पितरों का आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है. इसी वजह से इस समय होने वाली कुछ छोटी-बड़ी घटनाओं को भी लोग खास नजर से देखते हैं. लोकल 18 से ऋषिकेश के ज्योतिषी अखिलेश पांडेय बताते हैं कि धार्मिक मान्यताओं में कुछ ऐसे संकेत बताए गए हैं, जिन्हें पितरों की कृपा से जोड़कर देखा जाता है. अगर पितृपक्ष के दौरान आपको भी ऐसे संकेत नजर आएं, तो इन्हें नजरअंदाज न करें.
सपने में दिखाई देना
पितृपक्ष में सपनों को लेकर भी कई तरह की धार्मिक मान्यताएं हैं. अगर किसी व्यक्ति को अपने दिवंगत माता-पिता, दादा-दादी या किसी अन्य पूर्वज के सपने आते हैं, तो कई लोग इसे उनसे जुड़े भावनात्मक लगाव और पितरों के स्मरण से जोड़ते हैं. कुछ धार्मिक मान्यताओं में इसे पितरों की ओर से संकेत या आशीर्वाद माना गया है. ऐसे सपने आएं तो लोग अपने पूर्वजों को याद करके उनके नाम से दान या जरूरतमंद की मदद करते हैं.
कौए का आना
हिंदू धर्म की कई परंपराओं में कौए को पितरों से जोड़कर देखा जाता है. श्राद्ध के दौरान कौए को भोजन कराने की परंपरा भी कई परिवारों में निभाई जाती है. मान्यता है कि अगर पितृपक्ष में कौआ घर की छत, आंगन या आसपास आकर भोजन ग्रहण करता है, तो इसे शुभ माना जा सकता है.
काली चींटियां
पितृपक्ष के दौरान घर में अचानक काली चींटियां दिखाई देने को भी कुछ धार्मिक मान्यताओं में शुभ संकेत माना जाता है. अगर चींटियां किसी खाने की चीज के आसपास नजर आएं, तो लोग इसे पितरों की कृपा और घर में सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखते हैं. मान्यता के अनुसार काली चींटियों को आटा या चीनी खिलाना भी पुण्य का काम माना जाता है.
मदद का मौका मिलना
पितृपक्ष में दान और सेवा का विशेष महत्व माना जाता है. अगर इस दौरान आपको किसी जरूरतमंद की मदद करने का अवसर मिलता है, तो इसे भी शुभ माना जाता है. किसी भूखे को भोजन कराना, जरूरतमंद को कपड़े देना या अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक मदद करना पुण्य का काम माना जाता है.
रुके काम का पूरा होना
ज्योतिषी अखिलेश पांडेय बताते हैं कि कई बार लंबे समय से अटके काम का अचानक पूरे होने का रास्ता निकल आता है. नौकरी से जुड़ा काम हो, पैसे का मामला हो या कोई पारिवारिक परेशानी, अगर पितृपक्ष के दौरान चीजें धीरे-धीरे सही दिशा में जाने लगें तो धार्मिक मान्यताओं में इसे पितरों की कृपा से जोड़कर देखा जाता है.