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virat practice at lords:विराट कोहली अब सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते है यानि जब वो भारत के लिए सीरीज नहीं केल रहे होते तो वापस इंग्लैंड अपने परिवार के पास चले जाते है. यानि बहुत कम ऐसा होता है कि विराट को कोई और मैच खेलने का मौका मिले. ऐसे में विराट हर सीरीज के तैयारी के लिए लॉर्ड्स में प्रैक्टिस का माहौल बना लेते है
भारत आने से पहले विराट कोहली खुद के खर्चे पर अपने लिए लॉर्ड्स में लगाते हैं प्रैक्टिस कैंप
नई दिल्ली. प्रैक्टिस से खिलाड़ी बेहतर बनता है और प्लान करके प्रैक्टिस सेशन करने से क्रिकेटर महान बनता है और अभ्यास सत्र को मैच की तरह लेना और हर सेशन में 100 बनाने की कोशिश से विराट कोहली बनता है. पिछले दो सालों से सिर्फ एक फॉर्मेट खेलने वाले विराट कैसे रनों का अंबार लगा रहे है, भारत में कम रहने के बावजूद वो कैसे भारतीय पिचों पर वर्चस्व को बनाए हुए है ये सवाल हर एक्सपर्ट और फैन के दिल में हैं.
विराट कोहली अब सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते है यानि जब वो भारत के लिए सीरीज नहीं केल रहे होते तो वापस इंग्लैंड अपने परिवार के पास चले जाते है. यानि बहुत कम ऐसा होता है कि विराट को कोई और मैच खेलने का मौका मिले. ऐसे में विराट हर सीरीज के तैयारी के लिए लॉर्ड्स में प्रैक्टिस का माहौल बना लेते है और जहां पर उनको सीरीज खेलना होता है लॉर्ड्स में वहां के अनुसार पिच तैयार करा लेते है.
तिरुवंतपुरम से पहले लॉर्ड्स में तैयारी
हर किसी की जुबान पर इन दिनों विराट कोहली का नाम है. जिस अंदाज में विराट ने तिरुवंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना तेवर दिखाया उसको देखकर बड़े-बड़े क्रिकेट दिग्गज ने दांतो तले उंगली दबा ली और सोचने पर मजबूर हो गए कि विराट इंग्लैंड में रहकर ऐसे कैसे बल्लेबाजी कर लेते है. इंग्लैंड से हमारे सूत्र ने बताया कि लॉर्ड्स के पिच क्यूरेटर कार्ल मैक्डरमॉट से कहकर लॉर्ड्स में भारतीय पिचों की तरह सूखी और सपाट पिचे तैयार की और मिडिलसेक्स काउंटी के गेंदबाजों को रेंट पर लेकर 17 दिन का एक कैंप खुद ही लगाया और भारत आने से पहले कई सेशन बल्लेबाजी की. उनका फॉर्म देखकर अंदाजा लगाया जा सकता कि वो कितनी प्रैक्टिस के साथ भारत आए है.
आउट होने पर 10 मिनट का ब्रेक
विराट कोहली ने लॉर्ड्स में जितने दिन भी अभ्यास किया उतने दिन उन्होंने अपने विकेट पर प्रइज टैग लगाया और जब भी उनको कोई गेंदबाज आउट करता तो वो उसको कुछ ना कुछ गिफ्ट देते और खुद को नेट्स से 10 मिनट के लिए बाहर कर देते थे. ये चैंपियन बल्लेबाज कितना शिद्दत के साथ वेस्टइंडीज के गेंदबाजी के खिलाप अपनी तैयारी कर रहा था कि एक सेशन में वो सिर्फ थ्री क्वाटर लेंथ को पुल मारने का अभ्यास करते थे वहीं कई लेफ्ट ऑर्म स्पिनर्स के सामने वो लगातार अपने फुटवर्क के साथ डॉमिनेट करने का अभ्यास भी करते रहे. वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी पारी का विशलेषण करे तो पाएंगे कि उन्होंने पुल शॉट पर खास काम किया. ये वो शॉट है जो विराट ना के बराबर खेलते थे पर लॉर्ड्स के प्रैक्टिस सेशन ने उनको इसका भी मास्टर बना दिया.