Rajasthan: सिर चढ़कर बोलने लगा सरपंचाई का जुनून, दर्जियों के पास उमड़ने लगी कुर्ता पजामा सिलवाने वालों की भीड़

Rajasthan: सिर चढ़कर बोलने लगा सरपंचाई का जुनून, दर्जियों के पास उमड़ने लगी कुर्ता पजामा सिलवाने वालों की भीड़


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Rajasthan Panchayat Chunav 2026 : राजस्थान में जल्द ही पंचायतों के चुनाव होने वाले हैं. सरपंच, पंचायत समिति एवं जिला परिषद की लॉटरी निकलते ही ग्रामीण इलाके चुनावी रंग में रंगने लगे हैं. विभिन्न पदों के भावी उम्मीदवार कुर्ता पायजामा सिलवाने के साथ ही चुनाव प्रचार सामग्री भी तैयार कराने लगे हैं. ग्रामीण इलाकों में टेलर्स की दुकानों पर सफेद कुर्ता-पायजामा सिलवाने वालों की भीड़ बढ़ गई है.

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ग्रामीण इलाकों में टेलर्स के पास वर्क ओवरलोड हो गया है.

जालोर. राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद अब पंचायतों राज संस्थाओं के लिए चुनाव होने हैं. पंचायत राज विभाग की ओर से पंचायत राज संस्थाओें के लिए आरक्षण लॉटरी निकाले जाने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग अब कभी चुनावों का ऐलान कर सकता है. निर्वाचन आयोग को 15 नंवबर से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी है.
विभागीय स्तर पर इसके लिए तैयारियां जोरशोर से चल रही है. सूबे की दोनों प्रमुख पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस समेत अन्य छोटी पार्टियों ने चुनाव के लिए कमर कस ली है. नए नवेले और पुराने नेता अपने आप को नए कलेवर में दिखाने के लिए सफेद कुर्ता पायजामा सिलवाने के लिए दौड़ पड़े हैं.

पंचायती राज संस्थाओं के आगामी चुनाव को लेकर आरक्षण लॉटरी निकलने के साथ ही गांवों में सियासी हलचल तेज हो गई है. वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए आरक्षण की स्थिति साफ होने के बाद संभावित दावेदारों ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं. गांवों में जहां संभावित प्रत्याशी मतदाताओं से संपर्क साधने में जुट गए हैं. वहीं चुनावी तैयारियों का असर अब बाजारों में भी नजर आने लगा है. खास तौर पर दर्जी की दुकानों पर सफेद कुर्ता-पायजामा सिलवाने वालों की भीड़ बढ़ गई है.

सफेद कुर्ता-पायजामा नेताओं की पांरपरिक ड्रेस मानी जाती है
इसके चलते हालात ये हो गए हैं कि कई दुकानों पर सफेद कुर्ता पायजामा कपड़े सिलवाने के लिए वेटिंग चल रही है. नए नवेले नेताओं को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. सफेद कुर्ता-पायजामा लंबे समय से चुनावी राजनीति में नेताओं की पारंपरिक पहचान माना जाता है. ऐसे में आरक्षण लॉटरी के बाद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों ने पहनावे से लेकर जनसंपर्क तक की तैयारियां शुरू कर दी है.

सारे काम रोक कर सफेद कुर्ते पायजामा सिलने का काम ही कर रहे हैं
जालोर जिले के भीनमाल के राजू टेलर के मुताबिक पंचायत चुनाव की लॉटरी निकलने के बाद से ही सफेद कुर्ता पायजामा में सिलवाने वालों लोगों के काफी ऑर्डर आ रहे हैं. ऑर्डर देने वाले लगभग सभी पंच और सरपंच के चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशी हैं. फिलहाल हम भी सारे काम रोक कर सफेद कुर्ते पायजामा सिलने का काम ही कर रहे हैं. फिर भी वर्क ओवरलोड हो रहा है. वेटिंग चल रही है. टेलर राजेन्द्र नामा के अनुसार सफेद कुर्ता पायजामा नेताओं की पहली पसंद माना जाता है. अब गांव के पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव में भी इसका काफी क्रेज बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. इसकी वजह से हमारे पास में काफी ऑर्डर आए हैं. हम देर तक रात काम कर रहे हैं. फिर भी वेटिंग बनी हुई है.

चौपालों और चाय की दुकानों पर शुरू हुई सियासी समीकरणों की चर्चा
सरपंच के साथ-साथ पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के पदों की आरक्षण स्थिति सामने आने के बाद राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. कौन मैदान में उतरेगा? किसके पक्ष में समीकरण बनेंगे? इसे लेकर गांवों की चौपालों और चाय की दुकानों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं. आरक्षण लॉटरी के बाद अब संभावित दावेदार सोशल मीडिया पर भी अपना प्रचार शुरू कर चुके हैं. दावेदारों के नाम भी सामने आने लग गए हैं। कई दावेदारों ने प्रचार सामग्री तक बनवानी शुरू कर दी है.



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