Pali News: रोहट में पर्यावरण पर किसने किया वार? खारड़ा बांध में रहस्यमय तरीके से मरीं मछलियां, लैब रिपोर्ट खोलेगी राज

Pali News: रोहट में पर्यावरण पर किसने किया वार? खारड़ा बांध में रहस्यमय तरीके से मरीं मछलियां, लैब रिपोर्ट खोलेगी राज


पाली. राजस्थान के पाली जिले में आने वाले रोहट क्षेत्र के प्रसिद्ध खारड़ा बांध में अचानक सैकड़ों मछलियां मरी हुई मिली है. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों का मौके पर जमावड़ा लग गया. आशंका जताई जा रही है कि किसी ने बांध में जहरीला या दूषित पानी छोड़ दिया है, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ. सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बामणिया की सूचना पर स्थानीय पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर बांध के पानी के सैंपल दर्ज किए हैं, जिन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है.

बांध में अचानक सैकड़ों मछलियां मरी हुई तैरती नजर आई. इस घटना की खबर फैलते ही रोहट और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया और मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया. स्थानीय लोगों द्वारा यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति या औद्योगिक इकाई द्वारा बांध के पानी में जहरीला अथवा अत्यधिक दूषित रसायन छोड़ दिया गया है, जिसके कारण इतने बड़े पैमाने पर जलीय जीवों की जान चली गई.

ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे अधिकारी और पुलिस

मछियों की मरने की जानकारी बुधवार सुबह तब हुई जब ग्रामीण बांध के किनारे पहुंचे और उन्होंने देखा कि पानी की सतह पर सैकड़ों छोटी-बड़ी मछलियां बेजान पड़ी हुई थी. इसकी सूचना तुरंत सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बामणिया को दी गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दीपक बामणिया ने तत्काल रोहट थाना पुलिस और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल को सूचित किया. सूचना मिलते ही रोहट थाना पुलिस और पाली से प्रदूषण नियंत्रण मंडल की विशेष टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और बांध के अलग-अलग हिस्सों से पानी के सैंपल एकत्र करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की.

लैब जांच के लिए भेजे गए पानी के सैंपल

प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों ने बताया कि बांध के पानी के सैंपल ले लिए गए हैं और इन्हें गहन जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस बात की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी कि पानी में कौन सा जहरीला या रसायणयुक्त पदार्थ मिलाया गया था. स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस एवं प्रशासन से मांग की है कि यदि जांच में किसी की असावधानी या जानबूझकर जहरीला पानी बहाने की बात सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.

मामा नाडी में भी गहराया संकट

एक तरफ जहां खारड़ा बांध में जहरीले पानी की वजह से यह हादसा हुआ, वहीं दूसरी ओर पाली के बागड़िया गांव रोड स्थित ‘मामा नाडी’ में भी जलीय जीवों पर भारी संकट मंडरा रहा है. मामा नाडी में वर्तमान में जलस्तर काफी घट चुका है, जिसके कारण वहां मौजूद कई बड़ी-बड़ी मछलियां ऑक्सीजन और पानी की कमी से दम तोड़ने की कगार पर पहुंच गई है.

सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की मानवीय पहल

मामा नाडी के जल संकट को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता भरत कुमार सामरिया ने एक सराहनीय पहल की है. उन्होंने नाडी के आसपास स्थित खेतों के मालिकों और किसानों से व्यक्तिगत रूप से निवेदन किया है कि वे अपने निजी कुओं से थोड़ा-थोड़ा पानी इस तालाब में छोड़ें, ताकि जलस्तर बढ़ सके और बेजुबान मछलियों को नया जीवन मिल सके. इसके साथ ही, स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से भी अपील की है कि वे तुरंत प्रभाव से मामा नाडी में पानी का टैंकर या अन्य व्यवस्था करवाकर इन जलीय जीवों की रक्षा करें.

पर्यावरण संरक्षण पर उठे गंभीर सवाल

रोहट और आसपास के क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने स्थानीय पर्यावरण सुरक्षा और जल स्रोतों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक जल स्रोतों में रासायनिक कचरा या दूषित पानी डालना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि इससे आसपास के पशु-पक्षियों और आम जनजीवन पर भी घातक असर पड़ सकता है. प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और लैब रिपोर्ट का अब सभी को इंतजार है.



Source link