जयपुर. पश्चिमी राजस्थान में उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (JPMIA) का विस्तार किया जा रहा है. दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) के तहत विकसित हो रहे इस प्रोजेक्ट को राजस्थान की आधुनिक एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप के रूप में तैयार किया जा रहा है. खास बात यह है कि निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए अब इसके उत्तरी हिस्से में 300 हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त जमीन विकसित करने की योजना बनाई गई है. यहां उद्योगों के लिए जमीन देने के साथ कर्मचारियों के रहने, वेयरहाउसिंग और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी होगी.
300 हेक्टेयर में विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र
निवेशकों, खासकर विदेशी निवेशकों की ओर से पहले चरण में दिखाई गई रुचि के बाद रीको ने परियोजना के उत्तरी हिस्से के विस्तार की तैयारी शुरू की है. यहां 300 हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र विकसित करने की योजना है. इसमें मुख्य रूप से व्हाइट और ग्रीन श्रेणी के पर्यावरण अनुकूल उद्योगों को जगह देने पर जोर रहेगा. इसके अलावा कर्मचारियों के आवास, वेयरहाउस और अन्य सहायक गतिविधियों के लिए भी जमीन की योजना बनाई जाएगी.
रीको के प्रबंध निदेशक सुरेश कुमार ओला की अध्यक्षता में 5 नवंबर को उद्योग भवन में परियोजना के विकास कार्यों की समीक्षा की गई. जिसमें उत्तरी हिस्से की प्लानिंग, निवेशकों की प्रतिक्रिया और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर चर्चा हुई. उत्तरी हिस्से की विस्तृत योजना को अंतिम रूप देने के बाद निर्माण कार्यों की लागत का आकलन किया जाएगा. इसके बाद EPC आधार पर काम कराने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे.
पहले चरण में 30 औद्योगिक भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध
इस औद्योगिक टाउनशिप के पहले चरण में निवेशकों के लिए भूखंड आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. फिलहाल औद्योगिक भूखंड लेने के इच्छुक निवेशक 20 नवंबर 2026 तक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. पहले राउंड में कुल 30 भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध कराए गए हैं. इसके बाद दूसरे राउंड में और अधिक भूखंड खोले जाएंगे. इसके अलावा मोटल, रेस्टोरेंट और अन्य सामाजिक सुविधाओं के लिए भी भूखंडों का प्रत्यक्ष आवंटन शुरू किया गया है.
सड़क, पानी और बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम तेज
रीको की ओर से इन सभी विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि तय समय में गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा हो सके. इस टाउनशिप में औद्योगिक इकाइयों के अलावा आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत सुविधाएं भी विकसित होंगी. इससे उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को भी आसपास ही जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी.
पश्चिमी राजस्थान को मिलेगा औद्योगिक विकास का नया केंद्र