Israel Next PM News: इजरायल में अगली सरकार किसकी होगी? बेंजामिन नेतन्याहू या गादी आइसेनकोट… कौन होगा इजरायल का अगला राष्ट्रपति? रविवार यानी 8 अक्टूबर को इस सस्पेंस से पर्दा हट जाएगा. जी हां, इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग रविवार को यह घोषणा करेंगे कि वे किस सांसद को देश की अगली सरकार बनाने के लिए कहेंगे. इजरायल में आम चुनाव के नतीजे किसी एक पक्ष के पक्ष में नहीं रहे. इसके बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी गादी आइसेनकोट के बीच सत्ता को लेकर मुकाबला तेज हो गया है. इस बीच खबर यह भी है कि इजरायल में सरकार बनाने के लिए गादी आइजेनकोट को ही बहुमत का समर्थन मिल सकता है.
एक वीडियो संदेश में राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा कि वह इजरायली संसद (नेसेट) के किसी सदस्य को सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपने का इरादा रखते हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरा इरादा इस रविवार को नेसेट के एक सदस्य को सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपने का है.’
यह घोषणा राजनीतिक दलों के साथ दो दिनों तक चली सलाह-मशविरा प्रक्रिया के बाद की गई. इस दौरान 67 सांसदों ने आइसेनकोट का समर्थन किया, जबकि 46 सांसद बेंजामिन नेतन्याहू के पक्ष में रहे. वहीं, सात सांसदों ने किसी का समर्थन नहीं किया.
आइसेनकोट को अधिकांश सांसदों का समर्थन मिला
विपक्ष का नेतृत्व करने वाले पूर्व सैन्य प्रमुख आइसेनकोट को यहूदी विपक्षी दलों के साथ-साथ अरब नेतृत्व वाले दो राजनीतिक समूहों का भी समर्थन मिला है. इस समर्थन के साथ उन्हें 120 सदस्यीय नेसेट में बहुमत के लिए जरूरी 61 से अधिक सांसदों का साथ मिल गया है. हालांकि, इन सिफारिशों का मतलब यह नहीं है कि गठबंधन सरकार का बनना तय है. नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने सबसे ज्यादा 27 सीटें जीतीं, लेकिन उनके व्यापक दक्षिणपंथी और धार्मिक गठबंधन को कुल 53 सीटें ही मिल सकीं.
राष्ट्रपति हर्जोग भी कन्फ्यूज
राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा कि भले ही आंकड़े साफ दिख रहे हों, लेकिन राजनीतिक गुटों के भीतर और उनके बीच मतभेदों के कारण यह तय करना मुश्किल हो गया है कि सरकार बनाने का सबसे अच्छा मौका किसके पास है.
अब आगे क्या होगा?
सरकार बनाने के लिए किसी सांसद को चुनने से पहले राष्ट्रपति हर्जोग इन सिफारिशों पर विचार करेंगे. राष्ट्रपति के लिए यह जरूरी नहीं है कि वे उसी उम्मीदवार को चुनें जिसे सबसे ज्यादा समर्थन मिला हो. जिसे चुना जाएगा, उसे गठबंधन बनाने के लिए 28 दिन का समय मिलेगा, जिसे जरूरत पड़ने पर 14 दिन और बढ़ाया जा सकता है.
इस बीच नई सरकार बनने तक बेंजामिन नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे. अगर गठबंधन बनाने की बातचीत विफल रहती है, तो इजरायल में फिर से चुनाव हो सकते हैं. 27 अक्टूबर को हुए चुनाव में किसी भी मुख्य राजनीतिक गुट को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, जिससे देश एक बार फिर राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में आ गया है.
नेतन्याहू के लिए टेंशन पैदा करने वाला हो सकता है संडे.
इजरायल में कहां फंसा है पेच, किसकी बनेगी सरकार?
- इजराइल रक्षा बलों के पूर्व प्रमुख गादी आइजेनकोट को अगली सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपे जाने के लिए नवनिर्वाचित संसद सदस्यों का बहुमत समर्थन मिलना तय माना जा रहा है. बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग के साथ हुई विचार-विमर्श की प्रक्रिया के दौरान अरब दलों ने आइजेनकोट का समर्थन किया.
- 27 अक्टूबर को हुए चुनाव में सीटों के आंकड़ों के आधार पर आइजेनकोट को 67 सांसदों का समर्थन मिलने की उम्मीद है, जबकि सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे बेंजामिन नेतन्याहू को 46 सांसदों का समर्थन मिलने की संभावना है. उनके लंबे समय के सहयोगी दल यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म (यूटीजे) ने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं करने का फैसला किया है, जिससे नेतन्याहू की संभावनाओं को झटका लगा है.
- एक सौ बीस सदस्यीय नेसेट (इजराइली संसद) में नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीट पर जीत मिली थी, जबकि आइजेनकोट के गठबंधन को 48 सीट पर विजय हासिल हुई थी. वहीं, अरब दलों ने रिकॉर्ड 19 सीट जीतकर सरकार गठन में अहम भूमिका हासिल कर ली है.
- चुनाव के बाद राजनीतिक गतिरोध के बीच अरब दलों ने आइजेनकोट के समर्थन की घोषणा की है. चुनाव में न तो नेतन्याहू के गठबंधन और न ही आइजेनकोट के खेमे को नेसेट में बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटें मिली हैं.
- केंद्रीय चुनाव समिति की ओर से चुनाव परिणाम औपचारिक रूप से सौंपे जाने के बाद राष्ट्रपति हर्जोग ने बुधवार को नेसेट में सीट जीतने वाले राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श शुरू किया था.
- इजराइल के राष्ट्रपति आमतौर पर उस सांसद को सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपते हैं, जिसके बारे में उन्हें लगता है कि उसके पास सरकार बनाने की सबसे अच्छी संभावना है. इस फैसले में विचार-विमर्श के दौरान राजनीतिक दलों की ओर से दिए गए समर्थन को भी ध्यान में रखा जाता है. इस पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाता है.
- सरकार बनाने की जिम्मेदारी पाने वाले नेता को गठबंधन तैयार करने के लिए 28 दिन का समय मिलता है. यदि राष्ट्रपति को लगता है कि सरकार बनने की उचित संभावना है, तो वह अपने विवेक से इस अवधि को 14 दिन और बढ़ा सकते हैं. (इनपुट भाषा से भी)