Success Story: सुदर्शनपुरा के बेटे सक्षम घोसल्या ने पीएम मोदी को समझाई स्वदेशी 5G तकनीक, IIT से देश के बड़े मंच तक का ऐसे तय किया सफर

Success Story: सुदर्शनपुरा के बेटे सक्षम घोसल्या ने पीएम मोदी को समझाई स्वदेशी 5G तकनीक, IIT से देश के बड़े मंच तक का ऐसे तय किया सफर


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Saksham Ghoslya Success Story: जयपुर ग्रामीण के सुदर्शनपुरा गांव निवासी युवा इंजीनियर सक्षम घोसल्या ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ESTIC 2026 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वदेशी 5G बेस स्टेशन, Koala NB-IoT चिप और 6G रिसर्च का प्रदर्शन किया. IIT मंडी से बीटेक और IIT हैदराबाद से एमटेक कर चुके सक्षम WiSig Networks में प्रिंसिपल इंजीनियर हैं. वे BRICS सम्मेलन और फ्रांस के ‘भारत इनोवेट्स’ में भी भारतीय तकनीक का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

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जयपुर: जयपुर ग्रामीण की जालसू तहसील के छोटे से गांव सुदर्शनपुरा के युवा इंजीनियर सक्षम घोसल्या ने अपनी असाधारण प्रतिभा और मेहनत के दम पर देश भर में अपने गांव का नाम रोशन किया है. सक्षम ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भारत में विकसित स्वदेशी 5G तकनीक का सफल प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को देश में ही निर्मित 5G बेस स्टेशन, सैटेलाइट से सीधे जुड़ने वाली चिप और भविष्य की 6G तकनीक पर चल रहे अनुसंधान की विस्तृत जानकारी दी.

भारत मंडपम में सम्मेलन के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब प्रदर्शनी का अवलोकन कर रहे थे, तब वे हैदराबाद की डीप टेक कंपनी WiSig Networks के स्टॉल पर पहुंचे. कंपनी में बतौर प्रिंसिपल इंजीनियर कार्यरत सक्षम घोसल्या ने प्रधानमंत्री को स्वदेशी 5G बेस स्टेशन की कार्यप्रणाली समझाई. उन्होंने बताया कि यह तकनीक ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है. इसके अलावा उन्होंने कंपनी की विशेष ‘Koala NB-IoT’ चिप की जानकारी भी दी, जो उन स्थानों पर भी इंटरनेट कनेक्टिविटी देने में सक्षम है जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क पहुंचना कठिन होता है.

गांव की चौपाल से IIT मंडी और हैदराबाद तक का प्रेरणादायक सफर
सक्षम घोसल्या सुदर्शनपुरा निवासी बालकिशन चौधरी और राजू देवी के सुपुत्र हैं. उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी/स्थानीय स्कूल में हुई, जिसके बाद उन्होंने कठिन मेहनत के बल पर IIT मंडी में प्रवेश लिया और वर्ष 2016 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान वे संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक्स क्लब के सह-संस्थापक भी रहे. बीटेक के बाद वे IIT हैदराबाद में रिसर्च असिस्टेंट के रूप में जुड़े और वर्ष 2017 में वहां स्थापित स्टार्टअप WiSig Networks के शुरुआती कर्मचारियों में शामिल हुए. इसी दौरान वर्ष 2021 में उन्होंने IIT हैदराबाद से कम्युनिकेशन एंड सिग्नल प्रोसेसिंग में एमटेक भी पूरा किया.

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी लहरा चुके हैं भारतीय संचार तकनीक का परचम
सक्षम घोसल्या इससे पहले भी देश और विदेश के बड़े मंचों पर भारतीय स्वदेशी तकनीक का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. सितंबर 2026 में नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन प्रदर्शनी में उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को कंपनी के उत्पादों की जानकारी दी थी. इसके अतिरिक्त फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में भी उन्होंने भारतीय संचार तकनीक का जलवा बिखेरा था. 27 से 29 अक्टूबर तक 13 मंत्रालयों की भागीदारी के साथ आयोजित ESTIC 2026 में सक्षम की इस ऐतिहासिक भागीदारी से पूरे सुदर्शनपुरा और जयपुर क्षेत्र में खुशी व गर्व का माहौल है.



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