Sikar News | Neem Ka Thana Panchayat Election


Last Updated:

Sikar Panchayat Election: सीकर जिले की नीमकाथाना पंचायत समिति के छापर गांव की तीन बेटियां पूजा वर्मा, मनीषा देवी और सुनीता वर्मा पहली बार चुनाव लड़कर अलग-अलग ग्राम पंचायतों (भगेगा, रामपुरा थोई और बुर्जा की ढाणी) की सरपंच चुनी गई हैं. तीनों बेटियां एससी वर्ग से आती हैं और वे अपने-अपने क्षेत्रों में डिजिटल लाइब्रेरी, महिला शिक्षा, रोजगार और ओपन जिम जैसे विकास कार्यों को प्राथमिकता देने जा रही हैं.

ख़बरें फटाफट

Top Deals Inside

एक ही गांव की तीन बेटियों ने पहली बार चुनाव लड़ा और तीनों बन गईं सरपंचZoom

सीकर के छापर गांव की तीन बेटियां पहली बार में ही बनीं सरपंच

Sikar: राजस्थान में सीकर जिले की नीमकाथाना पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली बांसड़ी ग्राम पंचायत के छोटे से छापर गांव की तीन बेटियों ने पंचायती राज चुनाव में एक अनोखा, अद्भुत और प्रेरणादायक रिकॉर्ड कायम किया है. छापर गांव की तीन प्रतिभावान बेटियों पूजा वर्मा, मनीषा देवी और सुनीता वर्मा ने अपनी पहली ही चुनावी कोशिश में शानदार और ऐतिहासिक जीत हासिल की है.

एक ही गांव के परिवेश से निकलकर आगे बढ़ीं ये तीनों बेटियां अब तीन अलग-अलग ग्राम पंचायतों में सरपंच का पद संभालकर ग्रामीण विकास की नई इबारत लिखने जा रही हैं.

पहली बार लड़ा चुनाव और दर्ज की ऐतिहासिक जीत
इस चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि तीनों ही महिला प्रतिनिधि पहली बार प्रत्यक्ष रूप से चुनावी मैदान में उतरी थीं और तीनों ने ही अपनी-अपनी संबंधित पंचायतों में स्थानीय जनता का भारी भरोसा हासिल किया. सामाजिक और राजनीतिक रूप से खास बात यह भी है कि तीनों ही निर्वाचित महिला प्रतिनिधि अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से संबंध रखती हैं:

  • पूजा वर्मा (28 वर्ष): बीए-बीएड शिक्षित 28 वर्षीय पूजा वर्मा ने भगेगा ग्राम पंचायत में सामान्य महिला सीट पर पहली बार चुनाव लड़ा और 182 वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज कर सरपंच चुनी गईं.
  • मनीषा देवी (34 वर्ष): 10वीं तक पढ़ी-लिखी 34 वर्षीय मनीषा देवी ने रामपुरा थोई ग्राम पंचायत की एससी आरक्षित सीट से पहली बार चुनावी दांव आजमाया और सीधे सरपंच पद पर अपना कब्जा जमाया.
  • सुनीता वर्मा (37 वर्ष): साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली 37 वर्षीय सुनीता वर्मा बुर्जा की ढाणी ग्राम पंचायत में एससी महिला आरक्षित सीट पर चुनाव मैदान में उतरीं और 398 वोटों के बड़े अंतर से पहली बार में ही सरपंच पद का चुनाव जीत लिया.

पंचायतों के विकास और डिजिटल क्रांति पर रहेगा जोर
जीत का परचम फहराने के बाद तीनों नव-निर्वाचित सरपंचों ने अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्राथमिकताएं तय कर ली हैं:

  • पूजा वर्मा अपने गांव में आधुनिक लाइब्रेरी, युवाओं के लिए ओपन जिम और डिजिटल सुविधाएं स्थापित करना चाहती हैं.
  • मनीषा देवी महिलाओं को शिक्षा और स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सामाजिक व आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर काम करेंगी.
  • सुनीता वर्मा बच्चों के बेहतर शैक्षणिक भविष्य के लिए अपनी पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी तैयार करवाने को अपनी पहली प्राथमिकता मानती हैं.



Source link