Ramayana: रावण के सिंहासन पर खर्च हुए 1 करोड़, 1.5 Cr में बना शूर्पणखा का रथ, जानें कैसे तैयार हुई ‘रामायण’ की दुनिया

Ramayana: रावण के सिंहासन पर खर्च हुए 1 करोड़, 1.5 Cr में बना शूर्पणखा का रथ, जानें कैसे तैयार हुई ‘रामायण’ की दुनिया


नई दिल्ली. रणबीर कपूर और यश की मच अवेटेड फिल्म ‘रामायण: राइज ऑफ ए लेजेंड’ 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. करीब 4,000 करोड़ रुपये के बजट से तैयार हुई ‘रामायण’ की विशाल दुनिया को बड़े पर्दे पर देखकर दर्शक भी सोच में पड़ गए किए इसे तैयार किया गया है. अब यह खुलासा मशहूर आर्ट डायरेक्टर रमेश ने कर दिया है. आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ रावण के लिए सोने का सिंहासन को तैयार करने में 1 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.

प्रभात खबर से खास बातचीत में रमेश ने बताया कि जब उनसे इस फिल्म के लिए संपर्क किया गया, तब वह प्रतीक गांधी की वेब सीरीज ‘गांधी’ पर काम कर रहे थे. उसी दौरान अमेरिका के मशहूर प्रोडक्शन डिजाइनर रैमसे एवेरी ने वीडियो कॉल पर उनका इंटरव्यू लिया. रैमसे को उनका काम इतना पसंद आया कि उन्होंने अगले ही दिन रमेश को प्रोजेक्ट से जोड़ लिया.

‘रामायण’ के लिए 150 से भी ज्यादा बनाए गए सेट

रमेश और उनकी टीम फरवरी 2024 में इस प्रोजेक्ट से जुड़ी और अप्रैल 2024 में मुंबई की फिल्म सिटी स्थित ‘प्राइम फोकस स्टूडियोज’ में काम शुरू हुआ. फिल्म के लिए 150 से भी ज्यादा भव्य सेट्स बनाए गए. खास बात यह है कि हर एक सेट के डिजाइन को फाइनल करने से पहले उसे 10 से 15 बार बदलकर देखा गया. टीम केवल ग्रीन स्क्रीन के भरोसे नहीं रही, बल्कि फर्श के टेक्सचर, दीवारों की नक्काशी से लेकर सोने की सजावट तक, सब कुछ कारीगरों ने अपने हाथों से तैयार किया.

1 करोड़ में तैयार हुआ रावण का सिंहासन

फिल्म में रावण का भव्य सिंहासन बनाने में 4 महीने का वक्त लगा और इस पर लगभग 1 करोड़ रुपये का खर्च आया. इसे पहले मिट्टी का आधार देकर गढ़ा गया, फिर फाइबर से तैयार करके 24-कैरेट सोने के वर्क से सजाया गया. वहीं, शूर्पणखा का चलने वाला स्पेशल रथ 3 महीने में बनकर तैयार हुआ, जिसकी लागत करीब 1.5 करोड़ रुपये रही.

पुष्पक विमान तैयार करने में लगे 6 साल

शूटिंग के वक्त एक्टर्स को डायलॉग बोलने और सही एंगल में देखने में आसानी हो, इसके लिए आर्ट डिपार्टमेंट ने जटायु का 24 फीट ऊंचा स्केलेटन मॉडल बनाया. वहीं, 50 फीट चौड़ा पुष्पक विमान के लिए डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले 6 सालों से काम कर रहे थे. इतना बड़ा था कि वो पूरे स्टूडियो में समा ही नहीं सकता था. इसलिए इसे 4 अलग-अलग टुकड़ों में 40 से 50 दिनों के भीतर तैयार किया गया.

 ‘लंका’ बनाने के लिए 600 लोगों ने किया काम 

‘रामायण’ के रावण के लिए लंका का सेट तैयार करने में एक वक्त पर 500 से 600 मजदूर और कारीगर लगातार लगे हुए थे. बड़े क्राउड सीन्स की शूटिंग के दौरान सेट पर 1,000 तक डांसर्स और जूनियर आर्टिस्ट मौजूद रहते थे. रमेश ने यह भी बताया कि नितेश तिवारी शूटिंग से 4 दिन पहले ही स्टोरीबोर्ड और कॉन्सेप्ट आर्ट का बारीकी से रिव्यू कर लेते थे और फिर शूटिंग से एक दिन पहले खुद आकर हर सेट का मुआयना करते थे.

‘रामायण’ के दूसरे पार्ट पर चल रहा काम

रमेश ने कन्फर्म किया है कि ‘रामायण’ के दूसरे पार्ट पर काम पहले से ही चल रहा है. चूंकि आगे की कहानी और भी बड़ी होने वाली है, इसलिए उनकी टीम अब अगले पार्ट के लिए सेट्स तैयार करने में जुट गई है. मालूम हो कि रमेश इससे पहले ‘टाइगर जिंदा है’, ‘सुल्तान’, ’83’ और ‘बड़े मियां छोटे मियां’ जैसी 30 से भी ज्यादा बड़ी बॉलीवुड फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं.



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