DSS Rajasthan 2026: ज्ञानेश कुमार के रहते जहां हम हारे या जीते…हर जगह के रिजल्ट की हो समीक्षा, सचिन पायलट ने की नई डिमांड

DSS Rajasthan 2026: ज्ञानेश कुमार के रहते जहां हम हारे या जीते…हर जगह के रिजल्ट की हो समीक्षा, सचिन पायलट ने की नई डिमांड


Last Updated:

DSS Rajasthan 2026: जयपुर में न्यूज18 की ओर से आयोजित डायमंड स्टेट्स समिट राजस्थान में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ी मांग उठाई. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में जहां कांग्रेस चुनाव जीती और जहां हारी, उन सभी जगहों के नतीजों की समीक्षा होनी चाहिए. पायलट ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अंपायर न्यूट्रल नहीं होगा तो मुकाबला निष्पक्ष कैसे हो सकता है. उन्होंने एसआईआर को लेकर भी सवाल किया और कहा कि यह प्रक्रिया 1952 से चल रही है, लेकिन आज इस पर इतना विवाद क्यों हो रहा है. उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया.

Zoom

डायमंड स्टेट्स समिट राजस्थान में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर की बड़ी मांग

जयपुर. डायमंड स्टेट्स समिट राजस्थान में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में देशभर में हुए सभी चुनावों के नतीजों की समीक्षा होनी चाहिए. पायलट ने जयपुर में न्यूज18 की ओर से आयोजित डायमंड स्टेट्स समिट राजस्थान के मंच से कहा कि जिन जगहों पर कांग्रेस चुनाव जीती और जहां उसे हार का सामना करना पड़ा, दोनों के परिणामों की समीक्षा की जानी चाहिए. यह समीक्षा किसी एक राज्य या सीट तक सीमित नहीं होनी चाहिए.

उनके इस बयान को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस के सवालों के बीच अहम माना जा रहा है. पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव होना बेहद जरूरी है. चुनावी व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को बराबरी का अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर खेल में अंपायर ही न्यूट्रल नहीं होगा तो मुकाबला निष्पक्ष कैसे हो सकता है. हम फेयर फाइट चाहते हैं और पूरी प्रक्रिया की क्रेडिबिलिटी बनी रहनी चाहिए.

एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए

पायलट ने एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया 1952 से चल रही है, लेकिन आज इस पर इतना बवाल क्यों मच रहा है. सवाल उठना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि चुनाव व्यवस्था निष्पक्ष होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात में ऐसा नजर नहीं आ रहा है. रामलीला मैदान से क्या माहौल बना है, यह आने वाला समय बताएगा. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका में पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि ताकत दिखाने का अहंकार ठीक नहीं है. इसका परिणाम देश के सामने आएगा.

लाठीचार्ज और पैलेट गन पर रोक लगाने की मांग

डायमंड स्टेट्स समिट राजस्थान में सचिन पायलट ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज बंद होना चाहिए और पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. लोकतंत्र में संवाद जरूरी है और इसकी पहली जिम्मेदारी सरकार की होती है. पायलट ने कहा कि मौजूदा हालात के कारण नौजवानों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है. बीजेपी हर चीज पर पूरा नियंत्रण चाहती है और विपक्ष इसका विरोध कर रहा है. राहुल गांधी भी इसी चुनौती का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनी रहनी चाहिए. इतिहास में पहले क्या सही हुआ और क्या गलत, उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए. पायलट के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की निष्पक्षता और जनता का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है.



Source link