Board Exams Eye Care Tips: बोर्ड परीक्षा में टॉप करने के लिए आंखों को भी रखें फिट, काम आएंगे एक्सपर्ट के 7 फंडे

Board Exams Eye Care Tips: बोर्ड परीक्षा में टॉप करने के लिए आंखों को भी रखें फिट, काम आएंगे एक्सपर्ट के 7 फंडे


नई दिल्ली (Board Exams Eye Care Tips). बोर्ड परीक्षा से पहले स्टूडेंट्स की दुनिया किताबों, नोट्स और लैपटॉप स्क्रीन में सिमट जाती है. सुबह से रात तक लगातार कई-कई घंटे पढ़ाई करना किसी मैराथन दौड़ से कम नहीं होता. इस दौरान अक्सर स्टूडेंट्स को पता ही नहीं चलता कि उनकी आंखें कब थकने लगी हैं. लगातार किताबों पर नजर गड़ाए रखना या मोबाइल पर नोट्स पढ़ना आंखों पर भारी प्रेशर डालता है. इससे आंखों में जलन, सूखापन, भारीपन और सिरदर्द जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं.

कई बच्चे इसे सिर्फ आम थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन यह लापरवाही उनकी परफॉर्मेंस और हेल्थ पर असर डालती है. शंकरा आई हॉस्पिटल, कानपुर के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. पुनीत जौहरी की मानें तो परीक्षाओं के दिनों में आंखें ही सबसे ज्यादा प्रताड़ित होती हैं. उनका कहना है कि लंबे स्टडी आवर्स के दौरान आंखों की सही देखभाल न करने से विजन पर बुरा असर पड़ सकता है. कुछ बेहद आसान और साइंटिफिक आदतें अपनाकर आई-स्ट्रेन से बच सकते हैं और एकाग्रता भी बढ़ा सकते हैं.

बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ आंखों का भी रखें ख्याल

स्क्रीन टाइम मैनेज करने से लेकर सही पोस्चर और खान-पान में छोटे बदलाव करने तक, कुछ खास आदतें पढ़ाई को ज्यादा आरामदायक और असरदार बनाती हैं. अगर आप भी इस एग्जाम सीजन में अपनी आंखों को हेल्दी रखना चाहते हैं तो एक्सपर्ट की तरफ से बताए गए इन 7 बेहतरीन टिप्स को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं.

1. 20-20-20 का जादुई नियम

लगातार बिना रुके पढ़ने से आंखों की मसल्स पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है. इससे बचने के लिए 20-20-20 का फॉर्मूला सबसे बेहतरीन उपाय है. हर 20 मिनट की पढ़ाई के बाद अपनी नजरें किताबों से हटाएं और कम से कम 20 फीट दूर किसी वस्तु पर 20 सेकंड के लिए टिका दें. यह छोटी सी आदत आंखों की थकान को तुरंत दूर कर देती है और उन्हें रिचार्ज करती है.

2. एंगल सेट करके पकड़ें किताबें

कई बार स्टूडेंट्स किताब को चेहरे के बेहद पास रखकर पढ़ते हैं या लेटकर पढ़ाई करते हैं. यह आंखों के लिए काफी नुकसानदायक है. अपनी किताबों को आंखों से करीब 30 से 40 सेंटीमीटर की दूरी पर रखें. अगर आप लैपटॉप या कंप्यूटर स्क्रीन पर पढ़ रहे हैं तो स्क्रीन की ऊंचाई और दूरी ऐसी होनी चाहिए कि आपको गर्दन या आंखें झुकाकर जोर न डालना पड़े.

3. कमरे की लाइटिंग पर फोकस

अंधेरे कमरे में केवल टेबल लैंप जलाकर पढ़ना या बहुत तेज रोशनी का सीधा आंखों पर पड़ना विजन को कमजोर करता है. हमेशा अच्छी तरह से रोशनी वाले कमरे में पढ़ाई करें. इस बात का खास ध्यान रखें कि रोशनी की कोई सीधी चमक आपकी स्क्रीन या किताब से रिफ्लेक्ट होकर सीधे आंखों में न पड़े. यह आंखों को जल्दी थका देती है.

4. स्क्रीन देखते वक्त पलकें झपकाना न भूलें

जब हम मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप पर कुछ पढ़ते या सॉल्व करते हैं तो हमारा ब्लिंकिंग रेट (पलकें झपकाने की गति) स्वाभाविक रूप से बहुत कम हो जाता है. इससे आंखों की नमी सूखने लगती है और ड्राइनेस, खुजली या जलन की समस्या पैदा होती है. इसलिए डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल करते समय बीच-बीच में जानबूझकर पलकें झपकाते रहें. इससे आंखों की नम बनी रहेगी.

5. लगातार पढ़ाई से बचें, छोटे ब्रेक्स लें

बिना रुके 2-3 घंटे लगातार पढ़ते रहना प्रोडक्टिविटी और सेहत दोनों के लिए हानिकारक है. हर 30 से 40 मिनट की पढ़ाई के बाद एक छोटा सा ब्रेक जरूर लें. अपनी सीट से उठकर थोड़ा टहलें, बॉडी को स्ट्रेच करें और आंखों को बंद करके कुछ पलों का आराम दें. यह ब्रेक दिमाग को तरोताजा करने के साथ-साथ आंखों की मांसपेशियों को भी राहत देता है.

6. सही डाइट और नींद से बढ़ाएं विजन पावर

आंखों की सेहत का सीधा संबंध आपकी थाली और नींद की क्वॉलिटी से है. अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, ताजे फल, नट्स और विटामिन से भरपूर आहार को शामिल करें. शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. इसके अलावा, रातभर जागकर पढ़ने की आदत से बचें. कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद लें और सोने से ठीक पहले मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दें.

7. विजन से जुड़े इशारों को न करें नजरअंदाज

अगर पढ़ाई के दौरान बार-बार सिरदर्द होता है, आंखें मलने की आदत पड़ गई है, बोर्ड पर लिखा हुआ साफ नहीं दिखता या धुंधलापन महसूस होता है तो इसे सामान्य न समझें. ये किसी छिपी हुई विजन प्रॉब्लम के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. अगर ऐसी कोई भी परेशानी बार-बार हो तो तुरंत किसी आई स्पेशलिस्ट से संपर्क करें. बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से कोई भी आई-ड्रॉप्स या घरेलू नुस्खे आजमाने से बचें.

चश्मा पहनने वाले स्टूडेंट्स को हमेशा सही पावर का इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही समय-समय पर अपनी आंखों की जांच करवाते रहें.



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