4 मैच में 19 अंक… सीजन की सबसे बड़ी जीत दर्ज कर महाराष्ट्र टॉप पर पहुंचा
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Maharashtra Beat Bengal: महाराष्ट्र ने ईडन गार्डन्स में खेले गए रणजी ट्रॉफी मुकाबले में बंगाल को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी. बंगाल की दूसरी पारी 186 रनों पर सिमट गई. जिसमें प्रदीप ढाडे और हितेष वालुज ने चार-चार विकेट झटके. महाराष्ट्र के सामने 112 रनों का लक्ष्य था, जिसे ओपनर सचिन धस (नाबाद 61) और पृथ्वी शॉ (नाबाद 53) ने बिना कोई विकेट गंवाए आसानी से हासिल कर लिया. इस शानदार जीत के साथ महाराष्ट्र ने बोनस अंक भी अपने नाम किया.
महाराष्ट्र ने बंगाल को 10 विकेट से हराया.
नई दिल्ली. महाराष्ट्र की टीम ने कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले गए रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप-सी मुकाबले में सामूहिक प्रदर्शन के दम पर मेजबान बंगाल को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी. खराब रोशनी के कारण शुरुआती तीन दिनों तक खेल काफी प्रभावित रहा, लेकिन इसके बावजूद महाराष्ट्र ने चौथे और अंतिम दिन अपने खेल से सभी को प्रभावित करते हुए न सिर्फ मैच जीता, बल्कि बोनस अंक भी अपनी झोली में डाल लिया. इस जीत के साथ ही महाराष्ट्र ने सात अंक हासिल किए और टेबल-टॉपर बंगाल को पछाड़ते हुए 19 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर कब्जा जमा लिया. इस सीजन में महाराष्ट्र की यह सबसे बड़ी जीत है, जबकि बंगाल को इस रणजी सत्र में पहली हार का सामना करना पड़ा है.
बंगाल की दूसरी पारी और शुरुआती झटके
मैच के चौथे और अंतिम दिन सुबह बंगाल की टीम ने अपनी कल की स्कोर 4 विकेट पर 76 रन से आगे बढ़ानी शुरू की. हालांकि, सुबह का सत्र मेजबान टीम के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. पारी की शुरुआत में ही महज़ आधे घंटे के भीतर बंगाल ने अपने दो और महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए. महाराष्ट्र के तेज गेंदबाज प्रदीप ढाडे ने शानदार गेंदबाजी करते हुए सूरज जायसवाल और शाहबाज अहमद को एलबीडब्ल्यू आउट कर पवेलियन की राह दिखाई. शाहबाज अहमद को इस दौरान जीवनदान भी मिला था, लेकिन वे इसका फायदा उठाने में नाकामयाब रहे. एक समय बंगाल की टीम सस्ते में सिमटती नजर आ रही थी, लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक पोरल और सुमंता गुप्ता ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर टीम को बड़ी शर्मिंदगी से बचा लिया.
पोरेल और सुमंता की उपयोगी साझेदारी
अभिषेक पोरेल ने 23 रनों से आगे खेलना शुरू किया था. उन्होंने 84 गेंदों में 5 चौकों और 1 छक्के की मदद से 65 रनों की शानदार पारी खेली. वहीं सुमंता गुप्ता ने 59 रन का योगदान दिया. उन्हें 31 के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला था. उन्होंने पोरेल का बखूबी साथ निभाया. दोनों बल्लेबाजों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए छठे विकेट के लिए 64 रनों की बहुमूल्य साझेदारी की. इस दौरान दोनों ने गेंद को उसके मेरिट के हिसाब से खेला और स्ट्राइक रोटेट की. दोनों ने मैदान के दोनों तरफ बेहतरीन टाइमिंग के साथ शॉट लगाकर बाउंड्री हासिल की. हालांकि, यह साझेदारी तब टूटी जब बाएं हाथ के स्पिनर हितेष वालुज की एक तीखी गेंद पर अतिरिक्त उछाल मिला और वह पोरेल के दस्तानों को छूकर स्लिप फील्डर के हाथों में चली गई. इसके बाद बंगाल की पूरी पारी लड़खड़ा गई और टीम 186 रनों पर सिमट गई. बंगाल के बल्लेबाज क्रीज पर टिककर समय बिताने में पूरी तरह असफल रहे और अंततः उन्होंने घुटने टेक दिए.
ढाडे और वालुज का गेंदबाजी में कहर
बंगाल को दूसरी पारी में 186 रनों पर समेटने में महाराष्ट्र के गेंदबाजों की भूमिका सबसे अहम रही. तेज गेंदबाज प्रदीप ढाडे और स्पिनर हितेष वालुज ने बंगाल के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया. प्रदीप ढाडे ने लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए पिच से मिल रही हल्की सी मूवमेंट का पूरा फायदा उठाया. उन्होंने अपनी सटीक गेंदबाजी से बंगाल के मध्य और निचले क्रम को तहस-नहस करते हुए 4 अहम विकेट झटके. दूसरी ओर, बाएं हाथ के स्पिनर हितेष वालुज ने भी अपनी कसी हुई गेंदबाजी और टर्न से बल्लेबाजों को बांधे रखा और उन्होंने भी बंगाल के 4 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया. दोनों गेंदबाजों के इस घातक प्रदर्शन के आगे बंगाल की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई.
लक्ष्य का पीछा करने उतरी महाराष्ट्र की ओपनिंग जोड़ी
बंगाल द्वारा दिए गए 112 रनों के छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी महाराष्ट्र की ओपनिंग जोड़ी ने इसे एक बेहद आसान काम बना दिया. सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ और युवा सचिन धस ने बंगाल के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात कर दी. सचिन धस ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का बेहतरीन नमूना पेश किया. उन्होंने सिर्फ 43 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहते हुए 68 गेंदों में 10 शानदार चौकों की मदद से 61 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. धस ने विकेट के दोनों तरफ बेहतरीन गैप निकाले और अपने स्ट्रोक-प्ले से दर्शकों का दिल जीत लिया.
पृथ्वी शॉ के शानदार शॉट्स
दूसरी ओर, अनुभवी पृथ्वी शॉ ने भी अपनी क्लास दिखाई. शॉ ने संभलकर खेलते हुए कुछ बेहतरीन ड्राइव लगाए और सीधे छक्कों की बौछार कर दी. उन्होंने महज 47 गेंदों में अपने करियर का एक और अर्धशतक पूरा किया और 50 गेंदों पर 3 चौकों और 4 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 53 रन बनाकर नाबाद रहे. इन दोनों बल्लेबाजों की आंधियों के आगे बंगाल के गेंदबाज पूरी तरह लाचार नजर आए और महाराष्ट्र ने लक्ष्य को बेहद कम समय में बिना कोई विकेट गंवाए हासिल कर लिया. इस शानदार जीत के साथ ही महाराष्ट्र ने साबित कर दिया कि इस सत्र में उनका सामूहिक प्रयास और टीम कॉम्बिनेशन उन्हें एक बेहद खतरनाक टीम बनाता है.