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Ayodhya Alert News: जहां देशभर में त्योहारों को लेकर तैयारियां चल रही हैं. वहीं कुछ लोगों को शरारत सूझ रही है. एक धमकी भरा ईमेल आया है. इसमें अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में धमाके करने की धमकी दी है.
राम मंदिर (फाइल फोटो)
अयोध्या : हर तरफ दिवाली-छठ को लेकर उत्साह दिख रहा है. बाजारों से लेकर घर तक लोगों के चमक उठे हैं. हालांकि, कुछ लोग हैं जिन्हें लोगों की खुशियां देखी नहीं जाती हैं. ऐसे ही कुछ शरारती या कहो दिमागी रूप से आतंकी लोग जश्न में खलल डालने के लिए बैठे हैं. दरअसल, दिवाली पर अयोध्या-काशी और मथुरा में बम धमाके करने की धमकी दी गई है.
कल आया था ईमेल
4 नवंबर की दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर अयोध्या कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर स्लेटर जॉन्सन नाम से मेल आया. मेल में लिखा था कि 8 नवंबर को काली दिवाली होगी. अयोध्या, वाराणसी और मथुरा बोलेगा खालिस्तान-खालिस्तान जिंदाबाद, 8 नवंबर से धमाके होंगे, जो 27 नवंबर तक चलेंगे. यहां तक कि ईमेल में खालिस्तान समर्थक नारे और कुछ संगठनों के नामों का जिक्र किया गया है. वहीं, वाराणसी के स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है और अपने बच्चों को बचाने की बात कही गई है. धमकी में मथुरा के धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है.
एसएसपी को लेटर लिखा
जैसे ही मेल के बारे में अयोध्या के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) पीयूष त्रिपाठी को पता चला तो उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया. तुरंत SSP को एक लेटर लिखा. कचहरी की सुरक्षा तत्काल मजबूत कराने की मांग की है. पुलिस ने कचहरी में सभी एंट्री गेट पर चेकिंग और निगरानी बढ़ा दी है. बम निरोधक दस्ते से जांच कराने और ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने की कार्रवाई भी की जा रही है. कचहरी पहले भी कई बार धमकियों और बम धमाकों के निशाने पर रह चुकी है.
CJM पीयूष त्रिपाठी ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, प्रवेश और निकास द्वारों पर सघन जांच, संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की तलाशी और बम निरोधक व श्वान दस्ते से नियमित जांच कराने को कहा है. इसके अलावा ईमेल भेजने वाले की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है. वहीं, 8 से 27 नवंबर तक विशेष सतर्कता के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बल और गश्त की व्यवस्था करने को भी कहा गया है.
बढ़ाई गई कचहरी में सुरक्षा
धमकी की सूचना पर अयोध्या नगर कोतवाली और कैंट पुलिस बुधवार दोपहर में ही कचहरी पहुंची और सभी एंट्री गेट की चेकिंग की गई. परिसर में भी छानबीन की गई. मेटल डिटक्टर समेत अन्य उपकरणों को देखा गया कि सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं. वहां मौजूद कर्मियों को हर समय अलर्ट रहने का निर्देश दिया. बगैर चेकिंग के किसी भी व्यक्ति को कचहरी में प्रवेश न देने को कहा गया है.