वर्ल्ड रिकॉर्ड: 6 पारियों में 834 रन… चिन्मय सुतार का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तहलका


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वर्ल्ड रिकॉर्ड: 6 पारी में 834 रन, चिन्मय ने फर्स्ट क्लास में मचाया तहलका

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रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में मिजोरम के लिए खेलने वाले चिन्मय सुतार ने इतिहास रच दिया है. चिन्मय ने पिछले महीने मिजोरम के लिए रिकॉर्ड 400 रनों की नाबाद पारी खेली थी. वहीं, अब उन्होंने 6 पारियों में 834 रन बनाकर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. चिन्मय ने इस मामले में अफगानिस्तान के बशीर शाह के रिकॉर्ड को तोड़ा है, जिन्होंने 6 पारियों में 831 रन बनाए थे.

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वर्ल्ड रिकॉर्ड: 6 पारी में 834 रन, चिन्मय ने फर्स्ट क्लास में मचाया तहलकाZoom

चिन्मय सुतार ने फर्स्ट क्लास में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

नई दिल्ली: रणजी ट्रॉफी 2026-27 के मौजूदा सत्र में मिजोरम के चिन्मय सुतार ने हाल ही में 400 रनों की पारी खेली थी. उसके कुछ दिन बाद ही चिन्मय ने एक और बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया. 23 वर्षीय चिन्मय रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में अपने बल्ले से कमाल दिखा रहे हैं. चिन्मय ने मिजोरम के लिए खेलते हुए इस सत्र की 6 पारियों में 834 रन बना डाले हैं.

इसके साथ ही चिन्मय के नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट का एक वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. चिन्मय फर्स्ट क्लास क्रिकेट की शुरुआती 6 पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. इस मामले में उन्होंने अफगानिस्तान के बशीर शाह को पीछे छोड़ा है. बशीर ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 6 पारियों में 831 रन बनाने का कारनामा किया था.

कौन हैं 23 साल के विस्फोटक बल्लेबाज चिन्मय सुतार?

23 साल के चिन्मय सुतार मिजोरम से पहले मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते थे. चिन्मय रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे धाकड़ खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर चुके हैं, लेकिन मुंबई की सीनियर टीम में कड़ी प्रतिस्पर्धा होने के कारण उन्होंने मिजोरम का रुख कर लिया और अब वह इस टीम के लिए अपनी दमदार बल्लेबाजी से तहलका मचा रहे हैं. चिन्मय मिजोरम के लिए फर्स्ट क्लास अलावा लिस्ट ए में भी मैदान पर उतर चुके हैं. लिस्ट में उन्होंने मिजोरम की तरफ से पांच मैच में 134 रन बनाए हैं.

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तहलका

बता दें कि चिन्मय के पिता भी मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं. चिन्मय ने अपने पिता से ही क्रिकेट के गुर सीखे हैं. चिन्मय के पिता मुंबई के लिए 7 फर्स्ट क्लास मैचों में मैदान पर उतरे हैं. अपने समय में उनके पिता की पहचान एक विस्फोटक बल्लेबाज की रही है. वहीं, अब खुद चिन्मय अपने पिता की तरह क्रिकेट के मैदान पर आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए नए-नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रहे हैं.



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