आचार्य शिवकांत(भोपाल),
Bhopal Retired IAS Officer Murder Case: भोपाल में पूर्व IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी वरुण ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि लगातार मिल रहे तानों और अपमान से वह कुंठित (मानसिक रूप से हताश) हो गया था और इसी वजह से उसने बेरहमी से वारदात को अंजाम दिया. फिलहाल, आरोपी हमीदिया अस्पताल में भर्ती है. वहां से डिस्चार्ज होते ही पुलिस उसे मौके पर ले जाकर घटना का सीन रिक्रिएट कराएगी.
पूछताछ में वरुण ने कहा कि “IAS एक ब्रांड है, इसलिए मारा, भागता नहीं तो अपराधी कैसे बनता.” उसने बताया कि घर के बाहर IAS की नेम प्लेट देखकर ही उसने यहां नौकरी जॉइन की थी. पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में वह सिर्फ रुपए लूटने के इरादे से आया था.
वारदात की रात क्या हुआ
आरोपी के बयान के अनुसार, हत्या वाले दिन रात करीब 12 बजे अग्रवाल ने वरुण को आखिरी बार डांटा. दवा देने में देरी होने पर उन्होंने उसे वहां से दफा हो जाने को कहा. इसके करीब दो घंटे बाद वरुण ने उनकी हत्या कर दी.
घर उड़ाने की भी थी साजिश
पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने का इंतजाम भी किया. उसने गैस सिलेंडर की पाइप काट दी और कपड़े पर चालू प्रेस छोड़ दी, ताकि सिलेंडर फट जाए और पूरा घर उड़ जाए। इसके बाद वह सुबह 4:12 बजे केरल एक्सप्रेस से फरार हो गया.
फरारी में कबाड़ बेचा, फुटपाथ पर सोया
फरारी के दौरान वरुण ने कबाड़ बेचकर गुजारा किया और फुटपाथ पर सोया. पुलिस से बचने के लिए वह हर दो दिन में अपना ठिकाना बदलता रहा. वह पहले ग्वालियर गया, फिर आगरा, मथुरा और वृंदावन होते हुए दिल्ली पहुंचा. दिल्ली से वह हरिद्वार, नैनीताल, ऋषिकेश और मनाली भी गया. पुलिस अब आरोपी के बयानों की पुष्टि के लिए सीन रिक्रिएशन और अन्य सबूत जुटाने की तैयारी में है.
बता दें, आरोपी के ऊपर पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था. गिरफ्तारी के समय पुलिस हिरासत से भागने और पिस्टल छीनकर हमला करने की कोशिश में शॉर्ट एनकाउंटर हुआ, जिसमें आरोपी घायल हो गया. पुलिस ने आरोपी के परिवार की घेराबंदी करके उसका सुराग लगाया था. उसकी तलाश के दौरान पुलिस को वरुण के बारे में कई बड़ी जानकारियां भी मिली थीं.