बिहार तक सफर या सजा? जनरल में जगह नहीं, स्लीपर में बैठने पर AC का जुर्माना
Last Updated:
Delhi Bihar Train Ground Report: दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेनों में जनरल कोच की किल्लत यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है. जनरल में जगह नहीं मिलने पर स्लीपर में बैठने को मजबूर यात्रियों पर भारी जुर्माना लगाए जाने से नाराजगी बढ़ रही है. क्या ट्रेन में सफर करना अब यात्रियों के लिए सजा बन गया है? देखें लोकल 18 की ग्राऊंड रिपोर्ट में यात्रियों का दर्द.
Delhi Bihar Train Ground Report: दिल्ली से भागलपुर जाने के लिए पवन कुमार ने दो महीने पहले ही रिजर्वेशन कराने की कोशिश की थी, लेकिन किसी भी ट्रेन में टिकट नहीं मिल सका. मजबूरी में उन्होंने 480 रुपये का जनरल टिकट खरीदा और गुरुवार को भागलपुर जाने के लिए ट्रेन में सवार हुए. जनरल कोच में पहुंचने पर वहां पैर रखने तक की जगह नहीं थी. कोच यात्रियों से खचाखच भरा हुआ था. ऐसे में पवन कुमार ने मजबूरी में स्लीपर कोच के टॉयलेट के पास बैठकर सफर करने का फैसला किया. उन्हें उम्मीद थी कि ट्रेन के अगले स्टेशन पर रुकने के दौरान जनरल कोच में जगह मिल जाएगी और वह वहां चले जाएंगे. लेकिन इसी बीच टीटी पहुंच गया और उन्होंने पवन कुमार पर 1150 रुपये का जुर्माना लगा दिया. पवन कुमार ने काफी मिन्नतें कीं, लेकिन टीटी ने जुर्माना माफ नहीं किया. यात्रियों का कहना है कि जनरल टिकट लेकर सफर करने के बावजूद उन्हें मजबूरी में स्लीपर कोच में बैठने के कारण भारी जुर्माना देना पड़ा.
स्लीपर का टिकट 580 रुपये का, टीटी ने लगाया 1080 का जुर्माना
यह परेशानी सिर्फ दिल्ली से भागलपुर जा रहे पवन कुमार की नहीं है. दिल्ली से बिहार के लखीसराय जा रहे नीरज कुमार और बलवंत कुमार के साथ भी ऐसा ही हुआ. जनरल कोच में जगह नहीं मिलने के बाद उन्होंने मजबूरी में ट्रेन की सीढ़ियों के पास बैठकर सफर करने का फैसला किया. लेकिन इस दौरान उन्हें भी भारी जुर्माना देना पड़ा. यात्रियों का आरोप है कि टिकट एजेंटों से ज्यादा पैसे टीटी वसूल रहे हैं. उनका कहना है कि भागलपुर के लिए स्लीपर क्लास का टिकट करीब 580 रुपये का है, लेकिन टीटी उनसे 1080 रुपये के थर्ड एसी टिकट के बराबर जुर्माना वसूल रहे हैं. यात्रियों का सवाल है कि जब जनरल कोच में जगह नहीं मिलती और मजबूरी में दूसरे कोच में बैठना पड़ता है, तो उन्हें इतनी बड़ी राशि क्यों चुकानी पड़ती है.
जनरल टिकट खरीदने का नहीं था थर्ड एसी के बराबर
दिल्ली से लखीसराय जा रहे बलवंत कुमार ने बताया कि जनरल की टिकट भी जैसे तैसे लोग खरीद रहे हैं, लेकिन जनरल की टिकट 480 रुपए ली जा रही है. खास तौर पर लखीसराय और भागलपुर जाने के लिए जबकि पटना और मोतिहारी के साथ ही मधुबनी की जो जनरल टिकट है वह सारे 600 रुपए की है. एक यात्री 650 रुपए जनरल टिकट के लिए दे और उसे जनरल में सीट भी ना मिले और फिर वह जैसे तैसे स्लीपर के बाहर जहां टॉयलेट होता है. वहां बैठकर की जाने की कोशिश करें तो वहां पर भी उसको 1150 रुपए से लेकर 1200 तक का जुर्माना भरना पड़े तो इससे अच्छा वह थर्ड एसी में सफर कर लेता. क्योंकि थर्ड एसी का टिकट आनंद विहार से बिहार के इन शहरों के लिए करीब 1080 रुपए है.
3 दिन से लग रहे जनरल टिकट की लाइन में नहीं मिला टिकट
एक और यात्री पिंटू ने बताया कि वह बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं. मुजफ्फरपुर जाने के लिए उन्होंने अपनी सीट बुक करने की कोशिश ऑनलाइन की थी लेकिन किसी भी ट्रेन में टिकट 3 महीने से ही नहीं मिल रही है. मजबूरी में वह खुद जनरल की टिकट की लाइन में बीते तीन दिनों से लग रहे हैं, ताकि अपने और अपने परिवार के लिए टिकट ले सकें लेकिन उन्हें टिकट 3 दिन से जनरल तक कि नहीं मिल पा रही है. जिन्हें जनरल की टिकट मिला भी है तुम्हें जनरल में जगह नहीं मिल रही है. पैसे 500 खर्च करने के बावजूद लोग बिहार तक नहीं जा पा रहे हैं. जनरल में जगह नहीं है और जब यात्री जैसे तैसे स्लीपर में बाहर खड़े होकर जाने की कोशिश कर रहे हैं तो उनके ऊपर जो जुर्माना लग रहा है और वह भी रिजर्वेशन सीट के बराबर लग रहा है.
एजेंट नहीं लेकिन टीटी कर रहे वसूली
आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर तमाम यात्रियों से बात करने के बाद यह पता चला कि यहां पर फिलहाल अभी ऐसा कोई एजेंट सक्रिय नहीं है जो ज्यादा पैसे मांग कर उन्हें ट्रेन पर टिकट दे रहा हो लेकिन एजेंट का काम ट्रेन में बैठे ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर यानी टीटी कर रहे हैं. जो यात्रियों से जनरल का टिकट होने के बावजूद उनसे जुर्माना वसूल रहे हैं. अगर आप जमीन पर भी बैठे हैं तो भी जुर्माना लगाया जा रहा है. हर तरह से यात्रियों को परेशान किया जा रहा है.