भारत विरोधी लिंडसे ग्राहम वाली सीट गई, अमेरिका चुनाव में ढहा ट्रंप का किला
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How Republican Party Looses Carolina: अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में जिस तरह के नतीजे आए हैं, वो काफी चौंकाने वाले हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चैन की नींद सोने की बात कर रहे हैं, उधर दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप की हवाइयां उड़ी हुई हैं. रिपब्लिकन पार्टी के तेज-तर्रार और भारत विरोधी नेता लिंडसे ग्राहम ने जिस सीट को संभाल रखा था, उनके निधन के बाद पार्टी उसे भी खो चुकी है.
डोनाल्ड ट्रंप की फाइल फोटो. (Photo : रॉयटर्स)
Republican Party Looses Carolina: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. साउथ कैरोलिना जैसे परंपरागत रिपब्लिकन गढ़ में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार डॉक्टर एनी एंड्रयूज ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लिन ग्राहम को हराकर सीनेट की सीट डेमोक्रेट्स के खाते में डाल दी. साल 1998 के बाद पहली बार इस राज्य से कोई डेमोक्रेट सीनेट पहुंचने जा रहा है.
इस मुकाबले को चुनाव की सबसे चौंकाने वाली हार में गिना जा रहा है. वोटों की गिनती के दौरान 88 फीसदी मतों के आंकड़े आने तक एनी एंड्रयूज 4.1 प्रतिशत अंकों से आगे चल रही थीं. एंड्रयूज पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ हैं और तीन बच्चों की मां हैं. इस चुनाव की चर्चा इसलिए भी ज्यादा थी क्योंकि डार्लिन ग्राहम पूर्व सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन हैं. लिंडसे ग्राहम भारत को लेकर अपने तीखे रुख और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीबी राजनीतिक संबंधों के लिए भी चर्चा में रहे हैं. उनके परिवार की राजनीतिक विरासत के सहारे डार्लिन को चुनाव में उतारा गया था.
डोनाल्ड ट्रंप ने भी डार्लिन के समर्थन में साउथ कैरोलिना का दो बार दौरा किया और उनके लिए प्रचार किया. रिपब्लिकन पार्टी की ओर से भी इस मुकाबले में करोड़ों डॉलर खर्च किए गए, बावजूद इसके डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने मुकाबले का रुख बदल दिया. चुनाव से पहले कई सर्वेक्षणों में यह मुकाबला बेहद करीबी बताया गया था. रिपब्लिकन मतदाताओं का एक वर्ग भी डार्लिन की उम्मीदवारी से खुश नहीं था और उनका मानना था कि किसी राजनीतिक परिवार से होने के आधार पर किसी को सीनेट की सीट नहीं मिलनी चाहिए. कुछ रिपब्लिकन मतदाताओं ने खुलकर एनी एंड्रयूज का समर्थन किया.
इसके अलावा नॉर्थ कैरोलिना की महत्वपूर्ण अमेरिकी सीनेट सीट पर भी डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व गवर्नर रॉय कूपर ने रिपब्लिकन पार्टी के माइकल व्हैटली को हरा दिया है. यह सीट पहले रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस के पास थी, जिन्होंने दोबारा चुनाव न लड़ने का फैसला किया था. रॉय कूपर की जीत के बाद यह सीट अब रिपब्लिकन से बदलकर डेमोक्रेट्स के खाते में चली गई है.साल 2008 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब पिछले 18 सालों में नॉर्थ कैरोलिना से कोई डेमोक्रेटिक उम्मीदवार सीनेट के लिए चुना गया है. माइकल व्हैटली को रिपब्लिकन नेशनल कमिटी के पूर्व अध्यक्ष के रूप में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मजबूत समर्थन हासिल था पर ये काम नहीं आया.
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