Public Opinion: ग्रीन पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी से खुश हुए दिल्ली के लोग, पहुंचे पटाखा बाजार

Public Opinion: ग्रीन पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी से खुश हुए दिल्ली के लोग, पहुंचे पटाखा बाजार


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Public Opinion: ग्रीन पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी, खुश हुए दिल्ली के लोग

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देशभर में बढ़ता प्रदूषण नवजात बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक है. इससे लोगों को तरह-तरह की बीमारियां हो रही हैं और फिर उनके इलाज में लोगों का भारी पैसा खर्च होता है. इस प्रदूषण के कारण शहरों में महिलाओं को समय से पहले डिलीवरी के मामले बढ़ रहे हैं जिसे प्री-मेच्योर डिलीवरी कहते हैं. दीवाली में पटाखों से काफी ज्यादा प्रदूषण होता है जो शहरों में और गलियों में हफ्तों और महीनों रहता है. प्रदूषण की वजह से ही दीवाली में पटाखे चलाने पर भी बैन था. अब सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों को हरी झंडी दे दी है.

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दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में भले ही सभी तरह की सुख-सुविधाएं हों और एक से बढ़कर एक स्कूल, अस्पताल और मॉल हैं लेकिन, वहां की हवा जहरीली है. दिल्ली का प्रदूषण देश में चर्चा का विषय बना रहता है. जब देश की राजधानी का ये हाल है तो आप बाकी शहरों के वायु प्रदूषण की हालत समझ सकते हैं. अब दिवाली का त्योहार करीब है और इस त्योहार में बड़े पैमाने पर पटाखे फोड़े जाते हैं. इससे दिल्ली और एनसीआर सहित देश के लगभग सभी शहरों में भारी प्रदूषण होता है. इस प्रदूषण से कई लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है. इसका सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों और बुजुर्गों को होता है. ऐसे में प्रदूषण रोकने के लिए पटाखों की बिक्री पर बैन लगा है. इस बीच ग्रीन पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद दिल्ली के लोग ग्रीन पटाखों की खरीदारी करने बाजार पहुंच रहे हैं. बाजार में आए लोगों का कहना है कि इस फैसले से बच्चों को दिवाली पर पटाखे और फुलझड़ी आदि जलाने को मिलेगा और इस काम पर निर्भर लोग भी कारोबार कर पाएंगे.

बच्चों के लिए खास है पटाखों वाली दिवाली
दिल्ली कैंट से पटाखे खरीदने पहुंचे अभिषेक का कहना है कि ग्रीन पटाखों को लेकर लिया गया फैसला अच्छा है. इससे बच्चों को खुशी मिलेगी और पटाखों का कारोबार करने वाले लोगों को भी काम करने का अवसर मिलेगा. उनके मुताबिक, पटाखे बच्चों के लिए दिवाली की खास खुशियों में से एक हैं और साल में एक बार उन्हें इसका मौका मिलना चाहिए.

लोगों ने भी किया फैसले का स्वागत
आलोक कुमार समेत बाजार में मौजूद दूसरे खरीदारों का भी मानना है कि दिवाली पर पटाखे जलाने की अपनी अलग खुशी है. लोगों ने माना कि पटाखों से प्रदूषण होता है लेकिन उनका कहना है कि साल में एक दिन त्योहार के मौके पर नियंत्रित तरीके से पटाखा जलाने की अनुमति होनी चाहिए.

भारती और राज जुनेजा ने उठाया अनुमति में देरी का मुद्दा
बाजार में खरीदारी करने पहुंचीं भारती और राज जुनेजा ने भी ग्रीन पटाखों को लेकर आए फैसले पर अपनी राय रखी. खरीदारों का कहना है कि पटाखों की बिक्री की अनुमति पहले मिलनी चाहिए थी, ताकि लोगों को खरीदारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके. देर से अनुमति मिलने के कारण बाजार और खरीदारों दोनों को परेशानी हो सकती है.

पटाखों से जुड़ी है दिवाली की खुशी
लोगों का कहना है कि पटाखों की बिक्री शुरू होने से कारोबारियों को फायदा मिलेगा और बच्चों के चेहरे पर भी दिवाली की खुशी देखने को मिलेगी. कुल मिलाकर, बाजार में मौजूद खरीदार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते नजर आए. उनके लिए ग्रीन पटाखे सिर्फ आतिशबाजी नहीं, बल्कि दिवाली की खुशियों और बचपन की यादों से भी जुड़े हैं. लोगों ने पटाखों को अपने बचपन की याद बताया.



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