Paid Menopause Leave: अब महिलाओं को मेनोपॉज के ल‍िए म‍िलेगी ‘पेड सिक लीव’, कैसे स्‍पेन दुनिया के सामने रख रहा है नज़ीर?


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मेनोपॉज हर 40 पार महिला के जीवन में आने वाला सच है, लेकिन इससे जुड़ी समस्‍याओं को अक्‍सर नजरअंदाज कर द‍िया जाता है या इसपर बात करना उतना जरूरी नहीं समझा जाता. लेकिन सच ये है कि अब जब महिलाएं वर्क-फोर्स का इतना बड़ा हिस्‍सा हैं, तो दफ्तरों में इसपर बात करना और इससे जुड़ी परेशानियों को समझाना बेहद जरूरी है. स्‍पेन का यह कदम इसी द‍िशा में कम से कम बहस और सोच तो पैदा करती ही है.

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अब महिलाओं को मेनोपॉज के ल‍िए म‍िलेगी 'पेड सिक लीव!Zoom

महिलाओं को मेनोपॉज के ल‍िए म‍िलेगी ‘पेड सिक लीव’

स्पेन 1 द‍िसंबर से दुनिया के सामने एक नई म‍िसाल पेश करने जा रहा है. यूरोप का यह देश महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान होने वाली सीरियस मेड‍िकल कंडीशन में स्‍पेशल मेड‍िकल लीव देने का अध‍िकार दे रहा है. मेनोपॉज के ल‍िए म‍िलने वाली ये लीव ‘पेड’ होंगी. स्‍पेन की सरकार ने 20 अक्टूबर को इस सुधार को मंजूरी दी थी. स्‍पेन का यह कदम वर्किंग वुमेन की सेहत और अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम है. हालांकि मेनोपॉज से गुजरने वाली हर महिला को ये छुट्टी म‍िल जाएगी, ऐसा नहीं है. ये विशेष छुट्टी डॉक्‍टरी जांच और कुछ खास मेड‍िकल कंडीशंस में ही म‍िलेगी.

क्‍या है मेनोपॉज?
इंद्रा आईवीएफ फर्ट‍िल‍िटी सेंटर इसपर बताता है कि ‘मेनोपॉज वो समय है जब महिला का पीरियड्स हमेशा के ल‍िए बंद हो जाते हैं और वह नेचुरल तरीके से गर्भधारण नहीं कर सकती.’ इसकी पहचान का साफ न‍ियम है कि जब लगातार 12 महीनों तक क‍िसी मह‍िला को एक भी पीरियड न आएं यानी पूरे साल भर कोई ब्‍लीड‍िंग या स्‍पॉट‍िंग न हो, तब माना जाता है कि मेनोपॉज हो गया है. हालांकि मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं है, बल्‍कि उम्र के साथ महिलाओं के शरीर में आने वाला एक नेचुरल बदलाव है. मेनोपॉज ज्‍यादातर महिलाओं में 45 से 55 की उम्र के बीच आता है. हालांकि क‍िसी को ये 55 की उम्र में आता है तो क‍िसी को 48 में और ये दोनों ही कंडीशन नॉर्मल हैं. मेनोपॉज से पहले आता है ‘प्रीमेनोपॉज’. यही वो समय है जब शरीर में हार्मोन बदलना शुरू होते हैं.

मेनोपॉज के लक्षण
प्रीमेनोपॉज दौर में क‍िसी में कम लक्षण द‍िखते हैं क‍िसी में ज्‍यादा. ये लक्षण हैं…

पीरियड्स का अनियमित होना – अक्सर सबसे पहला संकेत. कभी जल्दी, कभी देर से, कभी भारी, कभी हल्के
हॉट फ्लैश (Hot Flashes) – अचानक शरीर में गर्मी की लहर, चेहरा लाल होना
रात में पसीना – जिससे नींद टूटती है
नींद की पेशानी होना
मूड में बदलाव – चिड़चिड़ापन, बेचैनी, उदासी
योनि का सूखापन, सम्बंध के दौरान तकलीफ
‘ब्रेन फ़ॉग’ – ध्यान न लगना, बातें भूलना
जोड़ों और मांसपेशियों में तकलीफ

क्‍यों ‘ब‍िग डील’ है स्‍पेन का ये कदम
‘यूरो न्‍यूज’ की रिपोर्ट बताती है कि स्‍पेन की सरकार का मानना है कि इस कदम से उन स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान दिया जा सकेगा, जिन्हें लंबे समय तक कामकाज की जगहों पर नजरअंदाज किया जाता रहा है. कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामाजिक सुरक्षा और प्रवासन मंत्री एल्मा साइज ने इस फैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा, ‘सोशल सिक्योरिटी से 1 करोड़ 5 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं और हम उन समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, जिन्हें अब तक नजरअंदाज किया जाता रहा है.’

मेनोपॉज ज्‍यादातर महिलाओं में 45 से 55 की उम्र के बीच आता है.
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