प्रेमी गया जेल तो संभाली चरस तस्करी की कमान, कानपुर में डेढ़ करोड़ की चरस के साथ लेडी डॉन गिरफ्तार

प्रेमी गया जेल तो संभाली चरस तस्करी की कमान, कानपुर में डेढ़ करोड़ की चरस के साथ लेडी डॉन गिरफ्तार


कानपुर: प्रेमी के जेल जाने के बाद कथित तौर पर चरस तस्करी का नेटवर्क खुद संभालने वाली महिला को कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बजरिया थाना क्षेत्र के कंघी मोहल्ले में उसके घर पर छापा मारकर करीब 3 किलो चरस बरामद की है. बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है. गिरफ्तार महिला की पहचान शबनम बेगम के रूप में हुई है.

पुलिस के मुताबिक, वह नसरीन, बानो और गुड्डी समेत अलग-अलग नामों का भी इस्तेमाल करती थी. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसका तस्करी नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला हुआ है और इस धंधे में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हैं.

मुखबिर की सूचना पर घर में हुई छापेमारी
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की ओर से नशे के कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी दौरान पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल को शहर में एक महिला के जरिए चरस की सप्लाई किए जाने की सूचना मिली. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए.

डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में बजरिया थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम बनाई गई. मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने कंघी मोहल्ले में स्थित शबनम के घर पर छापा मारा. इस कार्रवाई में 15 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल थे. टीम में महिला पुलिसकर्मियों को भी रखा गया था, ताकि घर की तलाशी के दौरान जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके.

घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर रखी थी चरस
पुलिस जब घर की तलाशी लेने पहुंची तो वहां अलग-अलग जगहों पर रखे लिफाफों से चरस बरामद हुई. तलाशी के दौरान कुल करीब 3 किलो चरस मिली. पुलिस के मुताबिक, नशीले पदार्थ को घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर रखा गया था. बरामदगी के बाद पुलिस ने शबनम को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों के अनुसार, बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है. हालांकि, इसकी कीमत और जब्त किए गए पदार्थ की पुष्टि संबंधित जांच और परीक्षण के आधार पर की जाएगी.

प्रेमी खटोला के जेल जाने के बाद नेटवर्क संभालने का आरोप
पुलिस पूछताछ और सामने आई जानकारी के मुताबिक, शबनम की मुलाकात रियाज उर्फ खटोला से हुई थी. बताया जा रहा है कि रियाज पहले से नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ था. कुछ समय पहले पुलिस ने उसे करीब डेढ़ किलो चरस और एक पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था.

सूत्रों के अनुसार, रियाज के जेल जाने के बाद शबनम ने कथित तौर पर चरस की सप्लाई से जुड़े काम को संभाल लिया. आरोप है कि उसने अपने स्तर पर लोगों की टीम तैयार की और उनके जरिए अलग-अलग जगहों पर नशीले पदार्थ की सप्लाई कराई. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि रियाज की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था और इसमें किन लोगों की भूमिका रही है.

कई नामों से पहचान छिपाने की भी जांच
गिरफ्तार महिला के बारे में पुलिस को जानकारी मिली है कि वह शबनम बेगम के अलावा नसरीन, बानो और गुड्डी जैसे नामों का भी इस्तेमाल करती थी. पुलिस इन सभी नामों और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है. जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना भी है कि अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि को छिपाने के लिए किया गया था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी.

कई जिलों तक फैला है नेटवर्क, पुलिस खंगाल रही कड़ियां
पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के मुताबिक, शबनम से पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चरस कहां से लाई जाती थी, इसकी सप्लाई किन लोगों तक होती थी और इस कारोबार से जुड़े दूसरे लोग कौन हैं. अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क की कड़ियां कई जिलों तक फैली होने की आशंका है. ऐसे में दूसरे जिलों में भी इससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है.



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