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Gopalganj Education Minister Mithilesh Tiwari: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दावा किया है कि पाकिस्तान के रावलपिंडी से टूरिस्ट वीजा पर गोपालगंज आए 179 नागरिकों के लौटने का कोई प्रमाण नहीं है. 1990 के बाद आए ऐसे नागरिकों की एनआईए जांच कर रही है. हालांकि अभी तक इन लोगों का कोई पता नहीं चला है.
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बयान
गोपालगंज: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज में पाकिस्तान से जुड़े एक मामले को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रावलपिंडी से 179 नागरिक टूरिस्ट वीजा पर गोपालगंज आए थे, लेकिन उनके वापस लौटने का कोई प्रमाण सरकार को नहीं मिला है. मंत्री के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. उन्होंने बताया कि वर्ष 1990 के बाद भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़े पूरे मामले की जांच कराई जा रही है. इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी जांच कर रही है.
रावलपिंडी से आए थे 179 नागरिक
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दावा किया कि पाकिस्तान के रावलपिंडी से 179 नागरिक टूरिस्ट वीजा पर गोपालगंज पहुंचे थे. हालांकि, इन लोगों के वापस पाकिस्तान लौटने से संबंधित कोई प्रमाण सरकार के पास उपलब्ध नहीं है. इस जानकारी के सामने आने के बाद सुरक्षा और नागरिकों के आवागमन से जुड़े कई सवाल खड़े हो गए हैं.
मंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और इसकी जांच कराई जा रही है. जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पाकिस्तान से आए इन नागरिकों का गोपालगंज आने का उद्देश्य क्या था और उनके वापस लौटने से जुड़े दस्तावेज क्यों उपलब्ध नहीं हैं.
1990 के बाद आए पाकिस्तानी नागरिकों की हो रही जांच
मिथिलेश तिवारी ने बताया कि वर्ष 1990 के बाद भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में केवल राज्य सरकार ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए भी जुटी हुई है. जांच एजेंसियां संबंधित दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं. हालांकि, अभी तक इस मामले में अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है.
विकसित भारत यूथ कॉन्वोकेशन में दिया बयान
शिक्षा मंत्री ने यह बयान गोपालगंज के महेंद्र महिला महाविद्यालय में आयोजित विकसित भारत यूथ कॉन्वोकेशन कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान दिया. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. फिलहाल 179 पाकिस्तानी नागरिकों के वापस लौटने का प्रमाण नहीं मिलने से जुड़े दावे की आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है. जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.