ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रहे इलाके में अब एक और बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जुड़ने जा रहा है. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में सिंगापुर सिटी बसाने की तैयारी है. इसके लिए सेक्टर-7 में करीब 500 एकड़ जमीन तय की गई है. इस प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ एक नया शहर बसाना नहीं, बल्कि यहां विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं देना और बड़े उद्योगों का नेटवर्क तैयार करना है. खास बात यह है कि इस शहर में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की योजना है. इससे नोएडा एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
यीडा के सेक्टर-7 में प्रस्तावित सिंगापुर सिटी के लिए करीब 500 एकड़ जमीन का प्रावधान किया गया है. इस प्रोजेक्ट को लेकर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सिंगापुर के उद्योगपतियों और निवेशकों के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक हुई. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच निवेश और तकनीक के क्षेत्र में मिलकर काम करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई.
सिंगापुर के बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर दिलचस्पी दिखाई. इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों का भी दौरा किया था. यहां चल रहे और प्रस्तावित प्रोजेक्ट की जानकारी ली गई. इनमें फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर क्लस्टर जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं.
सेमीकंडक्टर से लेकर डेटा सेंटर तक लगेंगी बड़ी कंपनियां
प्रस्तावित सिंगापुर सिटी में कई आधुनिक उद्योगों को जगह देने की योजना है. इसमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के साथ डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा. इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के लिए भी सुविधाएं विकसित करने की बात है.
दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट के नजदीक होने से इस इलाके में कंपनियों को माल लाने-ले जाने और अपने कारोबार को दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है. एयरपोर्ट के साथ एक्सप्रेसवे और दूसरे परिवहन नेटवर्क की कनेक्टिविटी भी इस क्षेत्र के लिए अहम मानी जा रही है. इसी वजह से यीडा क्षेत्र को आने वाले समय में बड़े औद्योगिक और कारोबारी केंद्र के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है.
सोलर एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन पर भी रहेगा फोकस
इस प्रोजेक्ट में केवल फैक्ट्रियां और बड़े कारोबारी परिसर ही नहीं, बल्कि नई तकनीक और पर्यावरण से जुड़ी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा. सोलर एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, कचरे के बेहतर प्रबंधन और पानी को दोबारा इस्तेमाल करने जैसी तकनीकों पर सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं.
शहर की योजना और संसाधनों के सही इस्तेमाल में भी सिंगापुर के अनुभव का फायदा लेने की बात है. इसका मकसद ऐसा औद्योगिक क्षेत्र तैयार करना है, जहां कंपनियों को कारोबार के लिए जरूरी सुविधाएं एक ही जगह मिल सकें. इससे निवेशकों को आकर्षित करने के साथ इलाके के विकास को भी बढ़ावा मिल सकता है.
775 करोड़ रुपये से लगेगी पैकेजिंग फैक्ट्री, 1880 लोगों को रोजगार
सिंगापुर सिटी की योजना के साथ ही यीडा क्षेत्र में एक और औद्योगिक निवेश की जानकारी सामने आई है. सिंगापुर के यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज ग्रुप से जुड़ी कंपनी ग्रेटर नासिक इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-8डी में 50 एकड़ जमीन के लिए पात्रता प्रमाणपत्र दिया गया है.
कंपनी यहां करीब 775 करोड़ रुपये के निवेश से यूनिवर्सल पैकेजिंग हब नाम का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी. इस प्रोजेक्ट से करीब 1,880 लोगों को सीधे रोजगार मिलने का अनुमान है. हालांकि, यह सिंगापुर सिटी से अलग औद्योगिक निवेश परियोजना है, लेकिन दोनों ही योजनाएं यीडा क्षेत्र में विदेशी निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने की कोशिश का हिस्सा हैं.
नोएडा एयरपोर्ट के आसपास क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में पहले से कई बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं. ऐसे में सिंगापुर सिटी की योजना इस इलाके को नई पहचान दे सकती है. यहां एयरपोर्ट के साथ बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और औद्योगिक जमीन की उपलब्धता को निवेश आकर्षित करने के लिए अहम माना जा रहा है.