टेस्ट इतिहास के 5 सबसे बड़े रन आउट… सपनों की पारी का दर्दनाक अंत

टेस्ट इतिहास के 5 सबसे बड़े रन आउट… सपनों की पारी का दर्दनाक अंत


होमखेलक्रिकेट

टेस्ट इतिहास के 5 सबसे बड़े रन आउट… सपनों की पारी का दर्दनाक अंत

Last Updated:

5 biggest run out in test: क्रिकेट के इतिहास में रन आउट होना किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे निराशाजनक पल होता है. खासकर तब जब वह मैदान पर ऐतिहासिक पारी खेल रहा हो. टेस्ट क्रिकेट में ब्रायन लारा, कोनराड हंते और बेन स्टोक्स जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने रिकॉर्डतोड़ पारियां खेलीं, लेकिन अंत में थकान या रनिंग में छोटी सी चूक के कारण उन्हें रन आउट होकर पवेलियन लौटना पड़ा. यह आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि मैदान पर टिके रहने के लिए केवल रन बनाना ही नहीं, बल्कि विकेटों के बीच सही तालमेल रखना भी जरूरी है.

Zoom

टेस्‍ट में सबसे बड़ी पारी खेलने के बाद रन आउट होने वाले 5 बल्‍लेबाज.

नई द‍िल्‍ली. क्रिकेट के इतिहास में रन आउट होना किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे निराशाजनक क्षणों में से एक होता है. खासकर तब जब वह अपनी पारी के सबसे बेहतरीन दौर में हो और मैदान पर बड़ा स्कोर खड़ा कर रहा हो. पारंपरिक क्रिकेट स्कोरकार्ड में ये आंकड़े सिर्फ संख्याओं की तरह दर्ज होते हैं. जैसे ‘277’ या ‘260’. लेकिन इन अंकों के पीछे मैदान पर बहाया गया पसीना, दर्शकों का रोमांच, उम्मीदों का दबाव और वो एक पल की चूक होती है जो इतिहास बदल देती है. जब हम टेस्ट क्रिकेट में रन आउट होने वाले बल्लेबाजों की इस खास ल‍िस्‍ट को देखते हैं, तो क्रिकेट के मैदान के कई रोमांचक और द‍िल टूटने वाले मैच सामने आते हैं.

वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा (Brian Lara) का नाम इस ल‍िस्‍ट में टॉप पर है. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर 2 जनवरी 1993 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में ब्रायन लारा ने अपनी बल्लेबाजी का ऐसा जादू दिखाया कि कंगारू गेंदबाज पानी मांगते नजर आए. उन्होंने एक ऐसी पारी खेली जो टेस्ट इतिहास के पन्नों में अमर हो गई. अपनी इस मैराथन पारी के दौरान लारा ने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और रिकॉर्ड 277 रन बनाए. वेस्टइंडीज की पारी का यह स्कोर और लारा की यह कलात्मक पारी लंबे समय तक याद रखी गई. हालांकि, इतनी लंबी और थका देने वाली पारी का अंत उस तरह नहीं हुआ जैसी लारा ने कल्पना की होगी. एक रन चुराने की कोशिश में वह रन आउट हो गए. वह 277 रनों के स्कोर पर आउट होकर पवेलियन लौटे. यह इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि जब कोई बल्लेबाज अपनी शारीरिक और मानसिक सीमा को पार कर इतनी लंबी पारी खेलता है, तो अंत में जरा सी थकान या गलत तालमेल उसे रन आउट का शिकार बना देती है.

कोनराड हंते की किंग्स्टन में 260 रनों की शानदार पारी
इस ल‍िस्‍ट में दूसरे स्थान पर एक और वेस्टइंडीज के खिलाड़ी कोनराड हंते ( Conrad Hunte) का नाम है. किंग्स्टन के ऐतिहासिक मैदान पर 26 फरवरी 1958 को पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए हंते ने बल्लेबाजी का बेहतरीन नमूना पेश किया. उन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाजों के आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए 260 रन बनाए. वह दोहरा शतक जड़ने के बाद तिहरे शतक की ओर तेजी से बढ़ रहे थे, लेकिन रनिंग बिटवीन द विकेट्स (दौड़ने के तालमेल) में हुई एक छोटी सी गलती उन पर भारी पड़ी. वह 260 रनों के स्कोर पर रन आउट होकर पवेलियन लौटे. यह पारी आज भी वेस्टइंडीज क्रिकेट के सुनहरे दौर की याद दिलाती है, जहां बल्लेबाज क्रीज पर टिकने के लिए अपनी जान लगा देते थे.

बेन स्टोक्स के केप टाउन में 258 रनों का आक्रामक तूफान
तीसरे पायदान पर आधुनिक युग के सबसे विस्फोटक और जांबाज ऑलराउंडर में से एक, इंग्लैंड के बेन स्टोक्स (BA Stokes) का नाम आता है.केप टाउन में 2 जनवरी 2016 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एक टेस्ट मैच में बेन स्टोक्स ने अपनी पारी से तहलका मचा दिया था. उन्होंने साउथ अफ्रीकी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान के हर कोने में रन बटोरे. इस आक्रामक पारी के दौरान स्टोक्स ने 258 रन बनाए. यह पारी टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज और रोमांचक दोहरे शतकों में गिनी जाती है. स्टोक्स का बल्ला उस दिन आग उगल रहा था, लेकिन एक रन चुराने के प्रयास में उनका यह मैराथन सफर थम गया। स्टोक्स 258 रनों पर रन आउट हो गए, लेकिन तब तक वह इंग्लैंड के लिए एक एतिहासिक स्कोर खड़ा कर चुके थे.

तौफीक उमर का अबू धाबी में 236 रनों का धैर्यपूर्ण संघर्ष
चौथे स्थान पर पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज तौफीक उमर (Taufeeq Umar) का नाम है. अबू धाबी के मैदान पर 18 अक्टूबर 2011 को श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए तौफीक उमर ने धैर्य और तकनीक का अद्भुत प्रदर्शन किया. यूएई की मुश्किल पिचों पर श्रीलंकाई स्पिनर्स का सामना करना आसान नहीं था, लेकिन उमर ने डटकर मुकाबला किया. उन्होंने लंबी और संघर्षपूर्ण पारी खेलते हुए 236 रन बनाए.हालांकि, इतनी लंबी पारी खेलने के बाद एकाग्रता टूटना स्वाभाविक है, और रनिंग में गफलत की वजह से वह भी रन आउट का शिकार हो गए. 236 रनों के इस स्कोर ने पाकिस्तान की स्थिति को मजबूत किया था, लेकिन उनका यह विकेट इस बात का गवाह है कि टेस्ट क्रिकेट में लंबा टिकने के लिए मानसिक सजगता आखिरी गेंद तक जरूरी होती है.

लूस विंसेंट ने वेलिंगटन में 224 रनों की बेहतरीन पारी
इस सूची के पांचवें स्थान पर न्यूजीलैंड के लूस विंसेंट (L Vincent) नजर आते हैं. वेलिंगटन के मैदान पर 11 अप्रैल 2005 को श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए विंसेंट ने कीवी टीम के लिए एक शानदार पारी खेली. उन्होंने अपनी शानदार टाइमिंग और शॉट्स के दम पर 224 रन बनाए. श्रीलंका के खिलाफ इस मैच में वह दोहरे शतक का आंकड़ा पार करने के बाद भी रुकने का नाम नहीं ले रहे थे, लेकिन अंततः रन आउट का वह दुर्भाग्यपूर्ण नियम उनके आड़े आ गया. 224 रनों के स्कोर पर रन आउट होने के बाद उनकी यह ऐतिहासिक पारी समाप्त हुई.



Source link