छत्तीसगढ़ में बढ़ी बांस के सामान की मांग, महेंद्र ध्रुव के हाथों में निखर रही कला, चर्चा में कारीगर का हुनर

छत्तीसगढ़ में बढ़ी बांस के सामान की मांग, महेंद्र ध्रुव के हाथों में निखर रही कला, चर्चा में कारीगर का हुनर


Last Updated:

Chhattisgarh Bamboo Craft: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के डोंगरी गांव के महेंद्र कुमार ध्रुव बांस से टेबल, कुर्सी, सोफा, स्टूल और सजावटी सामान बनाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं. बांस को छीलने से लेकर उसे अलग-अलग आकार देने तक वे खुद मेहनत करते हैं. अपने हुनर से तैयार इन उत्पादों को बेचकर महेंद्र हर महीने करीब 10 से 20 हजार रुपये तक की कमाई कर रहे हैं.

राहुल दुबे(रायपुर), 

Chhattisgarh Bamboo Craft: छत्तीसगढ़ में बांस से बने सामान लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं. बांस से टेबल, कुर्सी, सोफा, स्टूल, फूलदान और घर में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें बनाई जा रही हैं. ये सामान घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ कारीगरों की कमाई का जरिया भी बन रहे हैं. गरियाबंद जिले के डोंगरी गांव के रहने वाले महेंद्र कुमार ध्रुव भी बांस से कई तरह के सामान बनाकर अपनी कमाई कर रहे हैं.

बांस से बनाते हैं कई तरह के सामान
महेंद्र कुमार ध्रुव बताते हैं कि वे बांस से टेबल, स्टूल, चप्पल स्टैंड, बुक रैक, पेन स्टैंड, सोफा, कुर्सी, गुलदस्ता और लेटर बॉक्स जैसी चीजें बनाते हैं. इन सभी सामानों को बनाने में बांस का ही इस्तेमाल होता है. इसके लिए कील, फेविकोल, आरी, बटासी, दाव और रेगमाल जैसे सामानों की जरूरत पड़ती है.

सामान बनाने में लगती है काफी मेहनत
बांस से कोई भी सामान बनाना आसान नहीं होता. सबसे पहले बांस को छीलना पड़ता है, जिसमें काफी मेहनत लगती है. इसके बाद उसे काटकर और आकार देकर अलग-अलग चीजें तैयार की जाती हैं. कारीगर अपने हुनर से साधारण बांस को सुंदर और काम आने वाले सामान में बदल देते हैं.

10 से 20 हजार रुपये तक होती है कमाई
महेंद्र बताते हैं कि इस काम में जितना सामान तैयार होता है, उसी के हिसाब से कमाई होती है. बांस से सामान बनाकर करीब 10 हजार से 20 हजार रुपये तक कमाए जा सकते हैं. इस तरह बांस की कला उनके लिए रोजगार का अच्छा जरिया बन रही है.



Source link