अब कानपुर यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ क्रिकेटर बनने का भी मिलेगा मौका, BCCI के एक्सपर्ट तराशेंगे हुनर

अब कानपुर यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ क्रिकेटर बनने का भी मिलेगा मौका, BCCI के एक्सपर्ट तराशेंगे हुनर


कानपुर:  अब कानपुर की छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी (सीएसजेएमयू) से पढ़ाई के साथ क्रिकेटर बनने का सपना भी पूरा हो सकेगा. यूनिवर्सिटी में बीसीसीआई के स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनकर तैयार हो चुका है. अब यहां जल्द ही क्रिकेट एकेडमी शुरू होने जा रही है. खास बात यह है कि इस एकेडमी में बीसीसीआई से प्रशिक्षण प्राप्त कोच और एक्सपर्ट युवाओं को क्रिकेट की बारीकियां सिखाएंगे. इसके लिए यूनिवर्सिटी को बीसीसीआई की ओर से पत्र भी मिल चुका है. एकेडमी में यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं के साथ देशभर के युवा भी प्रवेश ले सकेंगे. उन्हें कम शुल्क में बेहतर सुविधाओं के बीच क्रिकेट सीखने का मौका मिलेगा. यानी अब क्रिकेट में करियर बनाने के लिए युवाओं को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने बताया कि स्टेडियम को इस तरह तैयार किया गया है कि यहां रणजी स्तर के मुकाबले भी कराए जा सकेंगे. जब स्टेडियम में मैच नहीं होंगे, तब बीसीसीआई स्तर के कोच, क्यूरेटर और दूसरे विशेषज्ञ यहां आकर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे. एकेडमी में प्रवेश लेने वाले युवाओं को रियायती दरों पर ट्रेनिंग दी जाएगी. उन्होंने बताया कि क्रिकेट के बाद यूनिवर्सिटी में हॉकी और फुटबॉल की एकेडमी भी शुरू कराने की तैयारी है. इससे पढ़ाई के साथ खेल में रुचि रखने वाले छात्रों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा.

सात तरह की मिट्टी से तैयार किए गए हैं टर्फ विकेट

सीएसजेएमयू के क्रिकेट स्टेडियम की सबसे खास बात यहां बने सात अलग-अलग तरह के टर्फ विकेट हैं. इन्हें अलग-अलग राज्यों की मिट्टी से तैयार किया गया है. इनमें महाराष्ट्र की लाल मिट्टी का एक विकेट, ओडिशा के कालाहांडी की काली मिट्टी के दो विकेट, लाल और काली मिट्टी के मिश्रण से बने दो विकेट और उन्नाव की काली मिट्टी के दो विकेट शामिल हैं. इससे खिलाड़ियों को अलग-अलग पिचों पर खेलने और अपनी तकनीक सुधारने का मौका मिलेगा.

करीब 85 मीटर × 75 मीटर के मैदान में सैंड प्रोफाइल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. मैदान पर टिफवे बरमूडा घास लगाई गई है. बारिश के पानी की निकासी के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और पानी देने के लिए ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर की व्यवस्था है. स्टेडियम में करीब तीन हजार दर्शक बैठकर मैच देख सकेंगे. यहां दो खुली और एक कवर्ड दर्शक दीर्घा बनाई गई है. खिलाड़ियों के लिए सॉना, जकूजी, स्टीम बाथ और हाइड्रोथेरेपी जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं.

छात्रों के अभ्यास को मिलेगी पहली प्राथमिकता

यूनिवर्सिटी और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के बीच स्टेडियम को लेकर करार हुआ है. इसके तहत यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं, क्रिकेट टीम और प्रस्तावित क्रिकेट एकेडमी के खिलाड़ियों को अभ्यास और ट्रायल के लिए पहली प्राथमिकता दी जाएगी. यूपीसीए के मैच होने पर भी छात्रों का रोजाना अभ्यास प्रभावित नहीं होगा. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों की वजह से भी एक साल में अधिकतम 100 दिन ही छात्रों का अभ्यास प्रभावित हो सकेगा.

यूपीसीए देगा हर महीने 75 हजार रुपये

स्टेडियम के इस्तेमाल के लिए यूपीसीए यूनिवर्सिटी को हर महीने 75 हजार रुपये और जीएसटी के हिसाब से लाइसेंस शुल्क देगा. वहीं, 50 बेड वाले स्पोर्ट्स हॉल की मरम्मत और रंगाई-पुताई के बाद इसके इस्तेमाल के लिए हर महीने 1.50 लाख रुपये दिए जाएंगे. भविष्य में स्पोर्ट्स हॉल का पहला तल बनने और क्षमता 100 बेड होने पर यह शुल्क बढ़कर 2.50 लाख रुपये प्रतिमाह हो जाएगा. हर पांच साल में लाइसेंस शुल्क में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी का भी प्रावधान है.

मैच और खिलाड़ियों के लिए होंगी आधुनिक सुविधाएं

स्टेडियम में दोनों टीमों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम, डाइनिंग हॉल, किचन, कॉन्फ्रेंस रूम, स्कोरर रूम, कमेंट्री रूम और प्रेस रूम बनाए गए हैं. तकनीकी विश्लेषण के लिए कैमरा लाइन की व्यवस्था भी है. भविष्य में फ्लडलाइट लगाने के लिए भी जरूरी तकनीकी इंतजाम किए गए हैं. यूनिवर्सिटी के खेल प्रभारी डॉ. आशीष कटियार के मुताबिक, एकेडमी के संचालन की जिम्मेदारी बीसीसीआई की होगी और उसके एक्सपर्ट खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे. ऐसे में आने वाले समय में सीएसजेएमयू सिर्फ डिग्री देने वाली यूनिवर्सिटी ही नहीं, बल्कि क्रिकेट की नई प्रतिभाओं को तैयार करने का बड़ा केंद्र भी बन सकती है.



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