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Jaipur Roadways Bus Operations: दिवाली पर जयपुर में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए सिंधी कैंप से रोडवेज और निजी बसों का संचालन शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना वापस ले ली गई है. रोडवेज अधिकारियों और निजी बस ऑपरेटर्स के विरोध के बाद यातायात पुलिस को अपना फैसला बदलना पड़ा. अब रोडवेज की एक्सप्रेस और वोल्वो बसें पहले की तरह सिंधी कैंप मुख्य बस अड्डे से ही चलेंगी. निजी बसों का संचालन भी यथावत रहेगा. यातायात पुलिस ने 3 से 9 नवंबर तक बसों को शहर के बाहरी इलाकों से चलाने की योजना बनाई थी. हालांकि, वैकल्पिक बस स्टैंड तक यात्रियों की पहुंच के लिए पर्याप्त कनेक्टिविटी नहीं होने और अतिरिक्त किराया खर्च होने की आशंका ने इस फैसले पर सवाल खड़े कर दिए. न्यूज18 राजस्थान ने भी यात्रियों की परेशानी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था. इसके बाद रोडवेज प्रशासन ने संज्ञान लिया और पुरानी व्यवस्था जारी रखने का निर्णय किया.
जयपुर में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए सिंधी कैंप से रोडवेज और निजी बसों का संचालन शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना वापस
जयपुर. दिवाली पर शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए सिंधी कैंप बस अड्डे से रोडवेज और निजी बसों का संचालन शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना धाराशाई हो गया. लोगों के विरोध के आगे यातायात पुलिस का फरमान टिक नहीं पाया. लोगों की परेशानी के मद्देनजर न्यूज18 राजस्थान ने भी इसको प्रमुखता का चलाया था. वहीं सोमवार को दिनभर विरोध के बढ़ते मामले के बीच यातायात पुलिस को अपना फैसला वापस लेना पड़ा. इसके बाद तय किया गया कि बसों के संचालन की व्यवस्था पहले की तरह ही रहेगी. रोडवेज की एक्सप्रेस और वोल्वो बसें सिंधी कैंप मुख्य बस अड्डे से ही संचालित होंगी. निजी बस ऑपरेटर्स को भी राहत देते हुए उनके संचालन को यथावत रखने का निर्णय किया गया है.
इस फैसले में न्यूज18 राजस्थान की खबर का भी असर रहा. दरअसल, यातायात पुलिस ने दिवाली के दौरान शहर में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 3 से 9 नवंबर तक रोडवेज और निजी बसों को शहर के बाहरी इलाकों से संचालित करने की योजना बनाई थी. इसके लिए शहर के बाहर चार स्थान निर्धारित किए गए थे. इस व्यवस्था का उद्देश्य सिंधी कैंप और आसपास के इलाकों में बसों की आवाजाही कम करके जाम से राहत दिलाना था. लेकिन बसों के शिफ्ट होने से यात्रियों को होने वाली परेशानी का मुद्दा न्यूज18 राजस्थान ने प्रमुखता से उठाया. इसके बाद रोडवेज प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया.
रोडवेज ने सिंधी कैंप से संचालन पर दिया जोर
आदेश जारी होने के बाद रोडवेज और यातायात पुलिस के बीच बसों के संचालन को लेकर असहमति सामने आई. रोडवेज अधिकारियों ने सिंधी कैंप को अधिकृत बस स्टैंड बताते हुए यहां से ही बसों का संचालन जारी रखने का निर्णय किया. अधिकारियों का तर्क था कि राज्य के अलग-अलग जिलों और दूसरे राज्यों से आने वाले यात्री सिंधी कैंप से ही बसें पकड़ते हैं. इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर, हीरापुरा टर्मिनल, दुर्गापुरा और सीकर रोड पर रोडवेज के बस स्टॉपेज पहले से संचालित हैं.
यात्रियों की परेशानी को लेकर उठे सवाल
बसों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना पर सवाल इसलिए भी उठे, क्योंकि वैकल्पिक बस स्टैंड तक यात्रियों के पहुंचने के लिए पर्याप्त कनेक्टिविटी का इंतजाम नहीं था. रेलवे स्टेशन से आने वाले यात्रियों को दूसरे बस स्टैंड तक जाने के लिए ऑटो या कैब का अतिरिक्त किराया देना पड़ता. कई इलाकों में सिटी बसों की सीमित उपलब्धता के कारण यात्रियों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता. महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और सामान लेकर सफर करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका थी.
समन्वय बैठक नहीं करने पर भी उठे सवाल
इतनी बड़ी व्यवस्था लागू करने से पहले रोडवेज प्रशासन, जेसीटीएसएल, ऑटो यूनियन और ई-रिक्शा संचालकों के साथ समन्वय बैठक नहीं होने पर भी सवाल उठे. वहीं, निजी बसों को सिंधी कैंप से संचालन की छूट देने के फैसले पर अलग बहस शुरू हो गई. सिंधी कैंप के बाहर निजी बसों के खड़े होने और सड़क पर अवैध संचालन से जाम लगने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं. ऐसे में निजी बसों को भी पहले की तरह संचालन की अनुमति देने पर सवाल उठाए गए.
अधिकारियों ने क्या कहा?
सिंधी कैंप के प्रबंधक राकेश राव ने बताया कि मुख्यालय से निर्देश मिले हैं कि रोडवेज बसों का संचालन सिंधी कैंप से ही किया जाए. व्यवस्था पहले की तरह रहेगी. वहीं, डीसीपी ट्रैफिक प्रवीण नायक ने स्पष्ट किया कि शहर के बाहर बसों के संचालन की व्यवस्था लागू नहीं होगी. रोडवेज अधिकारियों से बातचीत के बाद निजी और रोडवेज बसों का संचालन यथावत रखने का निर्णय किया गया है.