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IPS Story : यूपी की आईपीएस अधिकारी अनुकृति शर्मा को गृहमंत्री दक्षता पदक के लिए चुना गया है. उन्होंने 100 करोड़ के बीमा घोटाले समेत कई मामलों का खुलासा किया है. राजस्थान की रहने वाली अनुकृति अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा में काम कर चुकी हैं.
IPS Story : अनुकृति शर्मा राजस्थान के अजमेर की पहने वाली हैं.
IPS Story : यूपी की लेडी सिंघम IPS अनुकृति शर्मा को 2026 के प्रतिष्ठित गृहमंत्री दक्षता पदक के लिए चुना गया है. वह 2020 बैच की तेजतर्रार पुलिस अधिकारी हैं. संभल जिले में 100 करोड़ से अधिक के अंतर्राज्यीय फर्जी बीमा घोटाले का खुलासा करके देश भर में चर्चा में आई थीं. वह वर्तमान में वह गौतमबुद्ध नगर में एडिशनल डीसीपी वूमेन सेफ्टी के रूप में कार्यरत हैं. फरवरी 2026 में उनका तबादला संभल से नोएडा कर दिया गया था.
अनुकृति मूलत: राजस्थान के अजमेर की रहने वाली हैं. उनकी पहचान सख्त, संवदेनशील और रिजल्ट देने वाली पुलिसिंग के लिए रही है. उन्होंने बीमा घोटाले के अलावा भी संभल में तैनाती के दौरान कई मामलों में खुलासे किए थे.
नासा की नौकरी छोड़ चुना यूपीएससी
अजमेर की रहने वाली अनुकृति आईपीएस बनने से पहले नासा में काम कर रहती थीं. उनकी पढ़ाई-लिखाई की बात करें, तो स्कूलिंग जयपुर के इंडो भारत इंटरनेशनल स्कूल से हुई. इसके बाद कोलकाता स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) से बीएस-एमएस किया. फिर साल 2012 में उनका चयन अमेरिका की राइस यूनिवर्सिटी, ह्यूस्टन में पीएचडी के लिए हो गया. वहां उन्हें ज्वालामुखी से जुड़े रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिला.
नासा में हुआ चयन
राइस यूनिवर्सिटी में पीएचडी के दौरान अनुकृति के करियर को एक बड़ी दिशा मिल गई. उन्हें अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा में काम करने का मौका मिला. रिपोर्ट के अनुसार, नासा में काम करने के बदले उन्हें हर महीने करीब दो लाख रुपये की सैलरी मिल रही थी.
पांचवें प्रयास में बनीं आईपीएस
अनुकृति का सपना देश सेवा करना था. इसलिए उन्होंने साल 2014 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की. उन्होंने साल 2015 में पहली बार यूपीएससी एग्जाम दिया. जिसमें प्रीलिम्स तो निकल गया लेकिन मेन्स क्लियर नहीं हुआ. दूसरे प्रयास में प्रीलिम्स भी क्रैक नहीं हुआ. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और कोशिश करती रहीं. इसके बाद 2018 में अपने चौथे प्रयास में उन्होंने 355वीं रैंक हासिल की. IRS के लिए चुना गया, लेकिन उन्होंने नौकरी जॉइन नहीं की, क्योंकि उनका सपना तो IPS अधिकारी बनना था. 2020 में अपने पांचवें प्रयास में वह IPS अधिकारी बन गईं. उन्होंने 138वीं रैंक के साथ परीक्षा पास की.