CBSE Board Result Issues: सीबीएसई ने गजब कर दिया, एक ही परीक्षा के लिए थमा दीं 2 अलग-अलग मार्कशीट

CBSE Board Result Issues: सीबीएसई ने गजब कर दिया, एक ही परीक्षा के लिए थमा दीं 2 अलग-अलग मार्कशीट


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CBSE Board Result Issues: सीबीएसई की लापरवाही से देहरादून के एक स्टूडेंट को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. सीबीएसई इंप्रूवमेंट परीक्षा के बाद कंबाइंड फाइनल मार्कशीट देने के बजाय बोर्ड ने 2 अलग-अलग अंक मार्कशीट जारी कर दी हैं. इससे कॉलेज एडमिशन में भारी दिक्कत आ रही है.

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CBSE Board Result Issues: सीबीएसई बोर्ड की लापरवाही का खामियाजा छात्र को उठाना पड़ा है

नई दिल्ली (CBSE Board Result). केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है. सीबीएसई बोर्ड की छोटी-सी लापरवाही एक स्टूडेंट के भविष्य और उच्च शिक्षा की राह में बड़ा रोड़ा बन गई है. बोर्ड ने देहरादून स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय आईटीबीपी सीमाद्वार के एक स्टूडेंट को 12वीं की 2 मार्कशीट जारी कर दी हैं. छात्र ने अंकों में सुधार के लिए गणित विषय की इंप्रूवमेंट परीक्षा दी थी. बोर्ड ने संयुक्त या रिवाइज्ड रिजल्ट देने के बजाय 2 अलग-अलग मार्कशीट थमा दीं.

ऐसे मामले में बोर्ड को कंसोलिडेटेड मार्कशीट जारी करनी चाहिए, जिससे एडमिशन के वक्त किसी तरह की उलझन न हो. लेकिन यहां एक ही साल और एक ही परीक्षा के लिए छात्र के पास 2 अलग-अलग मार्कशीट मौजूद हैं- पहली मूल मार्कशीट में पुराने अंक दर्ज हैं और दूसरी इंप्रूव्ड मार्कशीट में केवल नए अंक हैं. अमर उजाला में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीएसई बोर्ड के इस अजीब नियम और तकनीकी खामी के कारण छात्र को कॉलेज में एडमिशन की प्रक्रिया में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.

कॉलेज एडमिशन में संकट बना 2 मार्कशीट का खेल

किसी विषय के मार्क्स बढ़ाने के लिए इंप्रूवमेंट परीक्षा पास करने के बाद अपडेटेड और सिंगल मार्कशीट मिलती है. लेकिन सीबीएसई के मौजूदा नियमों के तहत, मुख्य परीक्षा और इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए अलग-अलग डॉक्यूमेंट थमा दिए जाते हैं. देहरादून के इस केंद्रीय विद्यालय के छात्र को भी यही परेशानी झेलनी पड़ रही है. काउंसलिंग प्रक्रिया, यूनिवर्सिटी एडमिशन और जॉब वेरिफिकेशन के दौरान जब छात्र 2 मार्कशीट दिखाता है तो वेरिफिकेशन करने वाले अफसर भी चक्कर में पड़ जाते हैं.

प्रिंसिपल को पत्र लिखकर लगाई गुहार, बोर्ड की व्यवस्था पर उठे सवाल

इस तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही से परेशान होकर छात्र ने स्कूल प्रिंसिपल को फॉर्मल पत्र लिखकर अपनी समस्या बताई है. साथ ही जल्द से जल्द इसका सॉल्यूशन निकालने की मांग की है. सीबीएसई जैसे प्रतिष्ठित बोर्ड को डिजिटल युग में ऐसी खामियां तुरंत दूर करनी चाहिए. जब एक ही छात्र का रिकॉर्ड है तो दोनों परीक्षाओं के अंकों को मिलाकर सिंगल डिजिटल या फिजिकल मार्कशीट जारी करने में तकनीकी रूप से बाधा नहीं होनी चाहिए. फिलहाल, स्टूडेंट को बोर्ड के अगले कदम का इंतजार है.



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