Ambala News : हर साल करवाते पांच बेटियों की शादी, अंबाला में एक क्लब ऐसा भी, अपनी बच्ची की तरह करते विदा

Ambala News : हर साल करवाते पांच बेटियों की शादी, अंबाला में एक क्लब ऐसा भी, अपनी बच्ची की तरह करते विदा


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Ambala ki Local news : कई बार परिवार अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करने की इच्छा तो रखता है, लेकिन पैसों की कमी उसके कदम रोक देती है. अब ऐसा नहीं होगा. अंबाला में ऐसी ही एक जरूरतमंद मां की परेशानी से शुरू हुई छोटी सी मदद आज हर साल पांच बेटियों की शादी का माध्यम बन गई है. अंबाला कैंट का बाल कृष्ण क्लब हर साल दो दिवसीय धार्मिक और सामाजिक आयोजन करता है. एक दिन मां भगवती का विशाल जागरण होता है तो अगले दिन पांच जरूरतमंद कन्याओं का सामूहिक विवाह करवाया जाता है. इस बार भी बेटियों को नई गृहस्थी शुरू करने के लिए जरूरी सामान भी भेंट किया गया. इसमें फ्रिज, एलईडी, वॉशिंग मशीन, डबल बेड, अलमारी, सोफा, प्रेस, चांदी का गले का सेट, पांच सूट और कंबल शामिल रहे. इस बार आयोजन में ऑस्ट्रेलिया से भी लोग शामिल होने पहुंचे.

अंबाला. किसी मां के लिए अपनी बेटी की शादी का सपना देखना जितना खूबसूरत होता है, आर्थिक तंगी के बीच उस सपने को पूरा करना उतना ही मुश्किल हो जाता है. कई बार परिवार अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करने की इच्छा तो रखता है, लेकिन पैसों की कमी उसके कदम रोक देती है. ऐसी ही एक जरूरतमंद मां की परेशानी से शुरू हुई छोटी सी मदद आज हर साल पांच बेटियों के जीवन में खुशियां भरने का माध्यम बन गई है. अंबाला कैंट के बाल कृष्ण क्लब अपनी इसी सामाजिक पहल को आगे बढ़ाते हुए हर साल दो दिवसीय धार्मिक और सामाजिक आयोजन करता है. इसमें एक दिन मां भगवती का विशाल जागरण होता है तो अगले दिन पांच जरूरतमंद कन्याओं का सामूहिक विवाह पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ संपन्न करवाया जाता है. इस बार भी क्लब की ओर से आयोजित 24वें विशाल मां भगवती जागरण में श्रद्धालु रातभर भक्ति में डूबे रहे. इसके बाद अगले दिन विवाह समारोह का आयोजन किया गया. यहां पांच जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए. समारोह में खुशियों का माहौल ऐसा था कि हर कोई इन बेटियों के नए जीवन की शुरुआत का साक्षी बनना चाहता था. इस आयोजन में ऑस्ट्रेलिया से भी लोग शामिल होने पहुंचे, जिससे कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े लोगों का सहयोग और सहभागिता मिली.

ऐसे करते हैं चयन

बाल कृष्ण क्लब के सदस्यों ने बताया कि करीब 6-7 साल पहले मां भगवती के जागरण के दौरान एक जरूरतमंद महिला अपनी बेटी की शादी करवाने में मदद मांगने पहुंची थी. महिला की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और वह अपनी बेटी का विवाह करने में असमर्थ थी. उसकी परेशानी देखकर क्लब के सदस्यों ने बेटी की शादी करवाने का जिम्मा उठाया. यही वह पल था, जब क्लब ने महसूस किया कि धार्मिक आयोजनों के साथ जरूरतमंद परिवारों की मदद भी की जानी चाहिए. तब से अभी तक क्लब कई जोड़ों की शादी करवा चुका है. एक बेटी की शादी में सहयोग से शुरू हुई यह पहल धीरे-धीरे परंपरा बन गई. अब क्लब हर साल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पांच कन्याओं का विवाह करवाता है. क्लब सदस्य पहले लड़के और लड़की के परिवार की आर्थिक स्थिति देखते हैं और उसके बाद जरूरतमंद कन्याओं का चयन करते हैं, ताकि सहायता सही परिवार तक पहुंच सके.

पुलिस वाले भी होते हैं शामिल

सामूहिक विवाह समारोह में क्लब की ओर से केवल शादी की रस्में पूरी नहीं कराई गईं, बल्कि बेटियों को नई गृहस्थी शुरू करने के लिए जरूरी सामान भी भेंट किया गया. इसमें फ्रिज, एलईडी, वॉशिंग मशीन, डबल बेड, अलमारी, सोफा, प्रेस, चांदी का गले का सेट, पांच सूट और कंबल सहित दूसरे जरूरी सामान शामिल रहे. इसका उद्देश्य यह था कि बेटियों को शादी के बाद अपनी नई जिंदगी शुरू करने में किसी तरह की परेशानी न आए. क्लब सदस्यों ने बताया कि समारोह में शादी की हर रस्म पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार निभाई जाती है. लड़के पक्ष की ओर से बारात लेकर पहुंचने पर उनका स्वागत किया जाता है. इसके बाद दोनों परिवारों की मिलनी, जयमाला और फिर सात फेरों की रस्म होती है. बारातियों और मेहमानों के लिए खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की जाती है. पुलिस क्वार्टर के लोगों के साथ आसपास के इलाके वाले भी इस समारोह में शामिल होते हैं.



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