ग्रेटर नोएडा: नोएडा और दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ते प्रॉपर्टी रेट के बीच ग्रेटर नोएडा वेस्ट लोगों के लिए एक किफायती विकल्प बनकर उभर रहा है. यहां बेहतर कनेक्टिविटी, अच्छी हाउसिंग सोसाइटी, मॉल और आवासीय सुविधाओं के साथ फ्लैट से लेकर प्लॉट, कोठी और विला तक के विकल्प मौजूद हैं. यही वजह है कि इस इलाके में घर खरीदने के साथ-साथ किराये पर रहने वालों की भी दिलचस्पी बढ़ रही है. खास बात यह है कि यहां 10 से 12 हजार रुपये महीने के किराये में 1BHK फ्लैट मिल सकता है, जबकि 2BHK फ्लैट का किराया 15 से 20 हजार रुपये के आसपास है.
रियल एस्टेट एक्सपर्ट सचिन अवाना ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन और कनेक्टिविटी है. यह इलाका नोएडा से सटा हुआ है और गाजियाबाद भी इसके नजदीक पड़ता है. नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं, ऐसे में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तुलनात्मक रूप से कम कीमत पर घर और अन्य प्रॉपर्टी के विकल्प मिल जाते हैं. यहां NH-24 के जरिए दिल्ली की ओर भी सीधी कनेक्टिविटी मिलती है.
किराये पर घर लेना है तो ये हैं विकल्प
उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अलग-अलग बजट के हिसाब से फ्लैट उपलब्ध हैं. अगर 1BHK की बात करें तो इसका मासिक किराया करीब 10 से 12 हजार रुपये है. वहीं, सेमी फर्निश्ड 2BHK फ्लैट 15 से 20 हजार रुपये महीने के किराये पर मिल जाते हैं. 3BHK फ्लैट का किराया अच्छी सोसाइटी में करीब 20 से 25 हजार रुपये तक बताया गया है.
इसके अलावा, जो लोग फ्लैट के बजाय स्वतंत्र मकान या कोठी में रहना चाहते हैं, उनके लिए भी यहां विकल्प मौजूद हैं. करीब 120 वर्ग मीटर की कोठी का किराया 35 से 40 हजार रुपये और 200 वर्ग मीटर की कोठी का किराया 45 से 50 हजार रुपये महीने तक हो सकता है. इस तरह किराये के लिहाज से भी यह इलाका अलग-अलग जरूरत और बजट वाले लोगों को विकल्प उपलब्ध कराता है.
प्लाट और फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी के भी विकल्प
उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में केवल हाईराइज सोसाइटी ही नहीं, बल्कि लो-राइज सोसाइटी, फ्रीहोल्ड मकान और विला भी मौजूद हैं. सचिन अवाना के अनुसार, यहां सेक्टर-2 और सेक्टर-3 जैसे आवासीय क्षेत्रों में प्लॉट के रेट करीब डेढ़ लाख से पौने दो लाख रुपये प्रति वर्ग गज के आसपास हैं. अच्छी लोकेशन पर यही रेट दो लाख रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच सकता है. वहीं, फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी में करीब 100 वर्ग गज का विला 35 से 40 हजार रुपये के आसपास के किराये पर उपलब्ध हो सकता है. इससे साफ है कि यहां फ्लैट के अलावा स्वतंत्र मकान और विला में रहने के विकल्प भी मौजूद हैं.
मॉल और सोसाइटी से बेहतर हो रही लाइफस्टाइल
सचिन ने बताया कि पहले इस इलाके में कनेक्टिविटी और सुविधाओं की कमी महसूस होती थी. लेकिन अब स्थिति में काफी बदलाव आया है. यहां कई अच्छी हाउसिंग सोसाइटी विकसित हो चुकी हैं. इसके अलावा गौर सिटी मॉल और गैलेक्सी जैसे मॉल के चलते खरीदारी और मनोरंजन की सुविधाएं भी बढ़ी हैं. बेहतर आवासीय सुविधाओं और आसपास विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर ने इस क्षेत्र को लोगों के लिए आकर्षक बनाया है.
नोएडा और दिल्ली से कनेक्टिविटी बनी बड़ी वजह
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने के पीछे कनेक्टिविटी को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है. सचिन अवाना के मुताबिक, यह इलाका नोएडा के काफी नजदीक है. नोएडा के कई हिस्सों तक पहुंचना यहां से आसान है. वहीं, दिल्ली जाने के लिए NH-24 का विकल्प उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट से दिल्ली की दूरी करीब 10 किलोमीटर के आसपास पड़ती है. हालांकि वास्तविक दूरी गंतव्य के अनुसार अलग हो सकती है.
भविष्य में IT हब बनने की उम्मीद
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में IT सेक्टर के विकास की अच्छी संभावनाएं हैं. अगर यहां IT हब और रोजगार से जुड़ी गतिविधियां बढ़ती हैं तो इससे आवासीय प्रॉपर्टी की मांग को भी बढ़ावा मिल सकता है. फिलहाल कम किराये, नोएडा से नजदीकी, NH-24 की कनेक्टिविटी और विकसित होती आवासीय सुविधाओं के चलते ग्रेटर नोएडा वेस्ट घर किराये पर लेने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन रहा है.