सीवान में ट्रैफिक व्यवस्था की खुली पोल, एक किलोमीटर लंबे जाम में फंसी एंबुलेंस; गंभीर मरीज की अटकी सांसें

सीवान में ट्रैफिक व्यवस्था की खुली पोल, एक किलोमीटर लंबे जाम में फंसी एंबुलेंस; गंभीर मरीज की अटकी सांसें


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Siwan News : सीवान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की पोल गोपालगंज मोड़ पर खुलेआम खुल गई, जब भीषण जाम में गंभीर मरीज को लेकर जा रही एक एंबुलेंस काफी देर तक फंसी रही. सड़क पर करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लगी थी. एंबुलेंस का सायरन बजता रहा, लेकिन उसे रास्ता नहीं मिल सका. मौके पर ट्रैफिक पुलिस के जवान भी नजर नहीं आए.

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सीवान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की पोल गोपालगंज मोड़ पर खुलेआम खुल गई, जब भीषण जाम में गंभीर मरीज को लेकर जा रही एक एंबुलेंस काफी देर तक फंसी रही.

सीवान. बिहार के सीवान शहर में ट्रैफिक व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आई है. शहर के गोपालगंज मोड़ पर भीषण जाम के कारण एक एंबुलेंस काफी देर तक फंसी रही. एंबुलेंस में गंभीर मरीज सवार था, जिसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी था. लेकिन सड़क पर वाहनों की लंबी कतार के कारण एंबुलेंस को निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था. करीब एक किलोमीटर तक लगे जाम में मरीज की जान पर आफत बन आई.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गोपालगंज मोड़ पर वाहनों की भारी भीड़ के कारण सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था. देखते ही देखते जाम करीब एक किलोमीटर तक फैल गया. इसी दौरान मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस गई. काफी देर तक एंबुलेंस सायरन बजाती रही, लेकिन उसे रास्ता नहीं मिल सका. हालात बिगड़ते देख स्थानीय लोग आगे आए और आपसी सहयोग से वाहनों को हटवाकर एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाया. इसके बाद किसी तरह एंबुलेंस को जाम से बाहर निकाला जा सका.

मौके से नदारद दिखे ट्रैफिक पुलिस के जवान

इस घटना ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े जाम के बावजूद मौके पर ट्रैफिक पुलिस के जवान नजर नहीं आए. ऐसे में स्थानीय लोगों को ही मोर्चा संभालना पड़ा. एंबुलेंस चालक ने भी जाम के दौरान हुई परेशानी के बारे में जानकारी दी.

सवालों के घेरे में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था

सीवान शहर में जाम की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन जब इस जाम में गंभीर मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस फंस जाए तो स्थिति की गंभीरता समझी जा सकती है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को ही रास्ता नहीं मिलेगा तो मरीजों को समय पर इलाज कैसे मिल पाएगा? आखिर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और जाम से निपटने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की क्या तैयारी है?



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