‘रामायण’ के गाने ‘मंगल रंग’ विवाद पर सिंगर अरमान मलिक का आया रिएक्शन- ‘कला का स्वभाव ही यही है’

‘रामायण’ के गाने ‘मंगल रंग’ विवाद पर सिंगर अरमान मलिक का आया रिएक्शन- ‘कला का स्वभाव ही यही है’


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‘रामायण’ के गाने ‘मंगल रंग’ की खूब आलोचना हो रही है. लोग इसकी तुलना ‘कुन फाया कुन’ से कर रहे हैं. किसी को गाने में ‘सूफी-कव्वाली’ का एहसास हो रहा है. तमाम आलोचनाओं पर अरमान मलिक ने रिएक्शन दिया है. उन्होंने गाने ‘मंगल रंग’ का कन्नड़ वर्जन गाया है. उनका कहना है कि कला को देखने का नजरिया हर इंसान का अलग-अलग हो सकता है. उन्होंने एआर रहमान के साथ काम करने का अनुभव भी बयां किया. अरमान मलिक ने बताया कि ‘रामायण’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट में काम करना सपना सच होने जैसा एहसास है.

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अरमान मलिक ने गाने का कन्नड़ वर्जन गाया है. (फोटो साभार: Instagram@armaanmalik)

नई दिल्ली: फिल्म ‘रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड’ के गाने ‘मंगल रंग’ की जमकर आलोचना हो रही है. गाने पर हर किसी की राय अलग-अलग है. क्रिटिक्स का कहना है कि इस गाने में सूफी-कव्वाली की झलक है, जो हिंदू महाकाव्य पर बनी फिल्म के हिसाब से सही नहीं लगता. अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने गाने में भगवान राम और माता सीता के विवाह का सीन दिखाया गया है. कई लोगों ने गाने ‘मंगल रंग’ की तुलना एआर रहमान के पुराने गानों जैसे ‘कुन फाया कुन’ से की है और आरोप लगाया है कि इसमें पुराना म्यूजिकल पैटर्न ही इस्तेमाल हुआ है.

‘मंगला संगम’ के कन्नड़ वर्जन को गाने वाले अरमान मलिक ने ‘न्यूज18’ से खास बातचीत में बहस पर अपना रिएक्शन दिया. अरमान मलिक ने बताया कि पूरी संगीत टीम एक ही मकसद के साथ काम कर रही थी. वे पक्का करना चाहते थे कि संगीत का एहसास ऐसा हो कि भगवान राम-सीता के प्रेम की दिव्यता बयां हो. वे कहते हैं, ‘कोई सुनने वाला संगीत को किस तरह समझता है, यह हमेशा उसकी अपनी सोच पर निर्भर करता है और कला का स्वभाव ही यही है. लेकिन एक कलाकार के तौर पर मेरा पूरा ध्यान इस पल की गहरी श्रद्धा पर था और पक्का करना था कि हम इसे पूरे सम्मान के साथ पेश करें.’

रणबीर-पल्लवी की तारीफ
अरमान ने रणबीर और पल्लवी की तारीफ करते हुए कहा, ‘श्री राम और माता सीता का किरदार निभाना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. रणबीर और साई पल्लवी दोनों में एक सहज शालीनता है, जो कैमरे पर बहुत सहजता से झलकती है. उनकी मौजूदगी गाने के सीन में एक खास गरिमा और पवित्रता ले आती है. एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर आपकी आवाज सिर्फ इमोशंस का आधार होती है. जब उनके स्तर के कलाकार संगीत को गहराई से महसूस करते हैं और वह ईमानदारी उनकी आंखों में दिखती है, तो गाना सच में जीवंत हो उठता है और लोगों तक उसी रूप में पहुंचता है, जैसा इसे बनाने वाले चाहते थे.’

रणबीर कपूर की आवाज बने तो हुआ फक्र
अरमान चाहते थे कि वे कभी रणबीर और शाहरुख खान के गाने पर उनकी आवाज बनेंगे और यह सपना गाने ‘मंगल रंग’ से संपन्न हुआ. सिंगर ने सपना पूरा होने पर कहा, ‘यह मेरे लिए एक बड़ी निजी अचीवमेंट है. हम सभी ने बड़े होते हुए कुछ ऐसे कलाकारों को देखा है जिन्होंने सिनेमाई रोमांस और भावनाओं को एक नई पहचान दी है और मेरी पीढ़ी के लिए रणबीर यकीनन ऐसे ही एक कलाकार रहे हैं. जो बात इसे और भी खास बनाती है, वह है इसके पीछे का सफर.’ गौरतलब है कि अरमान ने टीनेज में नितेश तिवारी की फिल्म ‘चिल्लर पार्टी’ में गाने गाए थे. वे कहते हैं, ‘उम्मीद है कि मेरा अगला गाना हमारे अपने ‘किंग खान’ शाहरुख खान सर के लिए एक रोमांटिक गाना होगा.’

सिंगर ने की एआर रहमान की तारीफ
अरमान मलिक से पहली बार कन्नड़ भाषा में एआर रहमान के लिए गाया है. उन्होंने पूछा, ‘जब रहमान सर किसी धुन के लिए आपकी आवाज के बारे में सोचते हैं, तो आप बिना सोचे उनकी समझ पर भरोसा कर सकते हैं. कन्नड़ सुनने वालों के साथ मेरा एक बहुत ही गहरा और इमोशनल कनेक्शन रहा है. ‘रामायण’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट के लिए उस भाषा में गीत गाना जिसने मुझे इतना बेपनाह प्यार दिया है, यह न सिर्फ रोमांचक था, बल्कि मेरे लिए बहुत मायने भी रखता है.’



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