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रश्मिका मंदाना सहित तमाम साउथ एक्टर्स का हिंदी लहजा अलग है, जिसकी वजह से उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था. एक्ट्रेस ने चैट शो ‘कॉफी विद करण’ में ट्रोलिंग पर दुख जताया था. अब रश्मिका मंदाना का सपोर्ट करते हुए एक्ट्रेस कशिका कपूर ने साउथ इंडियन कलाकारों के हिंदी एक्सेंट पर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा कि एक्टर्स को उनकी भाषा या लहजे के बजाय उनके टैलेंट और परफॉर्मेंस के आधार पर देखा जाना चाहिए.
रश्मिका मंदाना ने ‘कॉफी विद करण’ में ट्रोलिंग का जिक्र किया था. (फोटो साभार: IANS)
नई दिल्ली: साउथ इंडियन सितारों का हिंदी लहजा बाकी कलाकारों से अलग होता है, जिसके चलते उन्हें ट्रोल भी किया गया. एक्ट्रेस कशिका कपूर ने साउथ सितारों की ट्रोलिंग पर अपनी राय साझा की है. कशिका ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि एक एक्टर को एक कलाकार के रूप में देखा जाना चाहिए और भाषा उनके लिए कोई रुकावट नहीं बननी चाहिए.
एक्ट्रेस से पूछा गया, ‘कभी-कभी हिंदी फिल्मों में काम करने वाले साउथ एक्टर्स को उनके बोलने के लहजे की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ता है. किसी एक्टर को उसकी भाषा या एक्सेंट के आधार पर जज करने के बारे में आपकी क्या राय है?’ इस पर कशिका ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ऐसा अक्सर होता है, लेकिन एक एक्टर की पहचान हमेशा एक परफॉर्मर के तौर पर होनी चाहिए. भाषा कभी कोई रुकावट नहीं बननी चाहिए. हमें इंडस्ट्री को यह कहकर नहीं बांटना चाहिए कि यह तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री है या यह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री है.’
रश्मिका मंदाना ने ट्रोलिंग पर तोड़ी चुप्पी
‘कॉफी विद करण’ में शामिल होने के दौरान रश्मिका मंदाना ने बताया था कि उन्हें अपने पूरे करियर में अपने एक्सेंट को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी है. हालांकि, उन्होंने कभी इस आलोचना की वजह से खुद को अलग-अलग फिल्म इंडस्ट्री और भाषाओं में काम करने से रोकने नहीं दिया. शो के दौरान रश्मिका ने बताया कि वह साउथ इंडिया से हैं, इसलिए उनका एक्सेंट स्वाभाविक है. ‘पुष्पा’ एक्ट्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि वह खुद को सिर्फ एक इंडस्ट्री तक सीमित रखने के बजाय कई भाषाओं में काम करना चाहती हैं. रश्मिका की उदाहरण देते हुए कशिका ने कहा कि ‘द गर्लफ्रेंड’ फिल्म की इस एक्ट्रेस को जिस तरह की आलोचना या जजमेंट का सामना करना पड़ रहा है, वह उसकी हकदार नहीं हैं.
कलाकारों को लहजे से जज न करें
कशिका ने कहा, ‘हर कोई कड़ी मेहनत कर रहा है और बेहतरीन परफॉर्मेंस दे रहा है. उदाहरण के लिए रश्मिका मंदाना को ही ले लीजिए. वह एक शानदार एक्टर और परफॉर्मर हैं और मुझे नहीं लगता कि किसी को भी उन्हें उनकी भाषा या एक्सेंट के आधार पर जज करना चाहिए. यह उनकी पहचान का ही एक हिस्सा है जो उन्हें सबसे अलग बनाता है. उनकी जड़ें वहां से जुड़ी हैं, लेकिन अंत में उनकी परफॉर्मेंस ही मायने रखती है. वह ‘एनिमल’ जैसी कई बड़ी फिल्मों का हिस्सा रही हैं और बहुत अच्छा काम कर रही हैं. एक्टर्स को उनके एक्सेंट के लिए जज करने के बजाय, उनके टैलेंट के लिए सराहा जाना चाहिए.’