अमेरिका में नवंबर के पहले मंगलवार को ही क्यों वोटिंग होती है? इसके पीछे की वजह
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अमेरिका में चुनाव की यह परंपरा करीब 180 साल पुरानी है. इसके पीछे खेती-किसानी, चर्च, घोड़ागाड़ी से सफर और चुनाव में धांधली रोकने की कोशिश जैसी कई वजहें जुड़ी हैं. अमेरिका में आज 3 नवंबर 2026 को मिड टर्म चुनाव हो रहे हैं.
अमेरिका चुनाव
अमेरिका में मिड टर्म चुनाव की तारीख नजदीक आते ही एक सवाल फिर चर्चा में है. आखिर अमेरिका में चुनाव हमेशा नवंबर के महीने में पड़ने वाले पहले मंगलवार को ही क्यों होते हैं? क्या इसके पीछे कोई धार्मिक वजह है, किसानों की सुविधा है या फिर कोई राजनीतिक रणनीति है? दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका में चुनाव की यह परंपरा करीब 180 साल पुरानी है. इसके पीछे खेती-किसानी, चर्च, घोड़ागाड़ी से सफर और चुनाव में धांधली रोकने की कोशिश जैसी कई वजहें जुड़ी हैं. अमेरिका में आज 3 नवंबर 2026 को मिड टर्म चुनाव हो रहे हैं. इन चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के बीच अमेरिकी जनता कांग्रेस के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट के सदस्यों को चुनने के लिए मतदान करेगी.
अमेरिका के चुनावी सिस्टम की एक खास बात यह है कि राष्ट्रपति चुनाव हों या फिर मिड टर्म इलेक्शन, फेडेरल लेवल के आम चुनाव हर सम संख्या वाले साल में नवंबर के पहले सोमवार के बाद आने वाले मंगलवार को ही होते हैं. इसे अंग्रेजी में ट्यूसडे आफ्टर द फर्स्ट मंडे इन नवंबर (Tuesday after the first Monday in November) कहा जाता है. यह तारीख हर साल एक जैसी नहीं होती है. यह 2 नवंबर से 8 नवंबर के बीच पड़ती है. इस बार यह तारीख 3 नवंबर है.
अहम सवाल यह है कि आखिर सोमवार, बुधवार, शनिवार या रविवार की बजाय मंगलवार को ही चुनाव कराने का नियम क्यों बनाया गया? और नवंबर का महीना ही क्यों चुना गया? इसका जवाब अमेरिका के उस दौर के इतिहास में छिपा है, जब देश की अर्थव्यवस्था खेती पर निर्भर थी, लोग मतदान के लिए घोड़ागाड़ी से सफर करते थे और संचार के साधन आज की तरह तेज नहीं थे.
अमेरिका में चुनाव के लिए नवंबर का महीना ही क्यों चुना गया?
आज अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, लेकिन 19वीं सदी में उसकी इकोनॉमी का बड़ा हिस्सा खेती-किसानी पर निर्भर था. उस समय देश की बड़ी आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती थी और खेती लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन थी. ऐसे में चुनाव की तारीख तय करते समय किसानों की सुविधा को भी ध्यान में रखा गया. इसके पीछे मुख्य रूप से दो वजहें थीं.
रविवार नहीं, मंगलवार को ही वोटिंग क्यों होती है?
यह सवाल भी अमेरिका की पुरानी सामाजिक और धार्मिक व्यवस्था से जुड़ा है. 19वीं सदी में अमेरिका की बड़ी आबादी ईसाई धर्म का पालन करती थी. उस समय रविवार को चर्च जाने, प्रार्थना करने और धार्मिक गतिविधियों के लिए खास दिन माना जाता था. कई समुदायों में रविवार को यात्रा और दूसरे कामों से भी परहेज किया जाता था.
दूसरी तरफ उस दौर में मतदान केंद्र हर गांव या कस्बे में नहीं होते थे. कई ग्रामीण वोटर्स को अपने काउंटी मुख्यालय या दूसरे शहरों तक जाना पड़ता था. ऐसे में अगर वोटिंग रविवार को रखी जाती तो लोगों के सामने धार्मिक गतिविधियों और वोटिंग के बीच टकराव की स्थिति हो सकती थी. सोमवार को चुनाव कराने में भी प्रैक्टिकल समस्या भी थी. रविवार को धार्मिक गतिविधियों के कारण यात्रा नहीं करने वाले लोगों को सोमवार को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता.
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