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पीपीएफ सुरक्षित भविष्य और लंबी बचत के लिए एक शानदार विकल्प है. इसमें निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों पर टैक्स छूट मिलती है. इसका मैच्योरिटी पीरियड 15 साल होता है. इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल के अनुसार कारोबारी और नौकरीपेशा लोग इसमें निवेश कर टैक्स बचाने के साथ बेहतरीन रिटर्न पा सकते हैं.
नई दिल्लीः महंगाई के इस दौर में हर कोई चाहता है कि उसकी कमाई का कुछ हिस्सा ऐसी जगह निवेश हो, जहां पैसा सुरक्षित भी रहे और भविष्य के लिए अच्छी बचत भी तैयार हो सके. खासकर नौकरीपेशा लोगों के अलावा कारोबारियों और खुद काम करने वाले लोगों के लिए भी रिटायरमेंट और लंबे समय की बचत जरूरी है. ऐसे में पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF एक ऐसा ऑप्शन है, जिस पर लोग भरोसा कर सकते हैं.
क्या है PPF और क्यों है खास
इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल के मुताबिक, PPF को वह एक गोल्ड स्कीम मानते हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेश की गई रकम केंद्र सरकार की छोटी बचत योजना के तहत आती है. इससे निवेशकों को सुरक्षा का भरोसा मिलता है. इसके साथ ही इस योजना में मिलने वाला ब्याज और टैक्स से जुड़े फायदे इसे लंबे समय की बचत के लिए उपयोगी बनाते हैं.
निवेश से लेकर पैसा निकालने तक टैक्स के फायदे
PPF की एक खास बात इसका टैक्स ट्रीटमेंट है. इसमें निवेश करने पर पुरानी टैक्स व्यवस्था में आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक की पात्र कटौती मिल सकती है.लेकिन नई टैक्स व्यवस्था में आमतौर पर यह कटौती उपलब्ध नहीं है.
वहीं नियमों के तहत PPF पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री होता है. मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्स फ्री होती है. यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी के तीनों चरणों में टैक्स का फायदा मिल सकता है. इसे ही EEE यानी Exempt-Exempt-Exempt कैटेगरी कहा जाता है.
15 साल के निवेश में किन बातों का रखें ध्यान
PPF का सामान्य मैच्योरिटी पीरियड 15 साल होता है, इसलिए इसमें निवेश करते समय पैसों की जरूरत को ध्यान में रखना जरूरी है. आकाश जिंदल का कहना है कि निवेशकों को यह समझना चाहिए कि PPF में लिक्विडिटी यानी जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसा निकालने की सुविधा सीमित होती है.इस योजना में समय से पहले पैसा निकालने के लिए कुछ शर्तें हैं. ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को आने वाले समय में पैसों की जरूरत पड़ सकती है, तो उसे अपनी पूरी बचत PPF में नहीं डालनी चाहिए. इमरजेंसी के लिए अलग से फंड रखना समझदारी होगी.
कारोबारियों और कंसल्टेंट के लिए भी उपयोगी
इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल के मुताबिक, जिन लोगों की नौकरी में प्रोविडेंट फंड की सुविधा नहीं है, जैसे कारोबारी, कंसल्टेंट और खुद का काम करने वाले लोग, उनके लिए PPF लंबे समय में अपनी बचत तैयार करने का एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इससे वे अपने भविष्य के लिए नियमित रूप से पैसा जोड़ सकते हैं.