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Mirzapur ki local news : दिवाली आते ही मिर्जापुर में चुनार का मिट्टी उद्योग भी चमक उठा है. चुनार में मिट्टी के सामान का सबसे ज्यादा कारोबार होता है. यहां पर बने मिट्टी के सामानों की डिमांड देश ही नहीं बल्कि भी विदेशों में है. दीपावली पर करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है. कारोबारी भी डिमांड बढ़ने के बाद खुश नजर आ रहे हैं. चुनार पॉटरी एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश कुमार लोकल 18 से बताते हैं कि यहां से कारोबारी थोक में खरीद रहे हैं. मूर्तियों की बिक्री फुटकर भी हो रही है. इन मूर्तियों की सबसे ज्यादा मांग छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में है.
मिर्जापुर. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार में मिट्टी के सामान का सबसे ज्यादा कारोबार होता है. यहां पर मिट्टी से बने सामान तैयार किए जाते हैं और उनकी बिक्री भी की जाती है. दिवाली पर्व को लेकर चुनार का मिट्टी उद्योग भी चमक उठा है. यहां पर बने मिट्टी के सामानों की डिमांड देश ही नहीं बल्कि भी विदेशों में है. मिट्टी के सामान यहां से तैयार होते हैं, जो भारत के अलग-अलग राज्यों के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल भी जाते हैं. दीपावली पर करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है. मिट्टी से जुड़े कारोबारी भी डिमांड बढ़ने के बाद खुश नजर आ रहे हैं.
सबसे ज्यादा इनकी मांग
चुनार पॉटरी एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश कुमार लोकल 18 से बताते हैं कि दीपावली को लेकर चुनार में मिट्टी से बने सामानों की डिमांड खूब बढ़ गई है. सबसे ज्यादा मूर्तियों की डिमांड है. इनमें भी सबसे ज्यादा गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों का आर्डर किया जा रहा है. यहां से कारोबारी थोक में खरीद रहे हैं. मूर्तियों की बिक्री फुटकर भी हो रही है. इन मूर्तियों की सबसे ज्यादा मांग छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में है. पड़ोसी देश नेपाल में भी यहां के सामानों को भेजा जा रहा है. इस बार दीपावली पर बेहतर कारोबार होने का अनुमान है.
प्लास्टर ऑफ पेरिस का भी कमाल
अवधेश कुमार बताते हैं कि मिट्टी के बर्तनों के साथ यहां पर चीनी मिट्टी और प्लास्टर ऑफ पेरिस से भी मूर्तियां और दूसरे सामानों का निर्माण किया जाता है. इसमें पूजा घर से लेकर किचन से और सजावट से जुड़े सामान भी तैयार किए जाते हैं. उनकी भी मांग खूब है. बाजार में इन्हें खूब पसंद किया जा रहा है. चुनार जैसे प्रोडक्ट पूरे देश में कहीं और तैयार नहीं होते हैं. यही वजह है कि यहां पर जो भी सामान बनते हैं, उनकी बाजार में जबरदस्त मांग रहती है.