मिडटर्म तक का इंतजार, फिर होगा हमला धुआंधार, नेतन्याहू-ट्रंप ने बनाया प्लान
Last Updated:
Netanyahu-Trump on Iran War: एक तरफ तो डोनाल्ड ट्रंप पर मिडटर्म इलेक्शन का प्रेशर है, वहीं दूसरी तरफ नेतन्याहू चाहते हैं कि ईरान पर एक और स्ट्राइक हो. सूत्रों के मुताबिक 31 अक्टूबर को दोनों नेताओं के बीच इसे लेकर बातचीत भी हुई है और पूरा प्लान लगभग तैयार है.
इजरायल- अमेरिका ऑपरेशन की प्लानिंग में. (रॉयटर्स)
Netanyahu-Trump on Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर अहम चर्चा हुई है. बातचीत से परिचित इजरायली और अमेरिकी सूत्रों के मुताबिक 31 अक्टूबर को दोनों नेताओं के बीच ईरान को लेकर सीधी और स्पष्ट बातचीत हुई. इस दौरान ईरान के साथ अमेरिका की चल रही कूटनीतिक कोशिशों और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई.
सूत्रों का दावा है कि नेतन्याहू चाहते हैं कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करे. उन्हें चिंता है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत से ऐसा समझौता हो सकता है, जो इजरायल की चिंताओं को दूर न करे. वहीं ट्रंप फिलहाल बातचीत को आगे बढ़ने का मौका देना चाहते हैं. वह नहीं चाहते कि इस प्रक्रिया में इजरायल कोई हस्तक्षेप करे. हालांकि अगर बातचीत नाकाम रहती है तो हालात बदल सकते हैं. व्हाइट हाउस और नेतन्याहू के कार्यालय ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप एक तरफ ईरान के साथ समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई की संभावना को भी पूरी तरह खत्म नहीं कर रहे हैं. इससे पहले जून 2025 में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और पिछले फरवरी में ऑपरेशन फियर्स फ्यूरी से पहले भी इसी तरह कूटनीतिक और सैन्य विकल्पों पर काम किए जाने की बात सामने आई थी. पिछले सप्ताह अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के वरिष्ठ अधिकारी मोहसेन रेजाई को एक पत्र भेजा था. इसमें दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू करने की संभावना पर जोर दिया गया था. बताया जा रहा है कि कई महीनों में अमेरिकी पक्ष की ओर से ईरान को भेजा गया यह सबसे उच्च स्तर का संदेश था.
नेतन्याहू-ट्रंप. (फाइल फोटो AP)
31 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अमेरिका की बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि उन्हें किसी तरह की जल्दबाजी नहीं है. ट्रंप के मुताबिक ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन उन्होंने ईरान के भरोसे पर सवाल भी उठाए. ट्रंप ने कहा कि ईरान पहले भी समझौते के लिए सहमत हुआ है, लेकिन बाद में अपनी बात से पीछे हट गया. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका के लिए ईरान के कुछ परमाणु ठिकाने अब भी चिंता का विषय हैं. ट्रंप ने कहा कि ईरान में एक या दो परमाणु ठिकानों का मामला अभी सुलझाना बाकी है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास इन ठिकानों को निशाना बनाने की योजना तैयार है और जरूरत पड़ने पर बहुत कम समय में कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने पहाड़ के अंदर बने परमाणु ठिकाने का भी जिक्र किया.