Industrial Growth : अक्टूबर में सुस्त रही उद्योगों की रफ्तार, ऑर्डर कम आने से फैक्ट्री आउटपुट भी धीमा पड़ा


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Industrial Growth : एचएसबीसी इंडिया ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि अक्टूबर महीने में मैन्युफैक्चिरंग सेक्टर की ग्रोथ सुस्त रही. इस दौरान नए ऑर्डर में कमी आई जिससे फैक्ट्री का उत्पादन भी कम रहा है. हालांकि, कंपनियों ने लागत का दबाव कम होने की वजह से आगे ग्रोथ बढ़ाने की उम्मीद जताई है.

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अक्टूबर में सुस्त रही उद्योगों की रफ्तार, ऑर्डर कम आने से फैक्ट्री आउटपुट धीमाZoom

भारत की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ अक्टूबर में सुस्त पड़ गई है.

नई दिल्ली. नए ऑर्डर में कमी आने की वजह से अक्टूबर में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार धीमी पड़ गई है. उत्पादन और नए ऑर्डर में धीमी वृद्धि इसकी मुख्य वजह रही. हालांकि, लागत का दबाव कम रहने से सुस्ती ज्यादा नहीं दिखी. एचएसबीसी इंडिया ने 2 नवंबर को जारी रिपोर्ट में बताया है कि विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) सितंबर के 55.1 से घटकर अक्टूबर में 54.7 पर आ गया. हालांकि, सुस्ती के बावजूद यह 50 से ऊपर रहा जो ग्रोथ में तेजी को दिखाता है.

क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) में 50 से ऊपर का अंक विस्तार को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का अंक गिरावट का संकेत देता है. सर्वेक्षण में कहा गया कि मांग में लगातार सुधार से नए कारोबार में एक बार फिर तेज ग्रोथ दर्ज की गई. वृद्धि की रफ्तार सितंबर के सात महीने के उच्च स्तर से मामूली ही धीमी हुई और ऐतिहासिक मानकों के लिहाज से मजबूत बनी रही. अक्टूबर में भारत के विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत विस्तार जारी रहा, हालांकि उत्पादन एवं नए ऑर्डर में वृद्धि की रफ्तार कुछ कम रही.

कंपनियों में जारी रही हायरिंग
कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना और भंडार जमा करना जारी रखा, हालांकि नियुक्तियों की गति धीमी रही और कारोबारी भरोसा कमजोर हुआ. एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि भारत का विनिर्माण पीएमआई पिछले महीने के 55.1 से घटकर अक्टूबर में 54.7 पर आ गया, लेकिन यह मजबूती से विस्तार के दायरे में और अपने दीर्घकालिक औसत से ऊपर बना रहा है.

विदेशी बाजारों से जमकर मिला ऑर्डर
भंडारी ने कहा कि मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग के कारण नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई, जिससे उत्पादन में मजबूत बढ़ोतरी को समर्थन मिला. उत्पादकों ने कच्चे माल का भंडार भी आठ महीने में सबसे अधिक बढ़ाया है. उन्होंने अस्थिर वैश्विक माहौल में संभावित कमी से निपटने और उत्पादन की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए एहतियाती भंडार तैयार किया. कंपनियों ने बांग्लादेश, कनाडा, इंडोनेशिया, नेपाल, ओमान, सऊदी अरब, श्रीलंका, ब्रिटेन, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों से कारोबार में बढ़ोतरी की जानकारी दी है.

रोजगार में भी बढ़ोतरी दिखी
रोजगार के मोर्चे पर उत्पादन की अधिक जरूरत एवं काम का बोझ बढ़ने से कारखानों में लगातार दूसरे महीने रोजगार बढ़ा, हालांकि नई नौकरियां देने की रफ्तार धीमी हुई. मांग में लगातार वृद्धि के बावजूद कारोबारी भरोसा सितंबर के मुकाबले कमजोर हुआ और अपने दीर्घकालिक औसत से नीचे बना रहा. करीब 18 फीसदी विनिर्माताओं ने अगले एक साल में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई, जबकि बाकी ने तटस्थ रुख अपनाया. एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण पीएमआई का संकलन एसएंडपी ग्लोबल करती है. इसके लिए करीब 400 कंपनियों से उनकी खरीद-बिक्री के आंकड़े जुटाए जाते हैं.



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