Bharatpur: किसी की चोंच लंबी तो किसी का रंग सुनहरा, केवलादेव में आए परिंदे चौंका देंगे, तस्वीरों में देखिए दुर्लभ नजारा

Bharatpur: किसी की चोंच लंबी तो किसी का रंग सुनहरा, केवलादेव में आए परिंदे चौंका देंगे, तस्वीरों में देखिए दुर्लभ नजारा


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Keoladeo National Park Rare Birds: भरतपुर के विश्वप्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क में सर्दियों का पर्यटन सीजन शुरू हो गया है. इस दौरान पार्क में देशी-विदेशी पक्षियों के साथ कई दुर्लभ प्रवासी पक्षी भी नजर आने लगे हैं. टेम्मिंक स्टिंट, काली पूंछ वाला गॉडविट, केंटिश प्लोवर और पैसिफिक गोल्डन प्लोवर जैसे पक्षी यहां आने वाले पर्यटकों और बर्डवॉचर्स के लिए खास आकर्षण हैं. इसके अलावा राखी-मुकुट वाली चिड़िया और स्मॉल प्रैटिनकोल भी पक्षी प्रेमियों का ध्यान खींचते हैं. इन पक्षियों को देखने के लिए हर साल सर्दियों में बड़ी संख्या में पर्यटक, फोटोग्राफर और प्रकृति प्रेमी भरतपुर पहुंचते हैं.

भरतपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क में पर्यटन सीजन की शुरुआत हो चुकी है. सर्दियों का मौसम शुरू होते ही यहां देसी-विदेशी पक्षियों की चहचहाहट सुनाई देने लगती है. खास बात यह है कि इस दौरान पार्क में कई ऐसे दुर्लभ प्रवासी पक्षी भी दिखाई देते हैं. जिन्हें देखने के लिए पक्षी प्रेमी और पर्यटक दूर-दूर से भरतपुर पहुंचते हैं. आइए इन खास पक्षियों के बारे में जानते हैं.

दुर्लभ पक्षियों में टेम्मिंक स्टिंट खास आकर्षण का केंद्र है. यह छोटे आकार का सुंदर जलपक्षी दलदली इलाकों और उथले पानी के आसपास भोजन तलाशता दिखाई देता है. इसकी पतली टांगें और लंबी चोंच इसे अलग पहचान देती हैं. शांत जलक्षेत्रों में नजर आने वाला यह पक्षी प्रकृति प्रेमियों और बर्डवॉचर्स के लिए खास अनुभव होता है. इसे देखना पक्षी प्रेमियों के लिए किसी यादगार पल से कम नहीं है.

काली पूंछ वाला गॉडविट पार्क में दिखाई देने वाला आकर्षक प्रवासी पक्षी है. इसकी लंबी चोंच और ऊंची टांगें इसे दूसरी प्रजातियों से अलग पहचान देती हैं. यह उथले पानी और कीचड़ वाले इलाकों में अपनी चोंच की मदद से भोजन तलाशता है. सर्दियों के मौसम में इसकी मौजूदगी पार्क की खूबसूरती बढ़ाने के साथ पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र भी बनी रहती है.

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केवलादेव नेशनल पार्क में केंटिश प्लोवर भी खास आकर्षण का केंद्र है. यह छोटे आकार का किनारे रहने वाला पक्षी है, जो अपनी तेज चाल के लिए पहचाना जाता है. यह पानी के आसपास उथले इलाकों में भोजन तलाशता है. वहीं, राखी-मुकुट वाली चिड़िया अपनी आकर्षक बनावट और खास पहचान के कारण पक्षी प्रेमियों का ध्यान खींचती है. इन पक्षियों की मौजूदगी पार्क की जैव विविधता को खास बनाती है.

पैसिफिक गोल्डन प्लोवर अपनी खूबसूरत बनावट और सुनहरे रंग की आभा के लिए जाना जाता है. यह प्रवासी पक्षी लंबी दूरी तय करके अनुकूल मौसम और भोजन की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर पहुंचता है. इसके अलावा स्मॉल प्रैटिनकोल भी पार्क में नजर आने वाला खास पक्षी है. इसकी पहचान इसकी लंबी नुकीली पंखों वाली बनावट और कीट पकड़ने की अनोखी शैली से होती है.

इसके अलावा स्मॉल प्रैटिनकोलभी पार्क में नजर आने वाला खास पक्षी है इन दुर्लभ पक्षियों को देखने के लिए सर्दियों का मौसम सबसे खास माना जाता है. पर्यटक साइकिल रिक्शा, साइकिल और अन्य उपलब्ध सुविधाओं के माध्यम से पार्क का भ्रमण करते हुए इन पक्षियों को करीब से देख सकते हैं. हालांकि इनकी मौजूदगी मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है.

सर्दियों का मौसम केवलादेव नेशनल पार्क में पर्यटन की रौनक बढ़ा देता है. इस दौरान दुर्लभ प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी भरतपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पक्षी पर्यटन की खास पहचान दिलाती है. यही वजह है कि हर साल सर्दियों में बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पक्षी प्रेमी, फोटोग्राफर और पर्यटक यहां पहुंचते हैं. प्रवासी पक्षियों को करीब से देखने और उनकी तस्वीरें लेने का यह बेहतरीन अवसर होता है.

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