AI Job Dubai Salary: 6 महीने छिपाई बेरोजगारी, दोस्तों ने चुकाया किराया, अब दुबई में संभाल रहे हैं करोड़ों का AI प्रोजेक्ट

AI Job Dubai Salary: 6 महीने छिपाई बेरोजगारी, दोस्तों ने चुकाया किराया, अब दुबई में संभाल रहे हैं करोड़ों का AI प्रोजेक्ट


नई दिल्ली (AI Job Dubai Salary). जिंदगी कब कौन सा मोड़ ले ले, कोई नहीं जानता. कई बार हम जिन असफलताओं या मुश्किलों को करियर का सबसे बुरा दौर मानकर घबरा जाते हैं, वही असल में नए और शानदार भविष्य की शुरुआत साबित होती हैं. उत्तर प्रदेश के साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले राहुल राउत (बदला हुआ नाम) की कहानी कुछ ऐसी ही है. मनीकंट्रोल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, 31 साल के राहुल को दुबई में करीब 1.5 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज मिल रहा है.

राहुल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा प्रोजेक्ट्स से जुड़ी बड़ी कंसल्टिंग भूमिका निभा रहे हैं. उनकी सफलता सिर्फ उनकी अपनी मेहनत का नतीजा नहीं है. इसके पीछे संघर्ष की अनकही दास्तान है. उन्होंने अपने घरवालों से 6 महीने की बेरोजगारी की बात छिपाई थी. कभी L&T Infotech में महज 2.9 लाख रुपये सालाना की शुरुआती नौकरी पाने वाले राहुल को इंटरनल असेसमेंट में फेल होने के बाद नौकरी से निकाल दिया गया था. उनके परिवार में सरकारी नौकरी को ही सफलता का पैमाना माना जाता है.

घरवालों को नहीं दी लेऑफ की जानकारी

राहुल राउत के लिए नौकरी जाने का झटका बहुत बड़ा था. अगर वह घर पर सच बता देते तो परिवार वाले उन्हें वापस बुलाकर सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में झोंक देते. उस दौर में उनके पास न तो नौकरी थी और न ही भविष्य की कोई निश्चितता. लेकिन कहते हैं न कि जब अपने भी पीछे हट जाएं तो सच्चे दोस्त ही ढाल बनकर खड़े होते हैं. राहुल के जीवन में भी कुछ ऐसे ही फरिश्ते आए जिन्होंने उनके बुरे वक्त में हाथ थामा और उन्हें फर्श से अर्श तक का सफर तय करने में मदद की.

जब नौकरी छूटी और 6 महीने तक दोस्तों के सहारे कटा वक्त

राहुल के जीवन का सबसे कठिन दौर पहली नौकरी गंवाने के बाद आया. लगभग 6 महीने तक वह बिना इनकम के रहे थे. इस दौरान चेन्नई और पुणे के उनके कुछ खास दोस्तों ने उनकी बहुत मदद की. राहुल बताते हैं कि दोस्तों ने उनका किराया चुकाया, खाने का खर्च उठाया और पॉकेट मनी के लिए भी कभी मना नहीं किया. उनके दोस्तों ने उन्हें नए शहर में जाने के लिए बस का टिकट तक बुक करके दिया था. राहुल कहते हैं कि उस दौर में दोस्त साथ न देते तो शायद वह कभी IBM के लिए दोबारा आवेदन ही नहीं करते.

दुबई में मिला करोड़ों का पैकेज

नौकरी गंवाने के बाद का सफर राहुल के लिए आसान नहीं था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. दोस्त के कहने पर आईबीएम में किस्मत आजमाई. आखिरकार 14 फरवरी 2017 को उन्हें वहां से ऑफर मिल गया. वहां रहते हुए उन्होंने बिग डेटा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की. तब तक उनका वेतन 3.78 लाख रुपये सालाना था. TCS, कॉग्निजेंट, विप्रो, एयरबस और थॉटवर्क्स जैसी कंपनियों में काम करने के बाद अब दुबई में AI और डेटा प्रोजेक्ट्स संभाल रहे हैं. उनका पैकेज 1.5 करोड़ रुपये है.

युवाओं के लिए खास संदेश

राहुल राउत की स्टोरी साबित करती है कि असफलता अंत नहीं, नई शुरुआत है. युवाओं को समझना चाहिए कि करियर की शुरुआती असफलताएं या छंटनी जिंदगी का अंत नहीं होतीं, बल्कि ये आपको बेहतर और मजबूत बनने का मौका देती हैं. मुश्किल वक्त में आपका साथ देने वाले ही आपकी असली पूंजी होते हैं. राहुल की तरह अगर आपके पास भी संकट के समय साथ खड़े होने वाले दोस्त हैं तो आप किसी भी पहाड़ जैसी मुश्किल को पार कर सकते हैं.

वित्तीय तंगी हो या परिवार की उम्मीदों का दबाव, अगर आप अपने लक्ष्य पर डटे रहते हैं और सही समय पर सही फैसले लेते हैं तो सफलता जरूर मिलती है.



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